अशोक खरात मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी ने प्रभात चाकणकर से 8 घंटे की पूछताछ, 4 बैंक खाते जांच के दायरे में
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार, 4 मई को मुंबई स्थित अपने कार्यालय में प्रभात चाकणकर से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। यह पूछताछ स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। प्रभात चाकणकर, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता रूपाली चाकणकर की बहन हैं।
समन और पूछताछ का ब्यौरा
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रभात चाकणकर को समन जारी किया था, जिसके बाद वे एजेंसी के समक्ष पेश हुईं। पूछताछ के दौरान ईडी ने उनके सामने ₹40 लाख से अधिक के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। प्रभात चाकणकर ने किसी भी भूमिका से इनकार किया और कहा कि उन्हें इन खातों की कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने इन्हें खोला या संचालित किया।
चार बैंक खाते जांच के दायरे में
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने प्रभात चाकणकर और उनके बेटे तनमय चाकणकर के नाम पर 4 बैंक खाते चिह्नित किए हैं — दो प्रभात के नाम पर और दो तनमय के नाम पर। ये सभी खाते नासिक की समता नागरी सहकारी पतसंस्था में हैं। ईडी ने तनमय चाकणकर को भी इस मामले में तलब किया है।
गौरतलब है कि यह मामला 134 से अधिक कथित फर्जी या प्रॉक्सी खातों के एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अशोक खरात ने सहकारी बैंकिंग प्रणाली के ज़रिए धन स्थानांतरित करने के लिए किया। जांचकर्ताओं के अनुसार, इन खातों में खरात का नाम नॉमिनी के रूप में दर्ज था और इन्हें खोलने व संचालित करने में उनके मोबाइल नंबर का भी उपयोग किया गया था।
₹26 लाख से ₹40 लाख तक का संदिग्ध लेन-देन
रिपोर्टों के अनुसार, प्रभात चाकणकर के नाम पर दो खाते — एक सामान्य बचत खाता और एक स्पेशल सेविंग अकाउंट — जांच के दायरे में हैं। यह स्पेशल सेविंग अकाउंट 2021 में खोला गया था, जो सहकारी संस्था में फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता था। 2021 में इस खाते में करीब ₹26 लाख जमा किए गए, जिन्हें बाद में स्पेशल सेविंग अकाउंट में स्थानांतरित किया गया। 2024 में परिपक्वता (मैच्योरिटी) के बाद यह राशि ब्याज सहित निकाली गई और कुल लेन-देन ₹40 लाख से अधिक का रहा।
प्रभात चाकणकर का पक्ष
प्रभात चाकणकर ने दावा किया कि उन्होंने और उनके बेटे ने लगभग दो साल पहले एक धार्मिक यात्रा के दौरान अशोक खरात को आधार और पैन कार्ड की जानकारी दी थी। उनका कहना है कि इसी जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी खाते बनाए गए हो सकते हैं। हालांकि, यह दावा जांच एजेंसी की जांच का विषय है और ईडी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
आगे क्या होगा
ईडी ने तनमय चाकणकर को भी इस मामले में तलब किया है, जो संकेत देता है कि जांच का दायरा और व्यापक हो सकता है। अशोक खरात से जुड़े इस मामले में 134 से अधिक संदिग्ध खातों की जांच जारी है, और एजेंसी सहकारी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से कथित धन प्रवाह की पूरी श्रृंखला को उजागर करने में जुटी है।