25 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-कुवैत संबंध मजबूत: राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वाणिज्य मंत्री से की मुलाकात, खाद्य सुरक्षा पर विशेष चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-कुवैत संबंध मजबूत: राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वाणिज्य मंत्री से की मुलाकात, खाद्य सुरक्षा पर विशेष चर्चा

सारांश

भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कुवैत के वाणिज्य मंत्री से मिलकर खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन पर सहयोग की रूपरेखा तय की — यह बैठक विदेश मंत्री जयशंकर की हालिया कुवैत यात्रा के बाद भारत-कुवैत रणनीतिक साझेदारी को ज़मीनी स्तर पर आगे बढ़ाने की कड़ी है।

मुख्य बातें

भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद अब्दुल्ला बोदाई से मुलाकात की।
बैठक में खाद्य सुरक्षा, सप्लाई चेन, व्यापार और उद्योग सहयोग पर विशेष चर्चा हुई।
पिछले महीने विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने कुवैत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस से अलग-अलग मुलाकातें कीं।
जयशंकर की बैठकों में ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, निवेश और समुद्री सुरक्षा पर द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा हुई।
कुवैत में 10 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी हैं, जो इस साझेदारी को रणनीतिक और मानवीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।

कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 24 अगस्त 2025 को कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद अब्दुल्ला बोदाई से मुलाकात की और व्यापार, उद्योग, आर्थिक सहयोग तथा खाद्य सुरक्षा एवं सप्लाई चेन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की जानकारी साझा की।

बैठक में क्या हुई चर्चा

राजदूत परमिता त्रिपाठी और मंत्री बोदाई के बीच हुई इस बैठक में भारत और कुवैत के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा में विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को प्राथमिकता दी गई — ऐसे समय में जब खाड़ी क्षेत्र में खाद्य आपूर्ति की विविधता एक रणनीतिक जरूरत बन चुकी है।

गौरतलब है कि भारत कुवैत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और कुवैत में 10 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो इस द्विपक्षीय संबंध को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय धरातल पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।

जयशंकर की कुवैत यात्रा का संदर्भ

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पिछले महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत की उच्चस्तरीय यात्रा की थी। उस दौरान उन्होंने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा से मुलाकात कर भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए समर्थन पर आभार व्यक्त किया और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता का स्वागत किया।

जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा से भी बैठक की, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, "खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष और उसके असर पर चर्चा की। भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए आभार जताया। भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।"

रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर भी संवाद

विदेश मंत्री जयशंकर की कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबा के साथ बैठक में रक्षा उद्योग सहयोग और समुद्री सुरक्षा प्रमुख विषय रहे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हिंद महासागर और अरब सागर में समुद्री सुरक्षा एक क्षेत्रीय प्राथमिकता बनती जा रही है।

क्राउन प्रिंस से मुलाकात और रणनीतिक साझेदारी

विदेश मंत्री जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबा से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता की गहराई से सराहना करता हूं।"

यह श्रृंखलाबद्ध कूटनीतिक संवाद भारत की 'गल्फ आउटरीच' रणनीति का हिस्सा है — राजदूत स्तर की यह ताज़ा बैठक उसी दिशा में एक और ठोस कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय महत्वपूर्ण है — विदेश मंत्री जयशंकर की कुवैत यात्रा के तुरंत बाद खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन पर ध्यान केंद्रित करना बताता है कि भारत खाड़ी देशों के साथ संबंधों को महज ऊर्जा-केंद्रित कूटनीति से आगे ले जाना चाहता है। कुवैत के लिए खाद्य आयात एक रणनीतिक संवेदनशीलता है, और भारत इस अंतर को भरने की स्थिति में है — यह साझेदारी दोनों के लिए परस्पर लाभकारी हो सकती है। हालांकि, ऐसी बैठकों के बाद ठोस समझौतों और निवेश प्रवाह में तब्दील होने की गति अक्सर धीमी रही है, और इस बार भी यही परीक्षा होगी।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजदूत परमिता त्रिपाठी और कुवैत के वाणिज्य मंत्री की बैठक में क्या हुआ?
भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद अब्दुल्ला बोदाई से मुलाकात कर व्यापार, उद्योग, आर्थिक सहयोग और विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा एवं सप्लाई चेन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।
भारत और कुवैत के बीच खाद्य सुरक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
कुवैत अपनी अधिकांश खाद्य जरूरतें आयात से पूरी करता है, जिससे खाद्य सुरक्षा उसकी रणनीतिक प्राथमिकता है। भारत एक प्रमुख कृषि निर्यातक देश है और कुवैत की सप्लाई चेन को विविध व स्थिर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विदेश मंत्री जयशंकर की कुवैत यात्रा में कौन-से विषय उठाए गए थे?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत की अपनी यात्रा में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने कुवैत के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और क्राउन प्रिंस से अलग-अलग बैठकें कीं।
कुवैत में भारतीय समुदाय की स्थिति क्या है?
कुवैत में 10 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो वहाँ के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने कुवैत के नेताओं से मुलाकात में भारतीय समुदाय की भलाई और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
भारत-कुवैत रणनीतिक साझेदारी का भविष्य क्या है?
हाल की कूटनीतिक गतिविधियाँ — विदेश मंत्री की उच्चस्तरीय यात्रा और उसके बाद राजदूत स्तर की बैठकें — संकेत देती हैं कि दोनों देश अपनी साझेदारी को ऊर्जा से आगे बढ़ाकर रक्षा, तकनीक और खाद्य सुरक्षा तक विस्तारित करने की दिशा में सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले