25 जुलाई 2026
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कुवैत एयरपोर्ट हमले में घायल भारतीयों से राजदूत परमिता त्रिपाठी की मुलाकात, 4 अभी भी अस्पताल में

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कुवैत एयरपोर्ट हमले में घायल भारतीयों से राजदूत परमिता त्रिपाठी की मुलाकात, 4 अभी भी अस्पताल में

सारांश

कुवैत एयरपोर्ट पर 3 जून को हुए ड्रोन-मिसाइल हमले में एक भारतीय की मौत और 13 घायल हुए। राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 8 जून को जाबेर हॉस्पिटल पहुँचकर अभी भी भर्ती 4 घायलों से मुलाकात की और दूतावास के पूरे समर्थन का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 8 जून 2026 को जाबेर हॉस्पिटल, कुवैत में घायल भारतीय नागरिकों से मुलाकात की।
3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मिनल-1) पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ था।
हमले में घायल 13 भारतीय नागरिकों में से 9 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है; 4 का इलाज जारी है।
दूतावास ने 1 भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की थी और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर नागरिक प्रतिष्ठानों और कूटनीतिक मिशनों पर हमले का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की।

भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 8 जून 2026 को कुवैत सिटी के जाबेर हॉस्पिटल में उन भारतीय नागरिकों से मुलाकात की, जो 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में घायल हुए थे। कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत ने घायलों का हालचाल लिया और उन्हें मिशन की पूरी मदद का भरोसा दिलाया।

घायलों की ताज़ा स्थिति

दूतावास के अनुसार, इस हमले में घायल हुए 13 भारतीय नागरिकों में से 9 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 4 का अभी भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि वह अस्पताल प्रशासन और घायलों के परिवारों के साथ निरंतर संपर्क और समन्वय बनाए हुए है।

हमले का विवरण

3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पैसेंजर बिल्डिंग (टर्मिनल-1) को ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए और कई की हालत गंभीर बताई गई। इसी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि भी दूतावास ने उसी दिन की थी। दूतावास ने दिवंगत के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

कुवैत का ईरान पर आरोप

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में एक बार फिर कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित नागरिक प्रतिष्ठानों और कूटनीतिक मिशनों को निशाना बनाया गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हुई, अनेक घायल हुए और ज़रूरी बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचा।

दूतावास की भूमिका

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि वह घायलों के परिवारों की मदद के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। राजदूत परमिता त्रिपाठी ने अस्पताल में घायलों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उनके साथ खड़ी है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

आगे क्या होगा

दूतावास ने कहा कि जब तक शेष 4 घायल भारतीय पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, वह उनके परिवारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेगा। हमले की पृष्ठभूमि में भारत सरकार की ओर से कुवैत में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइज़री की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी चपेट में लाखों भारतीय प्रवासी आ सकते हैं। भारत सरकार की त्वरित कूटनीतिक सक्रियता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत के पास खाड़ी संकट की स्थिति में अपने नागरिकों की बड़े पैमाने पर निकासी की तैयारी है। 2015 के यमन ऑपरेशन राहत की याद ताज़ा होती है, पर तब हालात अलग थे। क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने के साथ भारत को अपनी 'प्रोएक्टिव डायस्पोरा डिप्लोमेसी' को और धारदार बनाना होगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला कब और कैसे हुआ?
3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पैसेंजर बिल्डिंग (टर्मिनल-1) को ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इस हमले में दर्जनों लोग घायल हुए और एक भारतीय नागरिक की मौत हुई। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसके लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कड़ी निंदा की।
हमले में कितने भारतीय नागरिक घायल हुए और उनकी अभी क्या स्थिति है?
हमले में कुल 13 भारतीय नागरिक घायल हुए थे। 8 जून 2026 तक उनमें से 9 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 4 का अभी भी इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास उनके परिवारों और अस्पताल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।
राजदूत परमिता त्रिपाठी ने घायलों से मुलाकात में क्या कहा?
राजदूत परमिता त्रिपाठी ने जाबेर हॉस्पिटल में घायल भारतीय नागरिकों का हालचाल लिया और उन्हें भारतीय मिशन के पूर्ण समर्थन एवं सहायता का भरोसा दिलाया। दूतावास ने कहा कि वह घायलों के परिवारों के साथ भी निरंतर समन्वय बनाए हुए है।
कुवैत ने हमले के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय के अनुसार इन हमलों में नागरिक प्रतिष्ठानों और कूटनीतिक मिशनों को भी निशाना बनाया गया।
खाड़ी में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार क्या कर रही है?
भारतीय दूतावास कुवैत में घायल नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। दूतावास ने हर संभव कांसुलर सहायता देने का आश्वासन दिया है और स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।
राष्ट्र प्रेस
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