भोंदू बाबा अशोक खरात न्यायिक हिरासत में, नासिक रोड जेल भेजे जाएंगे; ₹23.87 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार भोंदू बाबा अशोक खरात को मंगलवार, 27 मई 2025 को स्पेशल पीएमएलए कोर्ट, मुंबई में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छह दिनों की हिरासत समाप्त होने के बाद यह कदम उठाया गया। जानकारी के अनुसार, खरात को जल्द ही नासिक रोड कारागृह स्थानांतरित किया जाएगा।
अदालत में क्या हुआ
सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने स्पेशल पीएमएलए कोर्ट को बताया कि फिलहाल जाँच एजेंसी को खरात की आगे की अभिरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद न्यायिक हिरासत का आदेश पारित किया गया। हालाँकि, ईडी ने यह भी स्पष्ट किया कि जाँच के दौरान भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर खरात को दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है। 19 मई 2025 को गिरफ्तारी के बाद से उनसे लगातार पूछताछ की जा रही थी।
आरोप: धर्म की आड़ में करोड़ों की उगाही
ईडी के अनुसार, अशोक खरात ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर शिव भक्तों को आध्यात्मिक इलाज और समस्याओं के समाधान का झाँसा दिया। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने एक शिकायतकर्ता से अकेले ₹5 करोड़ से अधिक की राशि ऐंठी। इसके अतिरिक्त, रियल एस्टेट के नाम पर ₹2.5 करोड़ की अलग वसूली का भी आरोप है।
जाँच में सामने आया कि कथित तौर पर धोखे से प्राप्त धन से खरात ने मर्सिडीज बेंज सहित लग्जरी कारें खरीदीं, फार्महाउस लिया और विदेश यात्राएँ कीं। आरोप है कि शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का भी दुरुपयोग किया गया। हर्षद नामक एक अन्य व्यक्ति से भी करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
₹23.87 करोड़ का संदिग्ध नकद लेन-देन
ईडी के अनुसार, खरात ने 60 बैंक खाते खोले, जिनमें वे स्वयं लाभार्थी और नॉमिनी थे। इन खातों से कुल ₹23.87 करोड़ नकद निकाले गए। बैंक ऑफ बड़ौदा में भी उनके नाम पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई है। एजेंसी अब इस नकदी के स्रोत और उपयोग की विस्तृत जाँच कर रही है।
पूर्व में भी दर्ज हैं कई एफआईआर
ईडी ने अदालत को सूचित किया कि अशोक खरात पर पहले भी धोखाधड़ी और उगाही से जुड़े कई एफआईआर दर्ज हैं। नाशिक में वे लंबे समय से 'बाबा' के रूप में सक्रिय थे और धार्मिक आस्था का दोहन कर भारी रकम वसूलते रहे। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में फर्जी बाबाओं और धार्मिक ठगी के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है।
जाँच की आगे की दिशा
ईडी अधिकारियों के मुताबिक यह मनी ट्रेल की व्यापक जाँच का मामला है — जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि कितने और पीड़ित हैं और धन का असली गंतव्य क्या रहा। जाँच फिलहाल जारी है और आने वाले समय में नए खुलासे संभव हैं।