रूपाली चाकणकर ने कहा: "मुझे इसलिए निशाना बनाया जा रहा है कि मैं एक महिला हूं!"

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रूपाली चाकणकर ने कहा: "मुझे इसलिए निशाना बनाया जा रहा है कि मैं एक महिला हूं!"

सारांश

रूपाली चाकणकर ने अशोक खरात के विवाद में अपनी आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि उन्हें महिला होने के नाते निशाना बनाया जा रहा है। जानें इस मामले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह का मुद्दा उठाया गया है।
अशोक खरात पर गंभीर आरोप हैं।
रूपाली चाकणकर ने ईमानदारी से अपने पद से इस्तीफा दिया।
उन्हें अपने परिवार की वारकरी परंपरा का सम्मान था।
वायरल वीडियो छह साल पुराना है।

मुंबई, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आध्यात्मिक गुरु के रूप में पहचान रखने वाले अशोक खरात से जुड़े विवाद के बीच, महाराष्ट्र एनसीपी की महिला विंग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने शुक्रवार को खुलासा किया कि उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह एक महिला हैं।

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से अस्वीकृति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए चाकणकर ने कहा, "हमारा पूरा परिवार वारकरी परंपरा का पालन करता है, जिसके कारण हम खरात के ट्रस्ट से जुड़े थे। लेकिन मुझे उनके दूसरे पहलू के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। कोई कैसे जान सकता है कि कोई व्यक्ति भविष्य में क्या करेगा या किस तरह से व्यवहार करेगा? कई लोग खरात के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन मुझे दुख है कि मुझे विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है और मुझ पर आरोप लगाए जा रहे हैं, केवल इसलिए क्योंकि मैं एक महिला हूं।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक खरात के ट्रस्ट में उनका जुड़ाव उनके परिवार की वारकरी परंपरा के कारण था।

उन्होंने स्वीकार किया कि वह खरात और उनकी पत्नी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं, लेकिन जोर देकर कहा कि जो वीडियो वर्तमान में वायरल हो रहे हैं, वे लगभग छह साल पुराने हैं।

गौरतलब है कि उत्तरी महाराष्ट्र के नासिक में रहने वाले स्व-घोषित बाबा अशोक खरात को पहले ही यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है।

चाकणकर ने कहा, "पद्य-पूजन का वीडियो पांच से छह साल पुराना है। मेरे पति और मैं आध्यात्मिक आस्था के कारण ट्रस्ट के कार्यक्रमों में भाग लेते थे। उस समय हमें उनके निजी आचरण या भविष्य में उनके द्वारा किए जाने वाले किसी भी गलत काम की जानकारी नहीं थी। कोई कैसे अनुमान लगा सकता है कि कोई व्यक्ति सालों बाद कैसा व्यवहार करेगा?"

उन्होंने यह भी बताया कि खरात के ट्रस्ट में डायरेक्टर के तौर पर उनका आधिकारिक कार्यकाल 8 अगस्त, 2025 को समाप्त हो चुका था।

अपनी ईमानदारी की रक्षा करते हुए चाकणकर ने कहा कि उन्होंने खरात पर लगे आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए अपने पद से हटने का निर्णय लिया।

उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज में महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है। एनसीपी की महिला विंग की प्रमुख होने के नाते, चाकणकर ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जो इस विमर्श को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूपाली चाकणकर ने किस विवाद पर बयान दिया?
उन्होंने अशोक खरात से जुड़े विवाद में बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें महिला होने के नाते निशाना बनाया जा रहा है।
अशोक खरात पर क्या आरोप हैं?
अशोक खरात पर यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के आरोप हैं, जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
रूपाली चाकणकर ने कौन-से कदम उठाए हैं?
उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या वीडियो जो वायरल हो रहा है, पुराना है?
जी हाँ, वह वीडियो लगभग छह साल पुराना है।
रूपाली चाकणकर का ट्रस्ट से जुड़ाव किस कारण से था?
उनका जुड़ाव उनके परिवार की वारकरी परंपरा के कारण था।
राष्ट्र प्रेस
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