26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मार्च 2026 में जीएसटी संग्रह 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मार्च 2026 में जीएसटी संग्रह 8.8 प्रतिशत बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार

सारांश

मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह में 8.8% की वृद्धि हुई है, जो 2 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। यह घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और आयात से जुड़े जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी का परिणाम है। जानिए इसके पीछे के कारण और संकेत।

मुख्य बातें

मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपए के पार गया।
आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
घरेलू सामान पर जीएसटी में 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
शुद्ध जीएसटी संग्रह 1,77,990 करोड़ रुपए तक बढ़ा।
वित्त वर्ष 2025-26 में सकल जीएसटी संग्रह 22.27 लाख करोड़ रुपए रहा।

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह में 8.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ यह 2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। यह वृद्धि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और आयात से संबंधित जीएसटी संग्रह में तेजी के कारण हुई है। यह जानकारी बुधवार को सरकार द्वारा साझा की गई।

मार्च में सकल जीएसटी की कुल आय 2,00,064 करोड़ रुपए रही, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 1,83,845 करोड़ रुपए थी।

इस वृद्धि का प्रमुख कारण आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि है। वहीं, घरेलू सामान पर लगने वाले जीएसटी में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

यदि 22,074 करोड़ रुपए के रिफंड को हटा दिया जाए तो, मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 1,77,990 करोड़ रुपए हो गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सकल जीएसटी संग्रह में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 22.27 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 20.55 लाख करोड़ रुपए था। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत है।

इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध जीएसटी संग्रह (रिफंड को हटाकर) 19.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है।

इस बीच, उपकर संग्रह में महीने के दौरान भारी गिरावट आई और यह (-177) करोड़ रुपए पर आ गया, जिसका मुख्य कारण अधिक रिफंड और समायोजन थे।

विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में जीएसटी संग्रह भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि (लगभग 7 प्रतिशत) के अनुरूप मजबूत कर वृद्धि को दर्शाता है। यह बढ़ती खपत, आयात में विस्तार और बेहतर अनुपालन के बीच संबंध को रेखांकित करता है।

पिछले महीने की तरह, फरवरी में जीएसटी संग्रह में भी 9.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई और यह 1.84 लाख करोड़ रुपए हो गया।

फरवरी में संग्रह में वृद्धि का प्रमुख कारण घरेलू जीएसटी राजस्व में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि और आयात से जीएसटी राजस्व में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आगामी वित्तीय वर्ष में स्थिरता और विकास के संकेत देता है। हालांकि, उपकर संग्रह में गिरावट चिंता का विषय है, जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी संग्रह में इतनी वृद्धि का कारण क्या है?
इसकी मुख्य वजह घरेलू अर्थव्यवस्था का मजबूत होना और आयात पर लगने वाले जीएसटी में तेज वृद्धि है।
क्या जीएसटी संग्रह में वृद्धि भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगी?
हां, यह वृद्धि अर्थव्यवस्था की मजबूती और विकास का संकेत है, जो भविष्य में सकारात्मक परिणाम दे सकती है।
क्या उपकर संग्रह में गिरावट का कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा?
उपकर संग्रह में गिरावट एक चिंता का विषय है, जिसका प्रभाव वित्तीय स्थिरता पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले