ग्रेटर नोएडा दहेज मौत: चचिया ससुर विनोद गिरफ्तार, अब तक तीन आरोपी हिरासत में

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ग्रेटर नोएडा दहेज मौत: चचिया ससुर विनोद गिरफ्तार, अब तक तीन आरोपी हिरासत में

सारांश

ग्रेटर नोएडा में विवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने तीन दिन में तीन गिरफ्तारियाँ कीं। पोस्टमॉर्टम में गंभीर आंतरिक चोटें मिली हैं — परिवार हत्या का आरोप लगा रहा है, पुलिस उत्पीड़न-जनित आत्महत्या की जाँच कर रही है।

मुख्य बातें

20 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दहेज मौत मामले में चचिया ससुर विनोद पुत्र जयचंद को गिरफ्तार किया।
इससे पहले 18 मई को ससुर मनोज और पति ऋतिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था — अब तक कुल तीन आरोपी हिरासत में।
मृतका दीपिका नागर की मौत 17 मई 2026 को थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मस्तिष्क में हेमेटोमा, तिल्ली का फटना और शरीर पर कई बाहरी-आंतरिक चोटें दर्ज।
परिवार का आरोप — शादी में ₹1 करोड़ से अधिक खर्च के बावजूद ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज माँग रहा था।
शेष वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं।

ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में 17 मई 2026 को विवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत से जुड़े दहेज उत्पीड़न मामले में पुलिस ने 20 मई 2026 को तीसरी बड़ी गिरफ्तारी की है। मृतका के चचिया ससुर विनोद पुत्र जयचंद, निवासी जलपुरा, को लोकल इंटेलिजेंस की मदद से हिरासत में लिया गया। इससे पहले 18 मई को ससुर मनोज और पति ऋतिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।

मामले का पूरा घटनाक्रम

17 मई 2026 को थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना ईकोटेक तृतीय में मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने तत्काल जाँच के लिए कई टीमें गठित कीं।

परिजनों के अनुसार, दीपिका की शादी लगभग 14 महीने पहले जलपुरा गाँव के ऋतिक से हुई थी। परिवार का दावा है कि शादी में लगभग ₹1 करोड़ खर्च किए गए थे, जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार भी शामिल थी। परिवार का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष लगातार अतिरिक्त दहेज की माँग कर रहा था।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा

दीपिका नागर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई बाहरी और आंतरिक चोटों का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्तिष्क के मध्य और बाईं ओर के हिस्सों में हेमेटोमा (खून का थक्का) और हेमोरेज (रक्तस्राव) पाया गया।

बाहरी चोटों में चेहरे पर सूजन, बाईं कोहनी और बाईं कलाई पर चोटें, पीठ और पेट के निचले हिस्से में घाव, दाईं जाँघ पर नीला दबाव का निशान, तथा बाईं घुटने के जोड़ पर हड्डी तक गहरा घाव शामिल हैं। रिपोर्ट में बाईं कान से रक्तस्राव और छाती व पेट के बाईं ओर गहरे खरोंच के निशान भी दर्ज हैं। इसके अलावा, तिल्ली का फटना भी पाया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के नतीजों का मिलान परिवार के आरोपों से किया जाएगा ताकि मौत की वास्तविक प्रकृति निर्धारित की जा सके। गौरतलब है कि परिवार इसे दहेज हत्या बता रहा है, जबकि प्रारंभिक पुलिस जाँच में यह दहेज उत्पीड़न से उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।

आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी विनोद के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। इससे पहले 18 मई को ससुर मनोज और पति ऋतिक को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की जाँच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जाँच पूरी गंभीरता से की जा रही है। शेष वांछित आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला गौतमबुद्धनगर जिले में दहेज उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आया है, जो पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह विरोधाभास सामाजिक वास्तविकता को उजागर करता है। पोस्टमॉर्टम में मस्तिष्क में हेमेटोमा और तिल्ली के फटने जैसी गंभीर चोटें 'आत्महत्या बनाम हत्या' की बहस को और जटिल बनाती हैं — अंतिम सच्चाई फोरेंसिक साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगी। तीन दिन में तीन गिरफ्तारियाँ पुलिस की त्वरित कार्रवाई दर्शाती हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि आरोप-पत्र कितना मज़बूत बनता है और न्याय कितनी जल्दी मिलता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा दहेज मौत मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं — मृतका के पति ऋतिक, ससुर मनोज (दोनों 18 मई को), और चचिया ससुर विनोद पुत्र जयचंद (20 मई 2026 को)। शेष वांछित आरोपियों की तलाश जारी है।
दीपिका नागर की मौत कब और कैसे हुई?
दीपिका नागर की मौत 17 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक तृतीय क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। परिवार इसे दहेज हत्या बता रहा है, जबकि प्रारंभिक पुलिस जाँच में यह दहेज उत्पीड़न से उपजे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दीपिका के शरीर पर कई गंभीर बाहरी और आंतरिक चोटें मिली हैं, जिनमें मस्तिष्क में हेमेटोमा व हेमोरेज, तिल्ली का फटना, चेहरे पर सूजन, घुटने पर हड्डी तक गहरा घाव और बाईं कान से रक्तस्राव शामिल हैं। पुलिस इन नतीजों का मिलान परिवार के आरोपों से कर रही है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। मामले में अन्य संबंधित धाराओं के तहत भी जाँच जारी है।
मृतका के परिवार ने दहेज के संदर्भ में क्या आरोप लगाए हैं?
परिवार का आरोप है कि दीपिका की शादी में लगभग ₹1 करोड़ खर्च किए गए थे, जिसमें एक फॉर्च्यूनर कार भी शामिल थी। इसके बावजूद ससुराल पक्ष विवाह के बाद से लगातार अतिरिक्त दहेज की माँग कर रहा था और मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न कर रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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