भारतीय राजदूत का कुवैत एयरवेज चेयरमैन से बैठक: उड़ानों के पुनः संचालन पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- उड़ानों का पुनः संचालन भारतीय नागरिकों के लिए प्राथमिकता है।
- कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा दूतावास की प्राथमिकता है।
- भारत सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण से निर्देश जारी किए हैं।
- अस्थायी लैंडिंग अनुमति का प्रावधान किया गया है।
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कुवैत में वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थिति के संदर्भ में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कुवैत एयरवेज के चेयरमैन कैप्टन अब्दुलमोहसेन एस अलफगान से महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उड़ानों के पुनः संचालन और भारतीय समुदाय की सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई।
राजदूत परमिता त्रिपाठी ने रविवार को कैप्टन अब्दुलमोहसेन एस अलफगान से मुलाकात की। यह संवाद मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और कुवैत के हवाई क्षेत्र के लगातार बंद रहने के मद्देनजर एयरलाइन कंपनियों के साथ समन्वय का एक हिस्सा था।
इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य कुवैत एयरवेज की उड़ानों को फिर से प्रारंभ करना था, ताकि कुवैत में निवास करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा को सुगम बनाया जा सके।
राजदूत ने बताया कि कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और भलाई दूतावास की प्राथमिकता है।
खाड़ी में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न असाधारण परिस्थिति का संज्ञान लेते हुए, भारत सरकार ने मानवता के आधार पर विदेशी नागरिकों की सहायता के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।
इन निर्देशों में वीजा विस्तार, जुर्माने में छूट, निकास अनुमति, नियमों के पालन में छूट और अस्थायी लैंडिंग अनुमति जैसी सुविधाएँ शामिल हैं, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित और निर्बाध रूप से भारत में रहने और यात्रा करने में सहायता मिल सके।
सभी श्रेणी के वीजा, जिसमें ई-वीजा भी शामिल हैं, जिनकी वैधता शीघ्र समाप्त हो रही है, उन्हें एक महीने के लिए बिना शुल्क के बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते संबंधित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की मंजूरी प्राप्त हो।
अतिरिक्त रूप से, अधिक समय तक रुके रहने पर जुर्माने में छूट भी प्रदान की गई है। प्रभावित विदेशी नागरिक जो 28 फरवरी 2026 के बाद भारत में निर्धारित समय से अधिक रुके हुए हैं, उन पर लगे जुर्माने को माफ किया जाएगा।
इसके अलावा, प्रभावित विदेशी नागरिकों को बिना शुल्क के निकास अनुमति जारी की जाएगी। इन असाधारण परिस्थितियों में निकास अनुमति या वीजा विस्तार प्राप्त न कर पाने को आव्रजन नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
इन निर्देशों में अस्थायी लैंडिंग अनुमति (टीएलपी) भी शामिल है, जिसके अंतर्गत उड़ानों का मार्ग बदलने के कारण भारत पहुंचने वाले विदेशी नागरिकों को बिना शुल्क के अस्थायी लैंडिंग अनुमति प्रदान की जाएगी।