नासिक के 'गॉडमैन' अशोक खरात पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, ११ ठिकानों पर छापे
सारांश
Key Takeaways
- अशोक खरात पर गंभीर आरोप लगे हैं।
- ईडी ने ११ स्थानों पर छापे मारे।
- जांच में कई फर्जी बैंक खाते खोले जाने का खुलासा हुआ है।
- अशोक खरात ने आम वस्तुओं को पवित्र बताकर बेचा।
- पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं।
मुंबई, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नासिक के विवादित 'गॉडमैन' अशोक खरात पर कड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को नासिक सहित लगभग ११ स्थानों पर छापे मारे गए। इस दौरान ईडी ने व्यापक तलाशी अभियान भी चलाया।
ईडी के अधिकारियों ने बताया कि अशोक खरात, प्रकाश पोफले और अन्य रिश्तेदारों से संबंधित आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के साथ-साथ सहकारी ऋण समितियों की शाखाओं की जांच की जा रही है। इस संबंध में सोमवार को नासिक के पांच और पुणे एवं शिरडी में तीन-तीन परिसरों में तलाशी ली गई।
ईडी ने नासिक सैक्स स्कैंडल केस में मुख्य आरोपी अशोक खरात के खिलाफ पीएमएलए, २००२ की धारा १७ के तहत पिछले हफ्ते मामला दर्ज किया था। यह मामला सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में २५ मार्च को दर्ज एफआईआर के आधार पर है।
अशोक खरात और अन्य पर महिलाओं समेत निर्दोष पीड़ितों से जबरन वसूली, धार्मिक ठगी, नशीली दवाओं के प्रभाव में हमला आदि के गंभीर आरोप हैं।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक जिले में स्थित दो सहकारी ऋण समितियों के नाम पर कई बैंक खाते खोले हैं, लेकिन वह उन सभी खातों में नॉमिनी के रूप में दर्ज था। उसने इन फर्जी खातों में अपना मोबाइल नंबर भी जोड़ा है, जिससे वह इन खातों का संचालन कर सके।
जांच में यह भी पता चला है कि अशोक खरात आम वस्तुओं को पवित्र बताकर बेचता था और दावा करता था कि उनमें दिव्य उपचार की शक्तियां हैं। पीड़ितों से जबरन वसूली की गई रकम को सलाहकार प्रकाश पोफले और उनके बेटों के माध्यम से विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया गया।
यह जानना महत्वपूर्ण है कि अशोक खरात के खिलाफ नासिक, शिर्डी, वावी और सरकारवाड़ा समेत कई पुलिस थानों में पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं। इन मामलों में उस पर दुष्कर्म, धोखे से यौन संबंध बनाने और अंधविश्वास फैलाने के गंभीर आरोप हैं।