भारत-स्लोवाकिया व्यापक साझेदारी: नई दिल्ली में उच्चस्तरीय दौरों की तैयारी पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारत और स्लोवाकिया ने 23 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में अपनी व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी में हो रही प्रगति और आगामी उच्चस्तरीय दौरों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक विदेश मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव पूजा कपूर और भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन के बीच संपन्न हुई।
बैठक में क्या हुआ
बैठक के बाद राजदूत मैक्सियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'भारत के विदेश मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव पूजा कपूर से मिलकर बहुत अच्छा लगा। भारत-स्लोवाकिया व्यापक साझेदारी में लगातार हो रही बढ़ोतरी और दोनों तरफ से आने वाले उच्चस्तरीय दौरे की तैयारियों पर अच्छी और आगे की सोच वाली चर्चा हुई। बेहतरीन संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।'
जयशंकर-ब्लानार मुलाकात और यूएनएससी समर्थन
14 जुलाई को न्यूयॉर्क में स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अस्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी को आधिकारिक समर्थन दिया।
राजदूत मैक्सियन ने इस बैठक को 'बहुत प्रोडक्टिव' बताते हुए कहा कि दोनों मंत्रियों ने स्लोवाकिया की वी4 प्रेसीडेंसी और वी4+इंडिया फॉर्मेट की तैयारियों, प्रभावी बहुपक्षवाद, यूएनएससी में सुधार और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग को लेकर गहन विचार-विमर्श किया।
आपसी समर्थन की कूटनीतिक अहमियत
राजदूत मैक्सियन ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'स्लोवाकिया ने यूएनएससी की अस्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी को आधिकारिक समर्थन दिया, जबकि भारत ने पहले स्लोवाकिया की उम्मीदवारी को समर्थन दिया था। यह आपसी समर्थन गहरे भरोसे, पूर्ण साझेदारी और दोनों देशों के संबंधों की बेहतरीन गुणवत्ता को दर्शाता है।'
गौरतलब है कि यह पारस्परिक समर्थन उस समय आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क तेज़ी से बढ़ रहे हैं और वैश्विक मंचों पर सहयोग की नई परतें जुड़ रही हैं।
मोदी का स्लोवाकिया दौरा: पृष्ठभूमि
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय दौरे पर गए थे। ब्रातिस्लावा में उन्होंने स्लोवाकियाई प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरे पर स्लोवाकिया ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास) प्रदान किया — जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का ठोस प्रमाण है।
आगे क्या
दोनों पक्षों की ओर से उच्चस्तरीय दौरों की तैयारियाँ जारी हैं और वी4+इंडिया फॉर्मेट के तहत सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियों को व्यापक बनाने पर ज़ोर दे रहा है।