स्लोवेनिया के नए विदेश मंत्री टोन काइजर को जयशंकर की बधाई, भारत-स्लोवेनिया संबंध और मजबूत होंगे
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार, 7 जून 2026 को टोन काइजर को स्लोवेनिया का नया विदेश मंत्री नियुक्त होने पर बधाई दी और उनके साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई। काइजर ने गुरुवार शाम आधिकारिक रूप से पद की शपथ ली, जिससे प्रधानमंत्री जनेज यांसा के नेतृत्व वाली नई दक्षिणपंथी गठबंधन सरकार की कैबिनेट पूरी हुई।
जयशंकर का संदेश और भारत की कूटनीतिक पहल
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'स्लोवेनिया गणराज्य के विदेश मंत्री नियुक्त होने पर टोन काइजर को हार्दिक बधाई। उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं।' यह संदेश भारत की उस सक्रिय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें नव-निर्वाचित या नव-नियुक्त विदेशी नेताओं के साथ तत्काल संपर्क स्थापित करने को प्राथमिकता दी जाती है।
इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनेज यांसा को स्लोवेनिया का प्रधानमंत्री चुने जाने पर बधाई दी थी। मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और आपसी लाभ के लिए भारत-स्लोवेनिया संबंधों को और मजबूत बनाने हेतु वह यांसा के साथ काम करने के इच्छुक हैं।
टोन काइजर: तीन दशकों का कूटनीतिक अनुभव
टोन काइजर कोई नए चेहरे नहीं हैं — उनके पास कूटनीतिक सेवा में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने 1995 में स्लोवेनिया के विदेश मंत्रालय में अपना करियर शुरू किया था। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने अमेरिका में स्लोवेनिया के राजदूत सहित कई महत्वपूर्ण राजनयिक पदों पर काम किया।
काइजर ने अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग, यूरोपीय संघ से जुड़े मामलों और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में अहम जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। इसके अलावा उन्होंने क्रोएशिया के साथ लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर भी कार्य किया है।
स्लोवेनिया में नई सरकार का गठन
22 मई 2026 को स्लोवेनिया की 90 सदस्यीय राष्ट्रीय विधानसभा ने गुप्त मतदान के जरिए जनेज यांसा को प्रधानमंत्री नियुक्त किया। उन्हें 51 वोटों का समर्थन मिला। यह उनका चौथा प्रधानमंत्री कार्यकाल है। गौरतलब है कि उनकी पार्टी स्लोवेनियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एसडीएस) मार्च में हुए चुनावों में मामूली अंतर से बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी, लेकिन गठबंधन के जरिए सरकार बनाने में सफल रही।
संसद की मंजूरी के बाद काइजर की नियुक्ति को भी सप्ताह की शुरुआत में औपचारिक स्वीकृति मिली और गुरुवार शाम शपथ के साथ नई कैबिनेट पूरी तरह कार्यशील हो गई।
भारत-स्लोवेनिया संबंध: साझा मूल्यों की नींव
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और स्लोवेनिया के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण, मैत्रीपूर्ण और तेजी से विकसित हो रहे हैं। दोनों देशों के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय साझेदारी पर आधारित हैं।
1992 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से यह साझेदारी पारंपरिक कूटनीति से आगे बढ़कर नवाचार, लॉजिस्टिक्स और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देने में सक्रिय है।
आगे की राह
काइजर के नेतृत्व में स्लोवेनिया की विदेश नीति में यूरोपीय संघ और नाटो के साथ संतुलन बनाए रखते हुए भारत जैसे उभरते साझेदारों के साथ संबंध गहरे करने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच अगले कूटनीतिक संवाद की दिशा काइजर के शुरुआती कदमों से तय होगी।