कुवैत हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला: एक की मौत, ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर बुधवार तड़के हुए कथित ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के ज़रिए “लगातार और क्रूर हमलों” का आरोप लगाते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा बताया है।
मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, तड़के हुए इस हमले में हवाई अड्डे सहित कई नागरिक और महत्वपूर्ण ढाँचागत प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। हमले में कुछ राजनयिक मिशनों सहित अहम इमारतों को नुकसान पहुँचा और टर्मिनल भवन को भारी क्षति हुई है।
कुवैती रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने बताया कि यात्री टर्मिनल पर कई ड्रोन हमले हुए, जिन्हें कथित तौर पर ईरानी आक्रामक कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है। हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाएँ और चिकित्सा टीमें सक्रिय कर दी गईं, और घायलों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कुवैत की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने इन कार्रवाइयों को “आक्रामक और अस्वीकार्य” बताते हुए पूरी तरह ख़ारिज किया है। बयान में कहा गया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 2026 के सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का स्पष्ट उल्लंघन हैं।
कुवैत ने दोहराया कि उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा “रेड लाइन” है, जिसे किसी भी हालत में पार नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रही ये घटनाएँ एक “सुनियोजित आक्रामक नीति” की ओर इशारा करती हैं।
संभावित जवाबी कदम
बयान में कहा गया कि कुवैत को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए “उचित और आवश्यक कदम” उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित है। सरकार ने संकेत दिया है कि वह इन हमलों के जवाब में संभावित उपायों पर विचार कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज़ करने का आह्वान किया है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही ईरान से जुड़े सैन्य तनाव चरम पर हैं, और किसी नागरिक हवाई अड्डे को निशाना बनाया जाना क्षेत्रीय विमानन सुरक्षा के लिए नई चुनौती खड़ी करता है।
आने वाले दिनों में कुवैत की कूटनीतिक और संभावित सैन्य प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी।