भारतीय राजदूत अमित नारंग ने स्लोवेनियाई विदेश मंत्री टोने काजर से की मुलाकात, द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत करने पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारत के राजदूत अमित नारंग ने 2 जुलाई 2026 को लुब्लियाना में स्लोवेनिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री टोने काजर से मुलाकात की। इस बैठक में भारत-स्लोवेनिया द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊँचाई देने और आपसी हित के क्षेत्रों में साझेदारी को ठोस रूप देने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
लुब्लियाना स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत नारंग ने इस अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भेजा गया बधाई संदेश भी मंत्री काजर को सौंपा। दूतावास के अनुसार, बैठक में दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद गर्मजोशी भरे संबंधों को आगे बढ़ाकर एक मजबूत और परस्पर लाभकारी साझेदारी बनाने के लिए ठोस कदमों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
पिछले महीने की राजनयिक सक्रियता
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संपर्क में उल्लेखनीय तेज़ी आई है। पिछले महीने भारत सरकार में सचिव (पश्चिम) और राजदूत सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में स्लोवेनिया के दूतावास में आयोजित उस देश के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राजदूत जॉर्ज ने इस अवसर पर भारत-स्लोवेनिया के दीर्घकालिक संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में स्लोवेनिया के निरंतर समर्थन की भी सराहना की।
जयशंकर और मोदी की बधाई — कूटनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले महीने टोने काजर के स्लोवेनिया का विदेश मंत्री बनने पर उन्हें बधाई दी थी और साथ मिलकर काम करने की इच्छा व्यक्त की थी। जयशंकर ने एक्स पर लिखा था, "स्लोवेनिया के विदेश मंत्री नियुक्त होने पर टोने काजर को हार्दिक बधाई। मैं उनके साथ मिलकर काम करने का इंतजार कर रहा हूँ।" इससे पहले मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनेज जानसा को स्लोवेनिया का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई देते हुए दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
आम जनता और व्यापार पर असर
भारत और स्लोवेनिया के बीच बढ़ती राजनयिक सक्रियता व्यापार, प्रौद्योगिकी और शिक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है। स्लोवेनिया यूरोपीय संघ का सदस्य है, और दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी भारत के यूरोपीय बाज़ारों तक पहुँच को और सुगम बना सकती है।
आगे क्या
इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान और उन पर ठोस कार्ययोजना तैयार होने की उम्मीद है। राजदूत अमित नारंग की यह मुलाकात भारत-स्लोवेनिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।