क्या महाराष्ट्र के लिए महागठबंधन है, मुंबई में हम अकेले लड़ेंगे चुनाव: कांग्रेस नेता अमीन पटेल?
सारांश
Key Takeaways
- फर्जी मतदाताओं की समस्या पर उठाया गया मुद्दा
- 11 लाख से अधिक मतदाताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी
- कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण जीत
- मुंबई में अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय
- राज्य चुनाव आयोग से सकारात्मक प्रतिक्रिया
मुंबई, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव से पहले फर्जी मतदाताओं के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य चुनाव आयोग के प्रमुख दिनेश टी वाघमारे से मिला। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उन्होंने दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की, जिन्हें चुनाव आयोग के प्रमुख ने स्वीकार कर लिया है।
राज्य चुनाव आयोग के प्रमुख से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता अमीन पटेल ने पत्रकारों से कहा कि एक लाख से अधिक मतों को संदेह के दायरे में रखा गया है। हमने मांग की है कि मतदाता सूची की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, इसे वेबसाइट पर साझा किया जाना चाहिए, और वार्ड में भी इसे पहुँचाना चाहिए। राज्य चुनाव आयोग के प्रमुख ने हमारी इस मांग को मान लिया है।
अमीन पटेल ने बताया कि मुंबई महानगर पालिका की वेबसाइट पर सभी 11 लाख 1,505 मतदाताओं की जानकारी साझा करने के लिए राज्य चुनाव आयोग के प्रमुख ने सहमति जताई है। इसके साथ ही, मुंबई के 24 वार्डों में एक हेल्प डेस्क स्थापित किया जाएगा ताकि उन वोटरों की गलतियाँ सुधारी जा सकें जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारा दूसरा मुद्दा यह था कि बहुत सारे वोट एक वार्ड से निकालकर दूसरे वार्ड में डाल दिए गए हैं। इसके लिए भी राज्य के मुख्य चुनाव आयोग ने महानगर पालिका को आदेश दिया है कि आपत्तियों पर सुनवाई हो और इसे सही किया जाए।
उन्होंने कहा कि हमारी वजह से 11 लाख से अधिक लोगों की जानकारी उनके पास पहुँचने वाली है। लोगों को पता चलेगा कि उनका वोट संदेह के दायरे में है या नहीं। यह कांग्रेस की एक जीत है। हमने इस समस्या का समाधान निकाला। जिन लोगों के नाम के आगे स्टार लगा हुआ है, वे या तो वार्ड में जाएं या हमारे कार्यालय में आकर इसे सही करने में सहायता लें।
वहीं, बीएमसी चुनाव में महागठबंधन के संबंध में अमीन पटेल ने कहा कि मुंबई में हम अकेले चुनाव लड़ेंगे। महागठबंधन महाराष्ट्र के लिए है।
कांग्रेस नेता असलम शेख ने कहा कि महानगरपालिका ने एक सूची जारी की, जिसमें कई वोटरों पर संदेह जताया गया, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी नहीं दी कि उनका नाम और कहाँ है। इससे लोगों को परेशानी हो रही थी। हमने इसका समाधान निकालने की मांग की।