नाशिक के 'बाबा' अशोक खरात को 26 मई तक ईडी हिरासत, शिव अवतार बताकर ₹5 करोड़ से अधिक की ठगी का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नाशिक के कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार कर 20 मई को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया। अदालत ने खरात को 26 मई तक — यानी 7 दिनों की — ईडी हिरासत में भेज दिया। ईडी के अनुसार, खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर एक शिकायतकर्ता से ही ₹5 करोड़ से अधिक की राशि वसूली।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान जज ने अशोक खरात से पूछा कि क्या वे पुलिस पर कोई आरोप लगाना चाहते हैं, जिस पर खरात ने सिर हिलाकर इनकार किया। जज ने आगे पूछा, 'आप पर लगे आरोप समझते हैं?' खरात ने जवाब दिया कि जगदंबा पतसंस्था के मैनेजर ने उनसे पूछा था कि पैसे का क्या करना है, और उन्होंने 9 प्रतिशत ब्याज पाने के लिए बैंक में पैसा जमा किया। जब जज ने पूछा कि सभी ने उन्हें ही नॉमिनी क्यों बनाया, तो खरात ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
ठगी और धन के दुरुपयोग के आरोप
ईडी के अनुसार, खरात ने शिव भक्तों को आध्यात्मिक इलाज और समस्याओं का समाधान बताकर भारी रकम वसूली। जांच में सामने आया कि आरोपी ने धोखे से प्राप्त धन से लग्जरी कारें खरीदीं, फार्महाउस लिया और विदेश यात्राएँ कीं। आरोप है कि शिकायतकर्ता के पैसों से मर्सिडीज बेंज कार खरीदी गई और लोन चुकाने के बाद कार पर कब्जा कर लिया गया। शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का भी दुरुपयोग किए जाने का आरोप है। इसके अलावा, रियल एस्टेट के नाम पर भी ₹2.5 करोड़ की वसूली की गई।
60 बैंक खाते और ₹23.87 करोड़ की नकद निकासी
ईडी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात ने 60 बैंक खाते खोले, जिनमें वह स्वयं लाभार्थी और नॉमिनी था। इन खातों से कुल ₹23.87 करोड़ नकद निकाले गए। बैंक ऑफ बड़ौदा में भी उनके नाम पर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ बताया जा रहा है। जांच एजेंसी अब इस नकदी के स्रोत और उपयोग की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य पीड़ित
ईडी ने अदालत को बताया कि अशोक खरात पर पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें इसी तरह की धोखाधड़ी और उगाही के मामले शामिल हैं। हर्षद नाम के एक व्यक्ति से भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कुल कितने लोगों को ठगा गया और धन का असली मालिक कौन है।
आगे की जांच
ईडी की टीम खरात की संपत्तियों, बैंक खातों और संभावित सहयोगियों की भी छानबीन कर रही है। नाशिक में खरात लंबे समय से 'बाबा' के रूप में सक्रिय था और शिव भक्तों को निशाना बनाता था। जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।