10 अगस्त 2026
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टोनी एबॉट ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की, कहा- उन्होंने सत्ता के अहंकार से बचने में सफलता पाई

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टोनी एबॉट ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की, कहा- उन्होंने सत्ता के अहंकार से बचने में सफलता पाई

सारांश

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वे सत्ता के अहंकार से दूर रहकर एक आदर्श नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्य बातें

पीएम मोदी ने सत्ता के अहंकार से दूर रहने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
टोनी एबॉट ने रायसीना डायलॉग की वैश्विक भूमिका की सराहना की।
भारत में स्वतंत्र चुनाव और न्यायपालिका की मजबूती है।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। उन्होंने उल्लेख किया कि 10 वर्ष से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को 'सत्ता के अहंकार' से दूर रखा है।

भारत ने हाल ही में रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस संदर्भ में एबॉट ने अपनी बात रखी।

वैश्विक महत्व के इस रणनीतिक फोरम की चर्चा करते हुए, एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉगनरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। अन्य वैश्विक सम्मेलनों की तरह, यह प्रमुख राजनीतिक नेताओं, शीर्ष सैन्य कमांडरों, प्रसिद्ध व्यवसायियों, पत्रकारों और थिंक टैंक के प्रमुखों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्र करता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेज़बान सरकार की प्रशंसा का मंच नहीं है।”

एबॉट ने पीएम मोदी की नेतृत्व शैली और उनकी वैश्विक आवाज़ों को सुनने की इच्छा की सराहना की।

प्रत्येक वर्ष डायलॉग के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए, एबॉट ने कहा, “अब तक हर डायलॉग में, प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन सत्र में आकर मुख्य मेहमान को सुना है, पिछले वर्ष न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस वर्ष फिनलैंड के राष्ट्रपति, लेकिन वे स्वयं नहीं बोले।”

एबॉट ने कहा कि पीएम मोदी आज के समय के तीसरे सबसे शक्तिशाली नेता हैं। अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बाद, वह शायद दुनिया के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं, फिर भी वह नेतृत्व का अहंकार नहीं रखते और दूसरों को सुनने की कला में पारंगत हैं। एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, वह अपने युवा अनुभवों के कारण सत्ता के अहंकार से दूर रहना जानते हैं।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की इस आलोचना को खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में भारत लोकतांत्रिक नहीं रहा।

उन्होंने कहा, “जहां तक इस धारणा का सवाल है कि भाजपा के शासन में भारत किसी तानाशाही देश में बदल गया है, यह पूरी तरह बेतुकी है। जिस देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र मीडिया और मजबूत न्यायपालिका है, वहां तानाशाही का खतरा नहीं होता। और कोई भी तानाशाही ऐसी वैश्विक सम्मेलन का आयोजन नहीं करेगी जहां किसी भी मुद्दे पर चर्चा हो सके।”

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टोनी एबॉट ने पीएम मोदी की किस बात की सराहना की?
टोनी एबॉट ने पीएम मोदी की नेतृत्व शैली और सत्ता के अहंकार से दूर रहने की उनकी क्षमता की सराहना की।
रायसीना डायलॉग का महत्व क्या है?
रायसीना डायलॉग वैश्विक नेताओं और विशेषज्ञों को महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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