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क्या गुजरात में 2017 से करदाताओं की संख्या में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई?

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क्या गुजरात में 2017 से करदाताओं की संख्या में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई?

सारांश

गुजरात में जीएसटी लागू होने के बाद से करदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। यह वृद्धि न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि व्यापारियों के लिए भी नए अवसरों का निर्माण कर रही है। जानें कैसे गुजरात ने इस कर सुधार के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

मुख्य बातें

जीएसटी ने करदाताओं की संख्या में 145 प्रतिशत की वृद्धि की है।
गुजरात का जीएसटी राजस्व 1,36,748 करोड़ रुपए है।
गुजरात की करदाता वृद्धि दर 6.38 प्रतिशत है।
अनुपालन दरें उच्च हैं: 88.9% और 85.5% ।
जीएसटी ने व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाई है।

अहमदाबाद, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात सरकार के अनुसार, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद से पिछले आठ वर्षों में करदाताओं की संख्या में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सरकार ने बताया कि 2017 में 5.15 लाख से अधिक करदाता थे, जबकि अब वित्तीय वर्ष 2024-25 तक राज्य में 12.66 लाख पंजीकृत करदाता हो चुके हैं।

जीएसटी लागू होने के बाद से, गुजरात कर अनुपालन, राजस्व वृद्धि और डिजिटल एकीकरण के लिए भारत के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक बन गया है।

राज्य की कर प्रणाली में 'एक राष्ट्र, एक कर' व्यवस्था के तहत जीएसटी के लागू होने से एक बड़ा परिवर्तन आया है, जिससे न केवल अनुपालन सरल हुआ है, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिला है।

गुजरात की करदाता वृद्धि दर 6.38 प्रतिशत रही है, जो राष्ट्रीय औसत 3.86 प्रतिशत से काफी अधिक है, जो राज्य के गतिशील कारोबारी माहौल को दर्शाता है।

गुजरात का जीएसटी राजस्व 2024-25 में बढ़कर 1,36,748 करोड़ रुपए हो गया है, जो पिछले साल की तुलना में 11,579 करोड़ रुपए अधिक है। राज्य देश के घरेलू जीएसटी पूल में 8.2 प्रतिशत का योगदान देता है, जिससे यह देश में शीर्ष तीन जीएसटी योगदान देने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।

अतिरिक्त रूप से, गुजरात का स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) और इंटीग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) से राजस्व 73,200 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष से 8,752 करोड़ रुपए अधिक है।

गुजरात ने एसजीएसटी और आईजीएसटी संग्रह में 13.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 10.31 प्रतिशत से अधिक है।

राज्य ने जीएसटीआर-3बी के लिए 88.9 प्रतिशत अनुपालन और जीएसटीआर-1 के लिए 85.5 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है।

गुजरात जीएसटी केपीआई पर भी 71.69 अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा, केवल महाराष्ट्र ही इसके आगे है।

जीएसटी की सुव्यवस्थित कर संरचना ने लाखों व्यापारियों और उद्योगों के लिए व्यापार को सरल बनाया है और टैक्स के बोझ को कम कर पारदर्शिता बढ़ाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यापारियों को भी अनुकूल माहौल प्रदान करता है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी लागू होने के बाद गुजरात में करदाता संख्या कितनी बढ़ी?
जीएसटी लागू होने के बाद गुजरात में करदाता संख्या में 145 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
गुजरात का जीएसटी राजस्व 2024-25 में कितना है?
गुजरात का जीएसटी राजस्व 1,36,748 करोड़ रुपए हो गया है।
गुजरात की करदाता वृद्धि दर क्या है?
गुजरात की करदाता वृद्धि दर 6.38 प्रतिशत है।
जीएसटी से गुजरात की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है?
जीएसटी ने गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है और व्यापारियों के लिए अवसरों का निर्माण किया है।
गुजरात में अनुपालन दरें कितनी हैं?
गुजरात ने जीएसटीआर-3बी के लिए 88.9 प्रतिशत और जीएसटीआर-1 के लिए 85.5 प्रतिशत अनुपालन हासिल किया है।
राष्ट्र प्रेस
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