नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने कैद की गैलेक्सी एम-77 की 3 अद्भुत तस्वीरें, 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' ने किया हैरान

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नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप ने कैद की गैलेक्सी एम-77 की 3 अद्भुत तस्वीरें, 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' ने किया हैरान

सारांश

नासा ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से गैलेक्सी एम-77 की तीन असाधारण तस्वीरें जारी की हैं — मिड-इन्फ्रारेड, नियर-इन्फ्रारेड और दोनों का संयुक्त व्यू। इनमें 6,000 प्रकाश वर्ष लंबी बार संरचना, स्टारबर्स्ट रिंग और 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' दिखे, जो ब्रह्मांड की गहराइयों को नए नज़रिए से समझने का अवसर देते हैं।

मुख्य बातें

नासा ने 8 मई 2026 को जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से ली गई गैलेक्सी एम-77 की तीन तस्वीरें जारी कीं।
तस्वीरों में दिखे ' डिफ्रैक्शन स्पाइक्स ' गैलेक्सी की वास्तविक संरचना नहीं, बल्कि टेलीस्कोप का ऑप्टिकल प्रभाव हैं।
नियर-इन्फ्रारेड व्यू में गैलेक्सी के केंद्र में 6,000 प्रकाश वर्ष लंबी बार संरचना और ' स्टारबर्स्ट रिंग ' स्पष्ट दिखी।
वेब टेलीस्कोप में छह-प्लस-दो बिंदुओं का पैटर्न बनता है, जबकि हबल टेलीस्कोप में केवल चार बिंदुओं का।
इन तस्वीरों से ब्लैक होल की गतिविधि, नए तारों के निर्माण और गैलेक्सी संरचना को समझने में मदद मिलेगी।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की सहायता से गैलेक्सी एम-77 की तीन असाधारण तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें गैलेक्सी का केंद्र अत्यंत तीव्र चमक के साथ दिख रहा है। इन तस्वीरों में सबसे उल्लेखनीय 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' हैं — जो टेलीस्कोप की विशेष ऑप्टिकल संरचना के कारण उत्पन्न होने वाला एक दृश्य प्रभाव है, न कि गैलेक्सी की वास्तविक संरचना का हिस्सा। 8 मई 2026 को जारी इन तस्वीरों ने खगोल विज्ञान जगत में नई उत्सुकता जगा दी है।

गैलेक्सी एम-77 क्या है और यह क्यों खास है

गैलेक्सी एम-77 एक सर्पिल (स्पाइरल) गैलेक्सी है और उन गैलेक्सियों में से एक है जिनका केंद्र सक्रिय रूप से ऊर्जा उत्सर्जित करता है। इसके केंद्र में स्थित सुपरमैसिव ब्लैक होल के चारों ओर गैस अत्यंत तीव्र गति से घूमती है। इस तेज घुमाव के कारण गैस अत्यधिक गर्म हो जाती है और भारी मात्रा में ऊर्जा तथा रेडिएशन उत्सर्जित करती है, जिससे पूरी गैलेक्सी चमकती प्रतीत होती है। गौरतलब है कि ऐसी सक्रिय केंद्र वाली गैलेक्सियों का अध्ययन ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विकास को समझने के लिए वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

तीन तस्वीरों में क्या दिखा

पहली तस्वीर — मिड-इन्फ्रारेड व्यू: इसमें गैलेक्सी के केंद्र से छह बड़ी और दो छोटी चमकदार नारंगी किरणें बाहर की ओर निकलती दिख रही हैं। ये किरणें वास्तव में 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' हैं, जो वेब टेलीस्कोप की बनावट के कारण उत्पन्न होती हैं। गैलेक्सी की सर्पिल भुजाओं में नारंगी रंग के चमकते बुलबुले दिख रहे हैं जो नए बने तारों के समूह यानी स्टार क्लस्टर्स हैं, जबकि शेष हिस्सा धूल के नीले घूमते बादलों से भरा है।

दूसरी तस्वीर — नियर-इन्फ्रारेड व्यू: इसमें गैलेक्सी के केंद्र में 6,000 प्रकाश वर्ष लंबी एक 'बार संरचना' स्पष्ट रूप से दिखती है। यह बार एक चमकदार छल्ले से घिरा है जिसे 'स्टारबर्स्ट रिंग' कहा जाता है — यह छल्ला गैलेक्सी की दो सर्पिल भुजाओं के अंदरूनी सिरों से बनता है। स्टारबर्स्ट क्षेत्र वे स्थान हैं जहाँ नए तारे अत्यंत तीव्र गति से जन्म ले रहे हैं।

तीसरी तस्वीर — संयुक्त व्यू: यह मिड-इन्फ्रारेड और नियर-इन्फ्रारेड दोनों दृश्यों को मिलाकर तैयार की गई है। इसमें डिफ्रैक्शन स्पाइक्स, स्टारबर्स्ट रिंग, सर्पिल भुजाएँ और धूल के बादल — सभी एक साथ स्पष्ट रूप से नजर आते हैं, जो गैलेक्सी की संपूर्ण वैज्ञानिक और दृश्य सुंदरता को प्रस्तुत करती है।

डिफ्रैक्शन स्पाइक्स क्या होते हैं

'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' गैलेक्सी की वास्तविक संरचना नहीं, बल्कि टेलीस्कोप के ऑप्टिक्स का एक दृश्य प्रभाव है। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की विशेष बनावट के कारण चमकदार वस्तुओं के चारों ओर छह-प्लस-दो बिंदुओं वाला पैटर्न बनता है। तुलनात्मक रूप से, हबल स्पेस टेलीस्कोप में केवल चार बिंदुओं वाला पैटर्न दिखता है। यह अंतर दोनों टेलीस्कोप की दर्पण संरचनाओं की भिन्नता के कारण है।

वैज्ञानिक महत्व और आगे की संभावनाएँ

नासा के अनुसार, इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के आसपास की गतिविधि, नए तारों के निर्माण की प्रक्रिया और गैलेक्सी की समग्र संरचना को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलेगी। नासा ने इन तस्वीरों के साथ लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी ध्यान देने योग्य है कि 'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' जैसे ऑप्टिकल प्रभावों को लेकर आम जनता में भ्रम की स्थिति बनती है, जिसे वैज्ञानिक संचार में और अधिक स्पष्टता से संबोधित किया जाना चाहिए। नासा का यह कदम विज्ञान को सुलभ और आकर्षक बनाने की दिशा में सराहनीय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैलेक्सी एम-77 क्या है?
गैलेक्सी एम-77 एक सर्पिल गैलेक्सी है जिसका केंद्र अत्यंत सक्रिय है। इसके केंद्र में स्थित सुपरमैसिव ब्लैक होल के चारों ओर तेज़ गति से घूमती गैस भारी मात्रा में ऊर्जा और रेडिएशन उत्सर्जित करती है, जिससे पूरी गैलेक्सी चमकदार दिखती है।
'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' क्या होते हैं?
'डिफ्रैक्शन स्पाइक्स' गैलेक्सी की वास्तविक संरचना नहीं हैं, बल्कि टेलीस्कोप के ऑप्टिक्स के कारण उत्पन्न एक दृश्य प्रभाव है। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की विशेष दर्पण संरचना के कारण चमकदार वस्तुओं के चारों ओर छह-प्लस-दो बिंदुओं का पैटर्न बनता है।
जेम्स वेब और हबल टेलीस्कोप के डिफ्रैक्शन स्पाइक्स में क्या अंतर है?
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप में छह-प्लस-दो बिंदुओं वाला पैटर्न बनता है, जबकि हबल स्पेस टेलीस्कोप में केवल चार बिंदुओं वाला पैटर्न दिखता है। यह अंतर दोनों टेलीस्कोप की दर्पण संरचनाओं की भिन्नता के कारण है।
गैलेक्सी एम-77 की तस्वीरों का वैज्ञानिक महत्व क्या है?
इन तस्वीरों से वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के आसपास की गतिविधि, नए तारों के निर्माण की प्रक्रिया और गैलेक्सी की समग्र संरचना को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। नियर-इन्फ्रारेड व्यू में दिखी 6,000 प्रकाश वर्ष लंबी बार संरचना और स्टारबर्स्ट रिंग विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
नासा ने गैलेक्सी एम-77 की तस्वीरें कब जारी कीं?
नासा ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप से ली गई गैलेक्सी एम-77 की तीन तस्वीरें 8 मई 2026 को जारी कीं। इनमें मिड-इन्फ्रारेड व्यू, नियर-इन्फ्रारेड व्यू और दोनों का संयुक्त व्यू शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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