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तारे और गैलेक्सी में फर्क कैसे करें? नासा ने डिफ्रैक्शन स्पाइक्स से सुलझाई अंतरिक्ष की उलझन

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तारे और गैलेक्सी में फर्क कैसे करें? नासा ने डिफ्रैक्शन स्पाइक्स से सुलझाई अंतरिक्ष की उलझन

सारांश

नासा के हबल टेलीस्कोप ने 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित गैलेक्सी क्लस्टर की एक तस्वीर साझा कर वह सवाल सुलझाया जो हर अंतरिक्ष-प्रेमी के मन में उठता है — तारा और गैलेक्सी में फर्क कैसे करें? जवाब है डिफ्रैक्शन स्पाइक्स: तारों पर दिखने वाली नुकीली किरणें जो गैलेक्सियों पर नहीं होतीं।

मुख्य बातें

नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एमएसीएस जे1141.6-1905 गैलेक्सी क्लस्टर की तस्वीर साझा कर तारों और गैलेक्सियों में फर्क बताया।
डिफ्रैक्शन स्पाइक्स — टेलीस्कोप के मिरर-ढाँचे से रोशनी के विवर्तन से बनी नुकीली किरणें — किसी बिंदु के तारा होने की पहचान हैं।
यह गैलेक्सी क्लस्टर क्रेटर तारामंडल में स्थित है और पृथ्वी से लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर है।
हबल का आर्काइव अब 17 लाख से अधिक ऑब्जर्वेशन्स का भंडार है।
तस्वीर को नासा और ESA के सहयोग से हवाई विश्वविद्यालय के एच.
एबलिंग व नासा के जी.
कोबर ने प्रोसेस किया।

नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष की एक ऐसी तस्वीर साझा की है जो तारों और गैलेक्सियों के बीच के भ्रम को दूर करती है — और साथ में यह भी बताया कि डिफ्रैक्शन स्पाइक्स किस तरह इन दोनों की पहचान का सबसे सटीक तरीका हैं। यह तस्वीर एमएसीएस जे1141.6-1905 नामक गैलेक्सी क्लस्टर की है, जो पृथ्वी से लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर क्रेटर तारामंडल में स्थित है।

तस्वीर में क्या दिखता है

हबल द्वारा खींची गई इस छवि में चमकीले बिंदुओं की भरमार है। इनमें से लगभग हर बिंदु एक पूरी गैलेक्सी है, जिसमें लाखों से अरबों तारे समाए हुए हैं। हालाँकि, कुछ बिंदु हमारी अपनी आकाशगंगा के अपेक्षाकृत निकटवर्ती तारे भी हैं। यही कारण है कि बिना किसी संकेत के यह बताना कठिन हो जाता है कि कौन-सा बिंदु तारा है और कौन-सी गैलेक्सी।

डिफ्रैक्शन स्पाइक्स क्या होते हैं

नासा के अनुसार, जब किसी तारे की रोशनी हबल टेलीस्कोप के सेकेंडरी मिरर को थामने वाले ढाँचे के किनारों से होकर गुजरती है, तो वह डिफ्रैक्ट होकर चारों दिशाओं में नुकीली किरणों — यानी 'स्पाइक्स' — का रूप ले लेती है। ये चमकीली नुकीली रेखाएँ किसी बिंदु के तारा होने की निश्चित पहचान हैं। इसके विपरीत, गैलेक्सियों में इस तरह की स्पष्ट और सुपरिभाषित स्पाइक्स नहीं दिखतीं — वे फैली हुई, धुंधली और अनियमित आकार की दिखती हैं।

तस्वीर में पहचान का उदाहरण

तस्वीर के निचले दाहिने हिस्से में एक तारा स्पष्ट डिफ्रैक्शन स्पाइक्स के साथ चमकता दिखाई देता है। वहीं, बाईं ओर सर्पिल और अंडाकार आकार की गैलेक्सियाँ बिना किसी नुकीली किरण के फैली हुई हैं — यह अंतर नग्न आँखों से भी इस तस्वीर में महसूस किया जा सकता है।

वैज्ञानिक महत्व

एमएसीएस जे1141.6-1905 क्लस्टर का अध्ययन वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग और एक्स-किरणों में चमकने वाली गैलेक्सियों को समझने के लिए किया है। हबल ने इसे दृश्य और इन्फ्रारेड — दोनों तरंगदैर्ध्यों में कैद किया है। इस तस्वीर को हवाई विश्वविद्यालय के एच. एबलिंग और नासा के जी. कोबर ने प्रोसेस किया है। यह तस्वीर नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) के संयुक्त सहयोग से तैयार की गई है।

हबल का विशाल डेटा भंडार

हबल स्पेस टेलीस्कोप का आर्काइव आज 17 लाख से अधिक ऑब्जर्वेशन्स का खजाना बन चुका है। यह डेटा भविष्य के खगोलविदों के लिए अमूल्य संदर्भ-सामग्री का काम करता है। गौरतलब है कि हबल दशकों से ब्रह्मांड की गहराइयों को उजागर करता आ रहा है और उसकी हर नई तस्वीर खगोल विज्ञान की समझ को एक नई परत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप में ये अलग पैटर्न में होती हैं — यह सूक्ष्म अंतर आम पाठक तक नहीं पहुँचता। जैसे-जैसे JWST की तस्वीरें मुख्यधारा में आ रही हैं, 'स्पाइक्स की पहचान' की यह समझ और भी प्रासंगिक होती जाएगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिफ्रैक्शन स्पाइक्स क्या होते हैं और ये कैसे बनते हैं?
डिफ्रैक्शन स्पाइक्स वे नुकीली चमकीली किरणें हैं जो तारे के आसपास दिखती हैं जब उसकी रोशनी हबल टेलीस्कोप के सेकेंडरी मिरर को सहारा देने वाले ढाँचे के किनारों से गुजरती है और विवर्तित होती है। ये स्पाइक्स तारों की विशेष पहचान हैं; गैलेक्सियों में ये नहीं दिखतीं।
तारे और गैलेक्सी में अंतरिक्ष तस्वीरों में फर्क कैसे करें?
नासा के अनुसार, तारों पर डिफ्रैक्शन स्पाइक्स — यानी चारों ओर फैली नुकीली किरणें — दिखती हैं, जबकि गैलेक्सियाँ फैली हुई, धुंधली और अनियमित आकार की दिखती हैं। इस सरल संकेत से हबल की किसी भी तस्वीर में दोनों को अलग किया जा सकता है।
एमएसीएस जे1141.6-1905 गैलेक्सी क्लस्टर क्या है?
एमएसीएस जे1141.6-1905 एक गैलेक्सी समूह है जो क्रेटर तारामंडल में स्थित है और पृथ्वी से लगभग 4 अरब प्रकाश वर्ष दूर है। वैज्ञानिकों ने इसका अध्ययन गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग और एक्स-किरणों में चमकने वाली गैलेक्सियों को समझने के लिए किया है।
हबल स्पेस टेलीस्कोप का आर्काइव कितना बड़ा है?
हबल स्पेस टेलीस्कोप का आर्काइव अब 17 लाख से अधिक ऑब्जर्वेशन्स का संग्रह बन चुका है। यह डेटा वर्तमान और भविष्य के खगोलविदों के लिए अनुसंधान का अत्यंत मूल्यवान स्रोत है।
इस हबल तस्वीर को किसने प्रोसेस किया?
यह तस्वीर नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) के संयुक्त सहयोग से तैयार की गई है। इसे हवाई विश्वविद्यालय के एच. एबलिंग और नासा के जी. कोबर ने प्रोसेस किया है।
राष्ट्र प्रेस
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