दिल्ली एनसीआर में झमाझम बारिश: क्या यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने के कारण लोग पलायन कर रहे हैं?

सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने जल भराव की समस्या उत्पन्न की है।
- यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जो खतरे का संकेत है।
- स्थानीय प्रशासन राहत शिविरों की व्यवस्था कर रहा है।
- किसानों की फसलें डूबने लगी हैं।
- आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
नोएडा, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जहां लोगों को उमस से राहत दी है, वहीं जल भराव की समस्या ने उन्हें परेशान कर दिया है। यमुना नदी का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ने लगा है। यह स्थिति हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी और निरंतर बारिश के कारण उत्पन्न हुई है, जिससे नदी का पानी तटवर्ती इलाकों में फैलने लगा है। कई खेत और फार्म हाउस अब जलमग्न हो चुके हैं, जिसके चलते लोग मजबूरन अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
कई परिवार अब सड़कों पर टेंट और अस्थाई झुग्गियां बनाकर रहने को विवश हैं। यह इस महीने में दूसरी बार है जब यमुना का जलस्तर बढ़ा है। पहले भी भारी बारिश और बैराज से पानी छोड़ने के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था।
स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और तटवर्ती गांवों के निवासियों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग की वेबसाइट पर 29 अगस्त से 3 सितंबर तक लगातार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
29 और 30 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जबकि 31 अगस्त और 1 सितंबर को मध्यम बारिश का अनुमान है। इसके बाद 2 और 3 सितंबर तक फिर से गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश और पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। किसानों की फसलें डूबने लगी हैं और उन्हें अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ रहा है।
सबसे अधिक समस्या उन परिवारों को हो रही है जिनके घर नदी किनारे स्थित हैं। निरंतर बारिश और बढ़ते जलस्तर से भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने राहत शिविर लगाए हैं, लेकिन बढ़ते पानी और बारिश से समस्याएं खत्म होने के बजाय और बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में, यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।