कुवैत के हमले में भारतीय कर्मी की हत्या: राजदूत परमिता त्रिपाठी का महत्वपूर्ण दौरा
सारांश
Key Takeaways
- कुवैत में भारतीय कर्मी की हत्या
- ईरान के हमले की निंदा
- भारतीय दूतावास की सक्रियता
- परिवार को सहायता
- कुवैती प्रशासन के साथ समन्वय
कुवैत सिटी, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कुवैत के एक डिसेलिनेशन संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु के संबंध में भारतीय दूतावास ने सक्रिय कदम उठाए हैं। कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने सोमवार को सेंट्रल मॉर्चरी का दौरा किया, जहां मृतक का पार्थिव शरीर रखा गया था। इस दौरान उन्होंने घटना की जानकारी ली और स्थानीय अधिकारियों से बातचीत की।
राजदूत ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई और सहयोग के लिए कुवैत के जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल एविडेंस के जनरल मैनेजर ब्रिगेडियर अब्दुलरहीम अल-अवधी से मुलाकात की। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई तत्परता और मानवीय सहयोग की सराहना की। यह बातचीत दोनों देशों के बीच समन्वय को मजबूत करने और आवश्यक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीय दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए कुवैती प्रशासन के साथ सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि परिवार को इस कठिन समय में कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़े।
कुवैत सरकार ने भारतीय कर्मी की मौत पर सोमवार एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि तड़के ईरान द्वारा किए गए हमले में कुवैत के एक बिजली और जल विलवणीकरण (डिसेलिनेशन) संयंत्र पर काम कर रहे भारतीय कर्मचारी की मृत्यु हुई।
कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पुष्टि की कि ईरान के हमले में संयंत्र की एक इमारत को भी नुकसान पहुंचा और खाड़ी देश के खिलाफ "ईरानी आक्रमण" की कड़ी निंदा की।
मंत्रालय ने अरबी में कहा- "इस हमले में एक कर्मचारी (भारतीय नागरिक) की मृत्यु हुई और भवन को क्षति पहुंची।"
फिलहाल, भारतीय दूतावास इस मामले पर करीबी नजर रखे हुए है और हर स्तर पर सहायता सुनिश्चित करने में जुटा है, ताकि मृतक के परिजनों को जल्द न्याय और राहत मिल सके।