अशोक खरात केस: एसआईटी की जांच में फर्जी बैंक खातों का बड़ा वित्तीय घोटाला
सारांश
Key Takeaways
- अशोक खरात: आत्मघोषित बाबा, गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है।
- फर्जी बैंक खाते: 130 से अधिक खाते खोले गए थे, करोड़ों का लेन-देन।
- जांच: एसआईटी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच।
- हवाला: अवैध धन के स्रोत को छिपाने की संभावना।
- फरार: खरात की पत्नी की पूछताछ से पहले फरार होने की खबर।
नासिक, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े एक नए मामले में एक बड़ा वित्तीय घोटाला उजागर हुआ है। इस व्यक्ति पर पहले से ही आध्यात्मिकता के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण और आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अशोक खरात ने 2021-22 के दौरान 130 से अधिक फर्जी बैंक खाते खोले थे, जैसा कि क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया। ये खाते विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर खोले गए थे और इनके माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जाता था।
अधिकारियों का कहना है कि इन खातों का संचालन समता क्रेडिट संस्थान और जगदंबा क्रेडिट संस्थान जैसे वित्तीय संस्थानों के जरिए किया गया।
एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि इन सभी खातों में खरात खुद नॉमिनी के रूप में शामिल था। जांचकर्ताओं के अनुसार, सबूत मिले हैं कि इन खातों के माध्यम से एक ही दिन में लाखों रुपये तक का लेन-देन हुआ। अधिकारियों का अनुमान है कि अब तक इस नेटवर्क के जरिए 50 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हो चुका है।
जांच में यह संदेह भी जताया गया है कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों की भी संलिप्तता हो सकती है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या कुछ खातों को खोलने के लिए रिश्तेदारों के नाम का उपयोग किया गया। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस वित्तीय गड़बड़ी का पर्दाफाश उस समय हुआ जब शिरडी पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों से पूछताछ की।
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम अब बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग की संभावनाओं की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, श्रद्धालुओं से एकत्र किया गया अवैध धन हवाला के माध्यम से संचालित किया गया हो सकता है, ताकि इसके स्रोत को छिपाया जा सके।
इसी बीच, एसआईटी खरात की पत्नी से पूछताछ की योजना बना रही थी, लेकिन कार्रवाई से पहले ही वह फरार हो गई। इसके बाद उनके बेटे को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ के दौरान वह पहले सहयोग नहीं कर रहा था, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि उनके घर पर अक्सर बड़ी मात्रा में नकदी आती थी, हालाँकि उसने कहा कि उसे पैसों के स्रोत की जानकारी नहीं थी।
उसने यह भी माना कि सभी वित्तीय लेन-देन पर उसके पिता का पूर्ण नियंत्रण था। अब एसआईटी ‘शिवनिका संस्थान’ नाम के एक संस्थान की वित्तीय जांच करने की तैयारी कर रही है, जो कथित तौर पर खरात से जुड़ा है। यह जांच की जाएगी कि क्या धार्मिक मंचों का उपयोग अवैध पैसे को वैध दिखाने के लिए किया गया था।