ग्रेटर नोएडा दहेज मौत: चचिया ससुर विनोद गिरफ्तार, अब तक तीन आरोपी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में 17 मई 2026 को विवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से जुड़े दहेज उत्पीड़न मामले में पुलिस ने 20 मई 2026 को तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की है। मृतका के चचिया ससुर विनोद पुत्र जयचंद, निवासी जलपुरा, को लोकल इंटेलिजेंस की मदद से हिरासत में लिया गया। इससे पहले 18 मई को ससुर मनोज और पति ऋतिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
मामले का पूरा घटनाक्रम
17 मई 2026 को थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना ईकोटेक तृतीय में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने तत्काल जाँच के लिए कई टीमें गठित कीं।
परिजनों के अनुसार, दीपिका की शादी लगभग 14 महीने पहले जलपुरा गाँव के ऋतिक से हुई थी। परिवार का दावा है कि शादी में लगभग ₹1 करोड़ खर्च किए गए थे, जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार भी शामिल थी। परिवार का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की माँग कर रहा था।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा
दीपिका नागर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई बाहरी और आंतरिक चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्तिष्क के मध्य और बाईं ओर के हिस्सों में हेमेटोमा (खून का थक्का) और हेमोरेज (रक्तस्राव) पाया गया।
बाहरी चोटों में चेहरे पर सूजन, बाईं कोहनी और बाईं कलाई पर चोटें, पीठ और पेट के निचले हिस्से में घाव, दाईं जाँघ पर नीला दबाव का निशान, तथा बाईं घुटने के जोड़ पर हड्डी तक गहरा घाव शामिल हैं। रिपोर्ट में बाईं कान से रक्तस्राव और छाती व पेट के बाईं ओर गहरे खरोंच के निशान भी दर्ज हैं। इसके अलावा, तिल्ली का फटना भी पाया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के नतीजों का मिलान परिवार के आरोपों से किया जाएगा ताकि मौत की वास्तविक प्रकृति निर्धारित की जा सके। गौरतलब है कि परिवार इसे दहेज हत्या बता रहा है, जबकि प्रारंभिक पुलिस जाँच में यह दहेज उत्पीड़न से उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी विनोद के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। इससे पहले 18 मई को ससुर मनोज और पति ऋतिक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जाँच पूरी गंभीरता से की जा रही है। शेष वांछित आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला गौतमबुद्धनगर जिले में दहेज उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।