नासा के हबल टेलीस्कोप ने ट्राइफिड नेबुला की अद्भुत तस्वीर साझा की, 5000 प्रकाश वर्ष दूर के ब्रह्मांड का दृश्य
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने तारों के निर्माण के क्षेत्र ट्राइफिड नेबुला की एक अद्भुत नई तस्वीर पेश की है। यह तस्वीर हबल के लॉन्च की 36वीं वर्षगांठ (24 अप्रैल) के अवसर पर जारी की गई है। यह नेबुला पृथ्वी से लगभग 5 हजार प्रकाश वर्ष की दूरी पर है और यह तारों के निर्माण और गैस-धूल के गठन का शानदार दृश्य प्रस्तुत करता है।
यह नई तस्वीर न केवल दृष्टिगत आकर्षण रखती है, बल्कि यह ब्रह्मांड में होने वाली जटिल प्रक्रियाओं की समझ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हबल का यह मिशन वैज्ञानिकों को लगातार नई जानकारी प्रदान कर रहा है और अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों को उजागर करने में सहायता कर रहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नेबुला में मौजूद शक्तिशाली तारे अपने चारों ओर की गैस और धूल को प्रभावित करते हैं। उनकी तेज हवाएं और ऊर्जा इन बादलों को धकेलती हैं, जिससे नए तारों का निर्माण होता है। हबल द्वारा ली गई यह तस्वीर इस प्रक्रिया को बारीकी से दर्शाती है, जिससे खगोलविदों को यह समझने में मदद मिलती है कि समय के साथ तारा निर्माण कैसे विकसित होता है।
इस तस्वीर में एक अनोखा दृश्य दिखाई देता है, जिसे वैज्ञानिक ‘कॉस्मिक सी लेमन’ के समान बताते हैं। यह संरचना गैस और धूल के बादलों से बनी है, जो देखने में समुद्री जीव जैसी प्रतीत होती है। इसके भीतर कई युवा तारे बन रहे हैं, जिनमें से कुछ अपने चारों ओर ऊर्जा जेट के रूप में छोड़ रहे हैं। ये जेट प्लाज्मा की धाराओं के रूप में बाहर निकलते हैं और आस-पास के वातावरण को प्रभावित करते हैं।
हबल ने पहले भी वर्ष 1997 में इस नेबुला का अवलोकन किया था। अब लगभग तीन दशकों बाद फिर से उसी क्षेत्र की तस्वीर लेकर वैज्ञानिकों को तुलना का एक अवसर मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इतने लंबे समय में इस क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं। नई तकनीक और उन्नत कैमरों की मदद से इस बार अधिक स्पष्ट और विस्तृत तस्वीर प्राप्त हुई है।
तस्वीर में विभिन्न रंग महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं। नीले रंग के हिस्से अपेक्षाकृत साफ हैं, जहां बड़े तारों की पराबैंगनी रोशनी ने गैस को आयनित कर दिया है। वहीं, गहरे भूरे और काले क्षेत्र घनी धूल का संकेत देते हैं, जहां अभी भी तारे बन रहे हैं और जो सामान्य रोशनी में दिखाई नहीं देते।
इस नेबुला में कई प्रोटोस्टार यानी नवजात तारे मौजूद हैं, जो अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। कुछ स्थानों पर जेट और गैस की धाराएं यह संकेत देती हैं कि ये तारे अपने चारों ओर ऊर्जा छोड़ रहे हैं। इससे वैज्ञानिक यह समझ पाते हैं कि नए तारे अपने वातावरण के साथ किस प्रकार प्रतिक्रिया करते हैं।
तस्वीर के एक हिस्से में घनी धूल के कारण लगभग अंधेरा दिखाई देता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यहां दिखने वाले कुछ तारे वास्तव में इस नेबुला का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब हो सकते हैं। वहीं, कुछ चमकीले नारंगी रंग के तारे ऐसे हैं, जो पूरी तरह विकसित हो चुके हैं और उन्होंने अपने चारों ओर की धूल को साफ कर दिया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले लाखों वर्षों में इस नेबुला की गैस और धूल धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी और यहां केवल तारे ही बचेंगे। हबल टेलीस्कोप की लंबी उम्र और उन्नत तकनीक के कारण इस प्रकार के अवलोकन संभव हो पाए हैं।