17 जुलाई 2026
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जयशंकर का छह देशों का दौरा संपन्न, ज्यूरिख ट्रांजिट में राजदूत मृदुल कुमार से मिले; भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों पर चर्चा

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जयशंकर का छह देशों का दौरा संपन्न, ज्यूरिख ट्रांजिट में राजदूत मृदुल कुमार से मिले; भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों पर चर्चा

सारांश

छह देशों के व्यापक दौरे के समापन पर विदेश मंत्री जयशंकर ने ज्यूरिख ट्रांजिट में राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की और भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों की समीक्षा की। ब्रुसेल्स में पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग ने दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक नज़दीकी को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 16 जुलाई 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की।
जयशंकर कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम — छह देशों के दौरे के बाद नई दिल्ली लौट रहे थे।
ब्रुसेल्स में पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग की सह-अध्यक्षता जयशंकर और बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने की।
बातचीत में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, सप्लाई चेन और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई।
EU की इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से 'होराइजन यूरोप' और हरित ऊर्जा तकनीक पर भी संवाद हुआ।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 16 जुलाई 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। जयशंकर कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम के सफल छह-देशीय दौरे के बाद नई दिल्ली लौट रहे थे। इस संक्षिप्त मुलाकात में राजदूत ने उन्हें भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ती उच्च-स्तरीय कूटनीतिक गतिविधियों से अवगत कराया।

ज्यूरिख में क्या हुआ

स्विट्जरलैंड में भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत मृदुल कुमार ने ज्यूरिख एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर राजदूत ने जयशंकर को भारत-स्विट्जरलैंड के रिश्तों में हालिया प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ती उच्च-स्तरीय मुलाकातों की जानकारी दी।

ब्रुसेल्स में ऐतिहासिक इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग

दौरे के अंतिम पड़ाव पर बुधवार को ब्रुसेल्स में पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग का आयोजन हुआ, जिसकी सह-अध्यक्षता जयशंकर और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने की। इस बैठक में राजनीति, अर्थव्यवस्था, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और दवा उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। बंदरगाह, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को अधिक मज़बूत एवं सुरक्षित बनाने के नए अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में बेल्जियम और यूरोपीय संघ में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई अहम घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज ब्रुसेल्स में बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट के साथ पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। आज की बातचीत से भारत, बेल्जियम और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी को और आगे बढ़ाने की हमारी इच्छा साफ दिखाई दी।'

यूरोपीय संघ के साथ तकनीक और इनोवेशन पर संवाद

इसी दौरे में जयशंकर ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) की स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा तकनीकों, इनोवेशन हब, स्टार्टअप्स तथा 'होराइजन यूरोप' कार्यक्रम से जुड़ने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रौद्योगिकी साझेदारी को नई गति देने के प्रयास जारी हैं।

व्यापक कूटनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह दौरा भारत की बहु-आयामी विदेश नीति का हिस्सा है, जिसमें खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी यूरोप तक सक्रिय कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा जा रहा है। कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे में जहाँ ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे, वहीं अमेरिका और बेल्जियम में रणनीतिक एवं तकनीकी साझेदारी पर ज़ोर दिया गया। आगे आने वाले समय में भारत-स्विट्जरलैंड और भारत-बेल्जियम संबंधों में और प्रगति की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अमेरिका में रणनीतिक संतुलन, और यूरोप में तकनीक व व्यापार। पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग का आयोजन संकेत देता है कि भारत अब छोटे लेकिन तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण यूरोपीय देशों के साथ संस्थागत संवाद ढाँचे बना रहा है। हालाँकि ज्यूरिख की संक्षिप्त ट्रांजिट-मुलाकात प्रतीकात्मक अधिक है, यह भारत-स्विट्जरलैंड के बीच उच्च-स्तरीय संपर्क की निरंतरता को रेखांकित करती है, जो EFTA व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर ने ज्यूरिख में किससे और क्यों मुलाकात की?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 16 जुलाई 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। इस दौरान राजदूत ने उन्हें भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति और बढ़ती उच्च-स्तरीय कूटनीतिक गतिविधियों से अवगत कराया।
जयशंकर के छह देशों के दौरे में कौन-से देश शामिल थे?
जयशंकर ने कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम का दौरा किया। ज्यूरिख में रुकना इस दौरे का ट्रांजिट पड़ाव था, जहाँ से वे नई दिल्ली लौटे।
पहला इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग क्या है और इसमें क्या हुआ?
यह भारत और बेल्जियम के बीच पहली बार आयोजित उच्च-स्तरीय रणनीतिक वार्ता थी, जो ब्रुसेल्स में संपन्न हुई। इसमें रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, निवेश, सेमीकंडक्टर, सप्लाई चेन, दवा उद्योग और पश्चिम एशिया जैसे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने यूरोपीय संघ के किस अधिकारी से मुलाकात की और किस विषय पर?
जयशंकर ने ब्रुसेल्स में EU की स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से मुलाकात की। दोनों ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा तकनीकों, इनोवेशन हब, स्टार्टअप्स और 'होराइजन यूरोप' कार्यक्रम से जुड़ने के अवसरों पर चर्चा की।
भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों में हाल की स्थिति क्या है?
भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय मुलाकातें बढ़ रही हैं और द्विपक्षीय संबंधों में हाल के महीनों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। यह संपर्क EFTA व्यापार समझौते की पृष्ठभूमि में विशेष महत्व रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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