हबल टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड में कैद किए 'लाइटसेबर' जैसे जेट्स, HH 24 और HH 111 की नई तस्वीरें
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड की ऐसी अद्वितीय तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें प्रकाश की चमकीली किरणें हॉलीवुड फिल्म 'स्टार वॉर्स' के प्रसिद्ध 'लाइटसेबर' की भाँति दिखाई देती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से ये किरणें नवजात तारों से उत्सर्जित होने वाली ऊर्जा की शक्तिशाली धाराएँ — यानी जेट्स — हैं, जो अंतरिक्ष में गैस और धूल के बादलों से टकराकर दुर्लभ चमकीले पैटर्न बनाती हैं।
क्या हैं हरबिग-हारो ऑब्जेक्ट्स
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब नवजात तारों से निकलने वाले शक्तिशाली जेट्स अंतरिक्ष में मौजूद गैस और धूल के सघन बादलों से तीव्र गति से टकराते हैं, तो 'हरबिग-हारो ऑब्जेक्ट्स' का निर्माण होता है। ये ऑब्जेक्ट्स तारा-निर्माण प्रक्रिया के सबसे प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरणों में से एक हैं। हबल ने इस श्रेणी में एचएच 24 (HH 24) और एचएच 111 (HH 111) नामक दो विशेष ऑब्जेक्ट्स की नई और अधिक स्पष्ट तस्वीरें ली हैं।
तस्वीरों में क्या दिखा
हबल द्वारा ली गई पहली तस्वीर में अंतरिक्ष का एक बादल-भरा क्षेत्र नारंगी रंग में चमकता दिखाई देता है, जिसमें से एक जेट की रोशनी तिरछी दिशा में गुज़रती नज़र आती है। दूसरी तस्वीर में गैस और धूल की हल्की लाल धुंध के बीच काली पृष्ठभूमि पर एक तिरछा नीला फिलामेंट — यानी प्रकाश का धागा — स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यह नीला फिलामेंट ही लाइटसेबर की सबसे अधिक याद दिलाता है। धूल की मोटी परतों के बीच से निकलते ये प्रकाश-पुंज ऐसे प्रतीत होते हैं, मानो किसी योद्धा ने अंधेरे में अपनी चमकती तलवार लहराई हो।
वैज्ञानिक महत्व क्या है
वैज्ञानिकों का कहना है कि ये जेट्स तारों के विकास के शुरुआती चरण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये केवल आस-पास की गैस को प्रभावित नहीं करते, बल्कि नए तारा-निर्माण की पूरी प्रक्रिया को भी आकार देते हैं। हबल इन ऑब्जेक्ट्स को पहले भी देख चुका है, परंतु नई तस्वीरों में रंगों और विवरण की स्पष्टता पहले से बेहतर है।
युवा तारों के अध्ययन में मदद
ये तस्वीरें वैज्ञानिकों को युवा तारों की निर्माण प्रक्रिया और उनके आस-पास के वातावरण को गहराई से समझने में सहायता करती हैं। गौरतलब है कि हरबिग-हारो ऑब्जेक्ट्स का अध्ययन खगोलविदों को यह जानने में मदद करता है कि हमारा अपना सूर्य अपने शुरुआती चरण में किस प्रकार विकसित हुआ होगा। आने वाले समय में और अधिक शक्तिशाली टेलीस्कोप इन ऑब्जेक्ट्स की और भी बारीक जानकारी उजागर कर सकते हैं।