दीपिका नागर मौत मामला: पड़ोसी का खुलासा — घटना से एक घंटे पहले घर में थे पिता, माँ बोलीं '8 महीने से प्रताड़ना'
सारांश
मुख्य बातें
ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र स्थित जलपुरा गाँव में नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत का मामला गहराता जा रहा है। ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया गया है। अब एक पड़ोसी के बयान ने जाँच को नया मोड़ दे दिया है — उसका कहना है कि 19 मई को घटना से ठीक एक घंटे पहले दीपिका के पिता और रिश्तेदार ससुराल में मौजूद थे।
पड़ोसी गुलजार चौधरी का बयान
ससुराल के पड़ोसी गुलजार चौधरी ने बताया कि अचानक शोर सुनकर वे घर से बाहर निकले, तो नीचे दीपिका गिरी हुई दिखाई दी। ऋतिक नाम का लड़का दौड़ते हुए वहाँ पहुँचा और उसने अस्पताल ले जाने में मदद माँगी। गुलजार के अनुसार उन्होंने दीपिका को गाड़ी में रखने में सहायता की, जिसके बाद मनोज और ऋतिक उसे अस्पताल लेकर गए।
गुलजार ने आगे बताया कि अस्पताल में जब डॉक्टरों ने चोट का कारण पूछा, तो मनोज ने कहा कि दीपिका छत से कूद गई। इस पर पुलिस केस की बात उठी। इलाज के दौरान दीपिका के मायके के लोग भी पहुँच गए, लेकिन इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
घटना से पहले पिता की मौजूदगी का दावा
गुलजार चौधरी के अनुसार यह घटना लगभग दोपहर 12:30 बजे की है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले उन्होंने दीपिका के पिता को ससुराल में देखा था और उस दौरान मनोज तथा कुछ अन्य रिश्तेदार भी वहाँ मौजूद थे। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि पुलिस जाँच में परिवार के सदस्यों की उपस्थिति और घटनाक्रम का सटीक समय महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकता है।
पड़ोसी की नज़र में परिवार का व्यवहार
गुलजार ने बताया कि मनोज दीपिका के लिए एक स्कूल भी बनवा रहे थे, क्योंकि दीपिका पढ़ी-लिखी थी जबकि ऋतिक और मनोज उतने शिक्षित नहीं हैं। उनके अनुसार पिछले दो वर्षों में उन्होंने कभी कोई घरेलू विवाद नहीं देखा और ऋतिक शांत स्वभाव का है। उन्होंने कहा, 'दो साल से हमने दीपिका को कभी बिना घूँघट के नहीं देखा, ना ही कोई लड़ाई देखी।'
माँ का आरोप: आठ महीने से चल रही थी प्रताड़ना
दीपिका की माँ सरोज नागर ने बताया कि उन्हें रात करीब एक बजे सूचना मिली कि उनकी बेटी छत से गिर गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने यह नहीं बताया कि वह कैसे गिरी। सरोज ने कहा, 'जब हमने पूछा कि हमारी बेटी कैसे गिरी, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वे पिछले आठ महीनों से हमारी बेटी को प्रताड़ित कर रहे थे।' यह आरोप अभी तक पुलिस की जाँच का विषय है।
आगे की जाँच
ईकोटेक-3 पुलिस मामले की जाँच कर रही है। दहेज हत्या के आरोप की पुष्टि या खंडन के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयान निर्णायक होंगे। पड़ोसी के इस नए बयान के बाद जाँच का दायरा बढ़ने की संभावना है। यह देखना अहम होगा कि पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और सभी पक्षों की उपस्थिति को किस तरह सत्यापित करती है।