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हबल टेलीस्कोप ने कैद किया अनोखा नज़ारा: 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर PGC 39058 गैलेक्सी को चमकीले तारे ने ढका

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हबल टेलीस्कोप ने कैद किया अनोखा नज़ारा: 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर PGC 39058 गैलेक्सी को चमकीले तारे ने ढका

सारांश

हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एक दुर्लभ खगोलीय दृश्य कैद किया है जिसमें एक निकटवर्ती चमकीला तारा, 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित बौनी गैलेक्सी PGC 39058 को लगभग ओझल कर देता है — फिर भी हबल के शक्तिशाली ACS कैमरे ने दोनों को एक ही फ्रेम में साफ दर्ज कर लिया।

मुख्य बातें

ESA के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने ड्रेको तारामंडल में स्थित बौनी गैलेक्सी PGC 39058 की एक असाधारण तस्वीर जारी की।
गैलेक्सी पृथ्वी से लगभग 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर है और एक अग्रभूमि के चमकीले तारे के कारण लगभग अदृश्य हो जाती है।
तस्वीर हबल के एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वेज (ACS) से पीले और निकट-इंफ्रारेड फिल्टर का उपयोग करके ली गई।
अग्रभूमि का तारा पृथ्वी के करीब होने के कारण अत्यंत चमकीला दिखता है, लेकिन इसे नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता ।
तस्वीर में पृष्ठभूमि में कई अन्य सुदूर आकाशगंगाएँ भी दृश्यमान हैं।

यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एक असाधारण खगोलीय दृश्य को अपने लेंस में कैद किया है, जिसमें पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट स्थित एक चमकीला तारा, 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर मौजूद बौनी गैलेक्सी PGC 39058 को लगभग ओझल कर देता दिख रहा है। यह तस्वीर ड्रेको (ड्रैगन) तारामंडल की दिशा में ली गई है और खगोलविदों के लिए दूरस्थ आकाशगंगाओं के अध्ययन की चुनौतियों को सजीव रूप से दर्शाती है।

क्या है इस तस्वीर में खास

हबल की इस छवि में अग्रभूमि में स्थित एक तारा इतनी तीव्र चमक के साथ उभरा है कि पृष्ठभूमि में मौजूद PGC 39058 गैलेक्सी की पहचान कर पाना कठिन हो जाता है। ESA के अनुसार, खगोलविदों के लिए गैलेक्सी का अध्ययन करना वैसे भी चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इस मामले में पृथ्वी और गैलेक्सी के ठीक बीच में एक अत्यंत चमकीला तारा आ जाने से कठिनाई और अधिक बढ़ गई।

इसके बावजूद हबल के शक्तिशाली ऑप्टिक्स ने दोनों — अग्रभूमि का तारा और पृष्ठभूमि की गैलेक्सी — को स्पष्टता से रिकॉर्ड कर लिया। तस्वीर में पृष्ठभूमि में और भी कई सुदूर आकाशगंगाएँ दिखाई देती हैं।

PGC 39058: एक बौनी गैलेक्सी का परिचय

PGC 39058 एक ड्वार्फ गैलेक्सी (बौनी आकाशगंगा) है, जो पृथ्वी से लगभग 14 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर ड्रेको तारामंडल में स्थित है। इसमें लाखों तारे हैं, जिनमें से कुछ अग्रभूमि के चमकीले तारे जितने ही प्रकाशमान हो सकते हैं। हालाँकि, इसके छोटे आकार और अत्यधिक दूरी के कारण यह आकाशगंगा धुंधली प्रतीत होती है।

हबल की इस छवि में PGC 39058 को उसके अलग-अलग तारों में बिखरा हुआ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है — यह क्षमता केवल हबल जैसे उन्नत अंतरिक्ष दूरबीनों के लिए ही संभव है।

हबल की तकनीक: कैसे ली गई यह तस्वीर

यह छवि हबल के एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वेज (ACS) के माध्यम से ली गई है। इसमें पीले और निकट-इंफ्रारेड फिल्टर का उपयोग किया गया, जिससे दूरस्थ गैलेक्सी के तारों की संरचना को अधिक स्पष्टता से उजागर किया जा सका। अग्रभूमि का चमकीला तारा पृथ्वी के काफी करीब होने के कारण इतना प्रकाशमान दिखता है, हालाँकि इसे नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता — इसके लिए एक छोटी दूरबीन या टेलीस्कोप आवश्यक है।

ड्रेको तारामंडल: पौराणिक पृष्ठभूमि

ड्रेको तारामंडल उत्तरी गोलार्ध के आकाश में एक विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। प्राचीन यूनानी पौराणिक कथाओं में इसे 100 सिरों वाले ड्रैगन से जोड़ा जाता है, जो सुनहरे सेबों की रखवाली करता था। खगोलीय दृष्टि से यह तारामंडल कई दिलचस्प वस्तुओं का घर है, जिनमें से PGC 39058 जैसी बौनी आकाशगंगाएँ भी शामिल हैं।

खगोल विज्ञान के लिए क्या मायने रखती है यह तस्वीर

यह दृश्य खगोलविदों को यह समझने में मदद करता है कि अग्रभूमि की वस्तुएँ दूरस्थ आकाशगंगाओं के अवलोकन को किस प्रकार प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में उन्नत इमेजिंग तकनीक और बहु-तरंगदैर्ध्य फिल्टर का उपयोग करके वैज्ञानिक उन आकाशगंगाओं का भी अध्ययन कर सकते हैं, जो सामान्यतः किसी चमकीली वस्तु की आड़ में छिपी होती हैं। आने वाले समय में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप जैसे उपकरण इस तरह के अवलोकनों को और अधिक सटीक बनाने में सक्षम होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह दर्शाता है कि उन्नत मल्टी-फिल्टर इमेजिंग तकनीक वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कितनी अपरिहार्य है। जेम्स वेब टेलीस्कोप के युग में ऐसे अवलोकन और भी सटीक होंगे, लेकिन हबल का यह योगदान याद दिलाता है कि तीन दशकों से अधिक समय बाद भी यह दूरबीन अंतरिक्ष विज्ञान की रीढ़ बनी हुई है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PGC 39058 गैलेक्सी क्या है और यह कहाँ स्थित है?
PGC 39058 एक बौनी आकाशगंगा (ड्वार्फ गैलेक्सी) है, जो पृथ्वी से लगभग 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर ड्रेको (ड्रैगन) तारामंडल में स्थित है। इसमें लाखों तारे हैं, लेकिन छोटे आकार और अत्यधिक दूरी के कारण यह धुंधली दिखती है।
हबल टेलीस्कोप ने यह तस्वीर कैसे ली?
यह छवि हबल के एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वेज (ACS) से ली गई है, जिसमें पीले और निकट-इंफ्रारेड फिल्टर का उपयोग किया गया। इस तकनीक से दूरस्थ गैलेक्सी के तारों की संरचना को अग्रभूमि के चमकीले तारे की उपस्थिति के बावजूद स्पष्ट रूप से दर्ज किया जा सका।
अग्रभूमि का तारा गैलेक्सी को क्यों ढक लेता है?
अग्रभूमि का तारा पृथ्वी के अपेक्षाकृत करीब होने के कारण अत्यंत चमकीला दिखता है, जबकि PGC 39058 गैलेक्सी 14 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर होने के कारण धुंधली है। इस कारण दोनों एक ही दृश्य क्षेत्र में होने पर तारा गैलेक्सी को लगभग ओझल कर देता है।
क्या इस तारे को नंगी आँखों से देखा जा सकता है?
नहीं, इस अग्रभूमि के तारे को नंगी आँखों से नहीं देखा जा सकता। इसे देखने के लिए एक छोटी दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता होती है।
ड्रेको तारामंडल का पौराणिक महत्व क्या है?
ड्रेको तारामंडल उत्तरी गोलार्ध के आकाश में एक विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। प्राचीन यूनानी पौराणिक कथाओं में इसे 100 सिरों वाले ड्रैगन से जोड़ा जाता है, जो सुनहरे सेबों की रखवाली करता था।
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