यूएनएससी में भारत की दावेदारी को स्लोवाकिया का समर्थन, जयशंकर-ब्लानार मुलाकात में बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और स्लोवाकिया के विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार के बीच 14 जुलाई को न्यूयॉर्क में हुई द्विपक्षीय बैठक में स्लोवाकिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी का औपचारिक समर्थन दोहराया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब विदेश मंत्री जयशंकर यूएनएससी की अस्थायी सीट के लिए भारत का वैश्विक अभियान तेज़ कर रहे हैं।
बैठक में क्या हुआ
भारत में स्लोवाकिया के राजदूत रॉबर्ट मैक्सियन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक को 'अत्यंत सार्थक' बताया। उनके अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-स्लोवाकिया के बीच मज़बूत होती रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। चर्चा के प्रमुख विषयों में स्लोवाकिया की वी4 अध्यक्षता, वी4+इंडिया प्रारूप की तैयारियाँ, प्रभावी बहुपक्षवाद, यूएनएससी में सुधार और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियाँ शामिल रहीं।
मैक्सियन ने यह भी रेखांकित किया कि यह समर्थन परस्पर है — भारत पहले ही स्लोवाकिया की उम्मीदवारी का समर्थन कर चुका है। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच 'गहरे विश्वास और उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक' बताया।
जयशंकर का वैश्विक अभियान
विदेश मंत्री जयशंकर ने 2028-29 के कार्यकाल के लिए यूएनएससी की अस्थायी सदस्यता हेतु भारत के अभियान की आधिकारिक शुरुआत करते हुए एक अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, प्रभावी और भविष्य के अनुरूप वैश्विक व्यवस्था के लिए भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। गौरतलब है कि भारत इससे पहले 2021-22 में भी यूएनएससी का अस्थायी सदस्य रह चुका है और स्थायी सदस्यता के लिए भी दशकों से प्रयासरत है।
राजदूत स्तर पर भी सक्रियता
स्लोवाकिया में भारत की राजदूत अपूर्वा श्रीवास्तव ने 8 जुलाई को ब्रातिस्लावा में मंत्री ब्लानार से विदाई मुलाकात की और द्विपक्षीय साझेदारी को और मज़बूत बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। स्लोवाकिया स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया कि राजदूत ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए मंत्री ब्लानार का आभार व्यक्त किया और भविष्य में दोनों देशों के संबंधों के और गहरे होने का भरोसा जताया।
मोदी के स्लोवाकिया दौरे की पृष्ठभूमि
यह कूटनीतिक सक्रियता उस पृष्ठभूमि में और महत्वपूर्ण हो जाती है जब पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के दो दिवसीय सरकारी दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से ब्रातिस्लावा के प्रेसिडेंशियल पैलेस में मुलाकात की थी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपनी कूटनीतिक साझेदारी को व्यापक रूप से मज़बूत कर रहा है।
आगे क्या
भारत-स्लोवाकिया के बीच परस्पर समर्थन और वी4+इंडिया प्रारूप की तैयारियाँ संकेत देती हैं कि दोनों देशों के बीच बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग और गहरा होगा। यूएनएससी की अस्थायी सीट के लिए 2026 में होने वाले चुनाव से पहले भारत का वैश्विक समर्थन जुटाने का अभियान जारी रहेगा।