भारत-कुवैत संबंध मजबूत: राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वाणिज्य मंत्री से की मुलाकात, खाद्य सुरक्षा पर विशेष चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 24 अगस्त 2025 को कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद अब्दुल्ला बोदाई से मुलाकात की और व्यापार, उद्योग, आर्थिक सहयोग तथा खाद्य सुरक्षा एवं सप्लाई चेन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की जानकारी साझा की।
बैठक में क्या हुई चर्चा
राजदूत परमिता त्रिपाठी और मंत्री बोदाई के बीच हुई इस बैठक में भारत और कुवैत के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा में विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को प्राथमिकता दी गई — ऐसे समय में जब खाड़ी क्षेत्र में खाद्य आपूर्ति की विविधता एक रणनीतिक जरूरत बन चुकी है।
गौरतलब है कि भारत कुवैत का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और कुवैत में 10 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं, जो इस द्विपक्षीय संबंध को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय धरातल पर भी महत्वपूर्ण बनाता है।
जयशंकर की कुवैत यात्रा का संदर्भ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पिछले महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत की उच्चस्तरीय यात्रा की थी। उस दौरान उन्होंने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा से मुलाकात कर भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए समर्थन पर आभार व्यक्त किया और मजबूत द्विपक्षीय सहयोग की दिशा में उनकी प्रतिबद्धता का स्वागत किया।
जयशंकर ने कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा से भी बैठक की, जिसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा हुई। बैठक के बाद विदेश मंत्री ने एक्स पर लिखा, "खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष और उसके असर पर चर्चा की। भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए आभार जताया। भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।"
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर भी संवाद
विदेश मंत्री जयशंकर की कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबा के साथ बैठक में रक्षा उद्योग सहयोग और समुद्री सुरक्षा प्रमुख विषय रहे। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब हिंद महासागर और अरब सागर में समुद्री सुरक्षा एक क्षेत्रीय प्राथमिकता बनती जा रही है।
क्राउन प्रिंस से मुलाकात और रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्री जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबा से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और खाड़ी क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता की गहराई से सराहना करता हूं।"
यह श्रृंखलाबद्ध कूटनीतिक संवाद भारत की 'गल्फ आउटरीच' रणनीति का हिस्सा है — राजदूत स्तर की यह ताज़ा बैठक उसी दिशा में एक और ठोस कदम है।