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अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी ने प्रभात चाकणकर से 8 घंटे की पूछताछ, 4 बैंक खाते जांच के दायरे में

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अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी ने प्रभात चाकणकर से 8 घंटे की पूछताछ, 4 बैंक खाते जांच के दायरे में

सारांश

ईडी ने NCP नेता रूपाली चाकणकर की बहन प्रभात चाकणकर से 8 घंटे तक पूछताछ की — स्वयंभू बाबा अशोक खरात के कथित 134 से अधिक फर्जी खातों के नेटवर्क की जांच के तहत। नासिक की एक सहकारी संस्था में ₹40 लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन और बेटे तनमय को भी तलब किए जाने से यह मामला और पेचीदा होता जा रहा है।

मुख्य बातें

ईडी ने 4 मई को प्रभात चाकणकर से मुंबई में करीब 8 घंटे तक पूछताछ की।
जांच स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े PMLA मामले के तहत की गई।
प्रभात और उनके बेटे तनमय चाकणकर के नाम पर नासिक की समता नागरी सहकारी पतसंस्था में 4 बैंक खाते चिह्नित।
2021 में खाते में ₹26 लाख जमा, 2024 में मैच्योरिटी पर ₹40 लाख से अधिक निकाले गए।
यह मामला 134 से अधिक कथित फर्जी प्रॉक्सी खातों के बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।
प्रभात चाकणकर ने किसी भी भूमिका से इनकार किया; दावा किया कि धार्मिक यात्रा में दी गई आधार-पैन जानकारी का दुरुपयोग हुआ।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 4 मई को मुंबई स्थित अपने कार्यालय में प्रभात चाकणकर से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। प्रभात चाकणकर, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता रूपाली चाकणकर की बहन हैं।

समन और पूछताछ का ब्यौरा

सूत्रों के अनुसार, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रभात चाकणकर को समन जारी किया था, जिसके बाद वे एजेंसी के समक्ष पेश हुईं। पूछताछ के दौरान ईडी ने उनके सामने ₹40 लाख से अधिक के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। प्रभात चाकणकर ने किसी भी भूमिका से इनकार किया और कहा कि उन्हें इन खातों की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने इन्हें खोला या संचालित किया।

चार बैंक खाते जांच के दायरे में

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने प्रभात चाकणकर और उनके बेटे तनमय चाकणकर के नाम पर 4 बैंक खाते चिह्नित किए हैं — दो प्रभात के नाम पर और दो तनमय के नाम पर। ये सभी खाते नासिक की समता नागरी सहकारी पतसंस्था में हैं। ईडी ने तनमय चाकणकर को भी इस मामले में तलब किया है।

गौरतलब है कि यह मामला 134 से अधिक कथित फर्जी या प्रॉक्सी खातों के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अशोक खरात ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली के ज़रिए धन स्थानांतरित करने के लिए किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन खातों में खरात का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज था और इन्हें खोलने व संचालित करने में उनके मोबाइल नंबर का भी उपयोग किया गया था।

₹26 लाख से ₹40 लाख तक का संदिग्ध लेन-देन

रिपोर्टों के अनुसार, प्रभात चाकणकर के नाम पर दो खाते — एक सामान्य बचत खाता और एक स्पेशल सेविंग अकाउंट — जांच के दायरे में हैं। यह स्पेशल सेविंग अकाउंट 2021 में खोला गया था, जो सहकारी संस्था में फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता था। 2021 में इस खाते में करीब ₹26 लाख जमा किए गए, जिन्हें बाद में स्पेशल सेविंग अकाउंट में स्थानांतरित किया गया। 2024 में परिपक्वता (मैच्योरिटी) के बाद यह राशि ब्याज सहित निकाली गई और कुल लेन-देन ₹40 लाख से अधिक का रहा।

प्रभात चाकणकर का पक्ष

प्रभात चाकणकर ने दावा किया कि उन्होंने और उनके बेटे ने लगभग दो साल पहले एक धार्मिक यात्रा के दौरान अशोक खरात को आधार और पैन कार्ड की जानकारी दी थी। उनका कहना है कि इसी जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी खाते बनाए गए हो सकते हैं। हालांकि, यह दावा जांच एजेंसी की जांच का विषय है और ईडी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

आगे क्या होगा

ईडी ने तनमय चाकणकर को भी इस मामले में तलब किया है, जो संकेत देता है कि जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। अशोक खरात से जुड़े इस मामले में 134 से अधिक संदिग्ध खातों की जांच जारी है, और एजेंसी सहकारी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कथित धन प्रवाह की पूरी श्रृंखला को उजागर करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रभात चाकणकर का यह दावा कि उन्होंने धार्मिक यात्रा के दौरान दस्तावेज़ सौंपे थे, एक ऐसा बचाव है जिसे सत्यापित करना कठिन लेकिन असंभव नहीं है। असली सवाल यह है कि 134 से अधिक फर्जी खातों का यह नेटवर्क इतने लंबे समय तक सहकारी बैंकिंग प्रणाली की निगरानी से कैसे बचा रहा — यह महाराष्ट्र की सहकारी संस्थाओं के नियामकीय ढाँचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रभात चाकणकर कौन हैं और ईडी ने उनसे पूछताछ क्यों की?
प्रभात चाकणकर NCP नेता रूपाली चाकणकर की बहन हैं। ईडी ने उनसे स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े PMLA मामले के तहत पूछताछ की, क्योंकि नासिक की एक सहकारी संस्था में उनके और उनके बेटे के नाम पर 4 संदिग्ध बैंक खाते पाए गए हैं।
अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस क्या है?
यह मामला स्वयंभू बाबा अशोक खरात के खिलाफ PMLA के तहत दर्ज है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने सहकारी बैंकिंग प्रणाली के ज़रिए 134 से अधिक फर्जी या प्रॉक्सी खातों के नेटवर्क का उपयोग कर धन स्थानांतरित किया। इन खातों में खरात का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज था और उनके मोबाइल नंबर का भी उपयोग किया गया था।
प्रभात चाकणकर के खातों में कितने रुपए का लेन-देन हुआ?
जांच के अनुसार, 2021 में उनके खाते में करीब ₹26 लाख जमा किए गए थे। 2024 में मैच्योरिटी के बाद ब्याज सहित यह राशि निकाली गई और कुल लेन-देन ₹40 लाख से अधिक का रहा।
प्रभात चाकणकर ने ईडी के सामने क्या कहा?
प्रभात चाकणकर ने किसी भी भूमिका से इनकार किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने और उनके बेटे ने लगभग दो साल पहले एक धार्मिक यात्रा के दौरान अशोक खरात को आधार और पैन कार्ड की जानकारी दी थी, जिसका दुरुपयोग कर फर्जी खाते बनाए गए हो सकते हैं।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
ईडी ने प्रभात चाकणकर के बेटे तनमय चाकणकर को भी तलब किया है। 134 से अधिक संदिग्ध खातों की जांच जारी है और एजेंसी सहकारी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कथित धन प्रवाह की पूरी श्रृंखला को उजागर करने में जुटी है।
राष्ट्र प्रेस
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