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कुवैत एयरपोर्ट पर मिसाइल-ड्रोन हमला: भारतीय नागरिक की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा

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कुवैत एयरपोर्ट पर मिसाइल-ड्रोन हमला: भारतीय नागरिक की मौत, भारत ने की कड़ी निंदा

सारांश

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हुए हमले ने एक भारतीय की जान ले ली और कई को घायल किया। भारत ने कड़ी निंदा करते हुए सभी पक्षों से नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने की अपील की है, जबकि कुवैत ने ईरान पर आरोप लगाया है। दूतावास राहत कार्य में जुटा है।

मुख्य बातें

कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर बुधवार तड़के बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला हुआ।
हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत, कई अन्य भारतीय घायल बताए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने 3 जून को कड़ी निंदा करते हुए संयम और नागरिक ठिकानों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया।
कुवैती रक्षा प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज़ अल-ओतैबी ने टर्मिनल को भारी नुकसान की पुष्टि की।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कथित तौर पर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया।
पश्चिम एशिया के सभी भारतीय मिशनों को सतर्क रहने के निर्देश; दूतावास चिकित्सा व दस्तावेज़ी सहायता दे रहा है।

भारत ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की जान चली गई और कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने 3 जून को जारी बयान में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि नागरिक आबादी और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बुधवार तड़के कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल-1 (T1) को बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन से निशाना बनाया गया। कुवैती रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज़ अल-ओतैबी ने पुष्टि की कि हमलों से टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुँचा है और कई लोग घायल हुए हैं।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए कथित तौर पर ‘क्रूर हमले’ जारी रखे हैं।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से भारत लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिक ठिकानों पर हमले तत्काल रोकने की अपील करता रहा है। मंत्रालय ने मृतक भारतीय नागरिक के परिवार को आश्वस्त किया कि ‘इस कठिन समय में भारत उनके साथ खड़ा है’।

दूतावास की भूमिका और राहत कार्य

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और घायल भारतीयों की स्थिति पर नज़र रखे हुए है। दूतावास घायलों को चिकित्सा सहायता, ज़रूरी दस्तावेज़ी सहयोग और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में स्थित सभी भारतीय मिशनों और दूतावासों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

व्यापक संदर्भ

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और खाड़ी देशों के नागरिक हवाई अड्डे लगातार सुरक्षा-चुनौतियों के घेरे में आ रहे हैं। गौरतलब है कि कुवैत में लगभग 10 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहाँ के सबसे बड़े प्रवासी समुदायों में से एक है — जिससे किसी भी सुरक्षा घटना का असर भारत के लिए सीधा और संवेदनशील हो जाता है।

आगे क्या

भारतीय दूतावास हताहतों की पुष्टि और घायल नागरिकों की स्थिति पर अद्यतन जानकारी देता रहेगा। कूटनीतिक स्तर पर भारत द्वारा क्षेत्रीय हितधारकों से संपर्क बढ़ाए जाने की संभावना है, ताकि अपने नागरिकों की निकासी या स्थानांतरण जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि खाड़ी में बढ़ते क्षेत्रीय युद्ध का वह नया मोर्चा है जहाँ नागरिक बुनियादी ढाँचा सीधे निशाने पर है। भारत के लिए यह कूटनीतिक संतुलन की दोहरी परीक्षा है — एक ओर ईरान के साथ ऐतिहासिक सम्बंध, दूसरी ओर खाड़ी देशों में बसे लगभग 90 लाख भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा। ‘सभी पक्षों से संयम’ की भाषा परिचित है, पर असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास संकटकालीन निकासी का ठोस ढाँचा तैयार है, जैसा ‘ऑपरेशन कावेरी’ या ‘गंगा’ में देखा गया था। बिना उस तैयारी के, हर निंदा बयान महज़ एक प्रतीकात्मक प्रक्रिया बन जाती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुवैत एयरपोर्ट पर हमला कब और कैसे हुआ?
बुधवार तड़के कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल-1 पर बैलिस्टिक मिसाइलों और कई ड्रोन से हमला किया गया। कुवैती रक्षा प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज़ अल-ओतैबी के अनुसार, टर्मिनल भवन को भारी नुकसान पहुँचा और कई लोग घायल हुए।
भारत ने कुवैत एयरपोर्ट हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
विदेश मंत्रालय ने 3 जून को हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतक भारतीय नागरिक के परिवार और घायलों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की। मंत्रालय ने दोहराया कि नागरिक आबादी और बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
कुवैत में फँसे भारतीयों के लिए दूतावास क्या कर रहा है?
कुवैत स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और घायल भारतीयों को चिकित्सा सहायता, दस्तावेज़ी सहयोग व अन्य ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध करा रहा है। पश्चिम एशिया के सभी भारतीय मिशनों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कुवैत ने हमले के लिए किसे ज़िम्मेदार ठहराया है?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कथित तौर पर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कुवैत का दावा है कि बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए ‘क्रूर हमले’ जारी रखे जा रहे हैं।
यह हमला क्यों मायने रखता है?
यह घटना पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के सीधे नागरिक हवाई अड्डों तक पहुँचने का संकेत है, जिसका असर खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों पर पड़ सकता है। कुवैत में बड़ा भारतीय समुदाय रहने के कारण भारत के लिए यह कूटनीतिक और मानवीय दोनों स्तरों पर संवेदनशील मामला है।
राष्ट्र प्रेस
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