नवी मुंबई एपीएमसी घूसखोरी: एसीबी ने उपसचिव समेत दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
नवी मुंबई के एपीएमसी (मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति) कार्यालय में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 20 मई को एक ठेकेदार से घूस वसूलने के आरोप में दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में एपीएमसी के उपसचिव शरद आवटे और उनके द्वारा भेजे गए समीर म्हात्रे शामिल हैं। यह कार्रवाई एसीबी द्वारा सुनियोजित जाल बिछाकर की गई।
मामले का पूरा घटनाक्रम
शिकायतकर्ता एक ठेकेदार है जिसे एपीएमसी में वार्षिक रखरखाव कार्यों का ठेका मिला हुआ था। आरोप है कि संबंधित बिल की राशि जारी करने के बदले उससे बिल की शेष राशि पर 15 प्रतिशत कमीशन के रूप में लगभग ₹1 लाख 46 हजार की घूस माँगी गई। बाद में बातचीत के दौरान यह राशि घटाकर ₹1 लाख 40 हजार कर दी गई।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी के उप अधीक्षक धर्मराज सोनके के नेतृत्व में टीम ने मामले की जाँच शुरू की और जाल बिछाया। मंगलवार को समीर म्हात्रे को उनके केबिन में घूस स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया और तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
उपसचिव की भूमिका उजागर
जाँच में सामने आया कि उपसचिव शरद आवटे ने ही समीर म्हात्रे को घूस लेने के लिए भेजा था। इस खुलासे के बाद एसीबी ने शरद आवटे को भी हिरासत में ले लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
एपीएमसी कार्यालय में हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद एपीएमसी कार्यालय में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक स्तर पर भी इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आगे ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।
जाँच का दायरा बढ़ने की संभावना
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि इस घूसखोरी के नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हो सकते हैं। जाँच एजेंसियों का स्पष्ट कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मामले की आगे की जाँच जारी है।