जयशंकर का छह देशों का दौरा संपन्न, ज्यूरिख ट्रांजिट में राजदूत मृदुल कुमार से मिले; भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 16 जुलाई 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ट्रांजिट के दौरान स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत मृदुल कुमार से मुलाकात की। जयशंकर कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, अमेरिका और बेल्जियम के सफल छह-देशीय दौरे के बाद नई दिल्ली लौट रहे थे। इस संक्षिप्त मुलाकात में राजदूत ने उन्हें भारत-स्विट्जरलैंड द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ती उच्च-स्तरीय कूटनीतिक गतिविधियों से अवगत कराया।
ज्यूरिख में क्या हुआ
स्विट्जरलैंड में भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत मृदुल कुमार ने ज्यूरिख एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर राजदूत ने जयशंकर को भारत-स्विट्जरलैंड के रिश्तों में हालिया प्रगति और दोनों देशों के बीच बढ़ती उच्च-स्तरीय मुलाकातों की जानकारी दी।
ब्रुसेल्स में ऐतिहासिक इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग
दौरे के अंतिम पड़ाव पर बुधवार को ब्रुसेल्स में पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग का आयोजन हुआ, जिसकी सह-अध्यक्षता जयशंकर और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट ने की। इस बैठक में राजनीति, अर्थव्यवस्था, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, मोबिलिटी और दवा उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग की व्यापक समीक्षा की गई। बंदरगाह, समुद्री क्षेत्र, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को अधिक मज़बूत एवं सुरक्षित बनाने के नए अवसरों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बेल्जियम और यूरोपीय संघ में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई अहम घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया।
बैठक के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आज ब्रुसेल्स में बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट के साथ पहले इंडिया-बेल्जियम स्ट्रेटेजिक डायलॉग की सह-अध्यक्षता की। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं। आज की बातचीत से भारत, बेल्जियम और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी को और आगे बढ़ाने की हमारी इच्छा साफ दिखाई दी।'
यूरोपीय संघ के साथ तकनीक और इनोवेशन पर संवाद
इसी दौरे में जयशंकर ने ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ (EU) की स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन कमिश्नर एकातेरिना जहारिएवा से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने स्वच्छ और हरित ऊर्जा तकनीकों, इनोवेशन हब, स्टार्टअप्स तथा 'होराइजन यूरोप' कार्यक्रम से जुड़ने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रौद्योगिकी साझेदारी को नई गति देने के प्रयास जारी हैं।
व्यापक कूटनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह दौरा भारत की बहु-आयामी विदेश नीति का हिस्सा है, जिसमें खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी यूरोप तक सक्रिय कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा जा रहा है। कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे में जहाँ ऊर्जा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे, वहीं अमेरिका और बेल्जियम में रणनीतिक एवं तकनीकी साझेदारी पर ज़ोर दिया गया। आगे आने वाले समय में भारत-स्विट्जरलैंड और भारत-बेल्जियम संबंधों में और प्रगति की उम्मीद है।