26 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-कोस्टा रिका के बीच पर्यावरण स्थिरता और हरित विकास पर सहयोग मजबूत, सैन होजे में हुई अहम बैठकें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-कोस्टा रिका के बीच पर्यावरण स्थिरता और हरित विकास पर सहयोग मजबूत, सैन होजे में हुई अहम बैठकें

सारांश

भारत और कोस्टा रिका के बीच सैन होजे में हुई कई उच्च स्तरीय बैठकों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी — पर्यावरणीय स्थिरता, हरित विकास और छात्रवृत्ति सहयोग पर सहमति बनी। यह कूटनीतिक सक्रियता भारत की लैटिन अमेरिका में बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति का हिस्सा है।

मुख्य बातें

कार्यवाहक राजदूत आकाश शर्मा ने 26 अगस्त 2026 को सैन होजे में कोस्टा रिका के कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
बैठकों में पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास को प्राथमिकता दी गई।
कोस्टा रिका के पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय की अधिकारी गैब्रिएला मोरा आर्से से सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
छात्रवृत्ति विभाग प्रमुख कैरोलिना फर्नांडीज अल्वारेज के साथ भारतीय छात्रवृत्तियों की समीक्षा और जागरूकता बढ़ाने पर सहमति बनी।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग निदेशक राजदूत सर्जियो विनोकोर फोर्नीरी से द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने पर विचार-विमर्श हुआ।
भारत की ओर से मार्च 2019 में उपराष्ट्रपति की यात्रा के बाद से दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।

भारत और कोस्टा रिका ने 26 अगस्त 2026 को सैन होजे में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने के लिए कई उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें पर्यावरणीय स्थिरता, हरित विकास और क्षमता निर्माण को केंद्र में रखा गया। कोस्टा रिका में भारत के कार्यवाहक राजदूत आकाश शर्मा ने कोस्टा रिकन अधिकारियों की एक श्रृंखला से मुलाकात की, जो दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है।

पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय से चर्चा

कार्यवाहक राजदूत आकाश शर्मा ने कोस्टा रिका के पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रभाग की अधिकारी गैब्रिएला मोरा आर्से से भेंट की। दोनों पक्षों ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में सहयोग के नए रास्तों पर विचार-विमर्श किया। पनामा, निकारागुआ और कोस्टा रिका में स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि 'दोनों पक्षों ने सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार साझा किए, जिसमें पर्यावरणीय स्थिरता और हरित विकास को विशेष महत्व दिया गया।'

छात्रवृत्ति और क्षमता निर्माण पर समीक्षा

शर्मा ने कोस्टा रिका के विदेश मंत्रालय में छात्रवृत्ति विभाग की प्रमुख कैरोलिना फर्नांडीज अल्वारेज से भी मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बैठक में यह समीक्षा की गई कि भारत की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्तियों से कोस्टा रिकन पेशेवरों को किस प्रकार लाभ मिल रहा है। साथ ही, इन क्षमता निर्माण अवसरों के बारे में व्यापक जागरूकता फैलाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।

द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा

मंगलवार को आकाश शर्मा ने कोस्टा रिका के विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सहयोग निदेशक राजदूत सर्जियो विनोकोर फोर्नीरी से मुलाकात की। दूतावास ने एक्स पर साझा किए गए पोस्ट में बताया कि 'बातचीत का केंद्र चल रहे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा, आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान और भारत-कोस्टा रिका संबंधों को और गहरा बनाना रहा।' दोनों पक्षों ने उन क्षेत्रों को चिह्नित करने पर जोर दिया जहाँ दोनों देशों के हित और प्राथमिकताएँ समान हैं।

भारत-कोस्टा रिका संबंधों की पृष्ठभूमि

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत और कोस्टा रिका के बीच दीर्घकालिक सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जिन्हें बढ़ते व्यापारिक सहयोग से और बल मिला है। मार्च 2019 में भारत के उपराष्ट्रपति की सैन होजे यात्रा — जो भारत की ओर से पहली उच्च स्तरीय यात्रा थी — के बाद से दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार विस्तारित हुआ है।

आगे की राह

यह कूटनीतिक सक्रियता ऐसे समय में आई है जब भारत लैटिन अमेरिकी देशों के साथ अपने हरित और सतत विकास साझेदारियों को व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। गौरतलब है कि कोस्टा रिका नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी देश माना जाता है, जो इस साझेदारी को भारत के अपने हरित ऊर्जा लक्ष्यों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका रणनीतिक संदर्भ गहरा है — कोस्टा रिका नवीकरणीय ऊर्जा में वैश्विक अग्रणी है और भारत के 2070 के नेट-ज़ीरो लक्ष्य के लिए एक मॉडल साझेदार बन सकता है। हरित विकास पर सहमति के ठोस परिणाम तभी सामने आएंगे जब इन वार्ताओं को समयबद्ध कार्ययोजनाओं में बदला जाए। छात्रवृत्ति सहयोग की समीक्षा एक सकारात्मक कदम है, लेकिन लैटिन अमेरिका में भारत की दीर्घकालिक उपस्थिति के लिए इससे कहीं बड़े संस्थागत ढाँचे की जरूरत होगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और कोस्टा रिका के बीच हाल की बैठकों में क्या तय हुआ?
26 अगस्त 2026 को सैन होजे में हुई बैठकों में पर्यावरणीय स्थिरता, हरित विकास और भारतीय छात्रवृत्तियों के विस्तार पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी। कार्यवाहक राजदूत आकाश शर्मा ने कोस्टा रिका के पर्यावरण मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकातें कीं।
भारत-कोस्टा रिका संबंधों की शुरुआत कब से हुई?
भारत और कोस्टा रिका के बीच दीर्घकालिक मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं। मार्च 2019 में भारत के उपराष्ट्रपति की सैन होजे यात्रा — जो पहली उच्च स्तरीय यात्रा थी — के बाद से बहुपक्षीय मंचों, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और संस्कृति में सहयोग तेज हुआ है।
भारत कोस्टा रिका को छात्रवृत्तियाँ क्यों देता है?
भारत की छात्रवृत्ति कार्यक्रम कोस्टा रिकन पेशेवरों को क्षमता निर्माण के अवसर प्रदान करते हैं, जो दोनों देशों के बीच मानव संसाधन विकास और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का एक माध्यम है। हाल की बैठक में इन छात्रवृत्तियों के प्रभाव की समीक्षा और उनकी जागरूकता बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कोस्टा रिका के साथ हरित विकास सहयोग भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
कोस्टा रिका नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण में विश्व में अग्रणी देशों में से एक है। भारत के अपने हरित ऊर्जा और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों के मद्देनजर यह साझेदारी अनुभव और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए रणनीतिक रूप से उपयोगी है।
इन बैठकों में कौन-कौन से कोस्टा रिकन अधिकारी शामिल थे?
बैठकों में पर्यावरण और ऊर्जा मंत्रालय की अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रभाग की अधिकारी गैब्रिएला मोरा आर्से, छात्रवृत्ति विभाग की प्रमुख कैरोलिना फर्नांडीज अल्वारेज और अंतरराष्ट्रीय सहयोग निदेशक राजदूत सर्जियो विनोकोर फोर्नीरी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले