5 सितंबर 2026
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स्लोवेनिया के नए विदेश मंत्री टोन काइजर को जयशंकर की बधाई, भारत-स्लोवेनिया संबंध और मजबूत होंगे

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स्लोवेनिया के नए विदेश मंत्री टोन काइजर को जयशंकर की बधाई, भारत-स्लोवेनिया संबंध और मजबूत होंगे

सारांश

भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने स्लोवेनिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री टोन काइजर को बधाई दी। 30 वर्षों के कूटनीतिक अनुभव वाले काइजर ने PM जनेज यांसा की नई दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार में पद संभाला है। 1992 से चले आ रहे भारत-स्लोवेनिया संबंध अब प्रौद्योगिकी और नवाचार तक विस्तारित हो चुके हैं।

मुख्य बातें

जयशंकर ने एक्स पर टोन काइजर को स्लोवेनिया का नया विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी।
टोन काइजर ने गुरुवार शाम पद की शपथ ली; संसद ने सप्ताह की शुरुआत में नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
काइजर के पास कूटनीतिक सेवा में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव; 1995 में विदेश मंत्रालय में करियर शुरू किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनेज यांसा को स्लोवेनिया का PM चुने जाने पर बधाई दी थी।
22 मई 2026 को 90 सदस्यीय स्लोवेनियाई संसद ने 51 वोटों से यांसा को उनके चौथे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री चुना।
भारत-स्लोवेनिया के बीच राजनयिक संबंध 1992 से हैं; अब नवाचार, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी तक विस्तारित।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार, 7 जून 2026 को टोन काइजर को स्लोवेनिया का नया विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी और उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। काइजर ने गुरुवार शाम आधिकारिक रूप से पद की शपथ ली, जिससे प्रधानमंत्री जनेज यांसा के नेतृत्व वाली नई दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार की कैबिनेट पूरी हुई।

जयशंकर का संदेश और भारत की कूटनीतिक पहल

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'स्लोवेनिया गणराज्य के विदेश मंत्री नियुक्त होने पर टोन काइजर को हार्दिक बधाई। उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।' यह संदेश भारत की उस सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें नव-निर्वाचित या नव-नियुक्त विदेशी नेताओं के साथ तत्काल संपर्क स्थापित करने को प्राथमिकता दी जाती है।

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनेज यांसा को स्लोवेनिया का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी थी। मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और आपसी लाभ के लिए भारत-स्लोवेनिया संबंधों को और मजबूत बनाने हेतु वह यांसा के साथ काम करने के इच्छुक हैं।

टोन काइजर: तीन दशकों का कूटनीतिक अनुभव

टोन काइजर कोई नए चेहरे नहीं हैं — उनके पास कूटनीतिक सेवा में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 1995 में स्लोवेनिया के विदेश मंत्रालय में अपना करियर शुरू किया था। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने अमेरिका में स्लोवेनिया के राजदूत सहित कई महत्वपूर्ण राजनयिक पदों पर काम किया।

काइजर ने अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग, यूरोपीय संघ से जुड़े मामलों और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में अहम जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। इसके अलावा उन्होंने क्रोएशिया के साथ लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर भी कार्य किया है।

स्लोवेनिया में नई सरकार का गठन

22 मई 2026 को स्लोवेनिया की 90 सदस्यीय राष्ट्रीय विधानसभा ने गुप्त मतदान के जरिए जनेज यांसा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया। उन्हें 51 वोटों का समर्थन मिला। यह उनका चौथा प्रधानमंत्री कार्यकाल है। गौरतलब है कि उनकी पार्टी स्लोवेनियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीएस) मार्च में हुए चुनावों में मामूली अंतर से बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन गठबंधन के जरिए सरकार बनाने में सफल रही।

संसद की मंजूरी के बाद काइजर की नियुक्ति को भी सप्ताह की शुरुआत में औपचारिक स्वीकृति मिली और गुरुवार शाम शपथ के साथ नई कैबिनेट पूरी तरह कार्यशील हो गई।

भारत-स्लोवेनिया संबंध: साझा मूल्यों की नींव

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और स्लोवेनिया के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण, मैत्रीपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे हैं। दोनों देशों के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी पर आधारित हैं।

1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से यह साझेदारी पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर नवाचार, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने में सक्रिय है।

आगे की राह

काइजर के नेतृत्व में स्लोवेनिया की विदेश नीति में यूरोपीय संघ और नाटो के साथ संतुलन बनाए रखते हुए भारत जैसे उभरते साझेदारों के साथ संबंध गहरे करने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच अगले कूटनीतिक संवाद की दिशा काइजर के शुरुआती कदमों से तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यांसा सरकार की दक्षिणपंथी झुकाव वाली विदेश नीति भारत के साथ व्यावहारिक सहयोग के लिए नई जमीन तैयार कर सकती है। काइजर का अमेरिका में राजदूत रहने का अनुभव और EU मामलों में विशेषज्ञता भारत के लिए एक परिचित और सक्षम वार्ताकार की उपलब्धता सुनिश्चित करती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह कूटनीतिक गर्मजोशी व्यापार, प्रौद्योगिकी और बहुपक्षीय मंचों पर ठोस नतीजों में बदल पाती है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टोन काइजर कौन हैं और वे स्लोवेनिया के विदेश मंत्री कैसे बने?
टोन काइजर एक पूर्व राजनयिक हैं जिनके पास कूटनीतिक सेवा में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 1995 में स्लोवेनिया के विदेश मंत्रालय में करियर शुरू किया और अमेरिका में स्लोवेनिया के राजदूत भी रहे। संसद की मंजूरी के बाद गुरुवार शाम उन्होंने PM जनेज यांसा की नई गठबंधन सरकार में विदेश मंत्री पद की शपथ ली।
जयशंकर ने टोन काइजर को बधाई क्यों दी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने काइजर के स्लोवेनिया का विदेश मंत्री नियुक्त होने पर एक्स पर बधाई संदेश पोस्ट किया और उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। यह भारत की उस कूटनीतिक परंपरा का हिस्सा है जिसमें नव-नियुक्त विदेशी नेताओं के साथ तत्काल और सकारात्मक संपर्क स्थापित किया जाता है।
जनेज यांसा चौथी बार स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री कैसे बने?
22 मई 2026 को स्लोवेनिया की 90 सदस्यीय राष्ट्रीय विधानसभा ने गुप्त मतदान में 51 वोटों के समर्थन से जनेज यांसा को प्रधानमंत्री चुना। उनकी पार्टी स्लोवेनियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीएस) मार्च के चुनावों में मामूली अंतर से बहुमत नहीं पा सकी थी, लेकिन गठबंधन के जरिए सरकार बनाने में सफल रही।
भारत और स्लोवेनिया के बीच संबंध कैसे हैं?
भारत और स्लोवेनिया के बीच 1992 से राजनयिक संबंध हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी पर आधारित हैं। यह साझेदारी अब नवाचार, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी जैसे आधुनिक क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है।
काइजर के नेतृत्व में भारत-स्लोवेनिया संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
काइजर का EU मामलों और अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग में व्यापक अनुभव भारत के साथ संबंधों को नई दिशा दे सकता है। दोनों देशों के बीच अगले कूटनीतिक संवाद की दिशा काइजर के शुरुआती कदमों से स्पष्ट होगी, खासकर प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में।
राष्ट्र प्रेस
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