सऊदी अरब पर ड्रोन हमले की कतर और कुवैत ने कड़ी निंदा की, UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला

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सऊदी अरब पर ड्रोन हमले की कतर और कुवैत ने कड़ी निंदा की, UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला

सारांश

कतर और कुवैत ने सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमले को 'अस्वीकार्य आक्रमण' बताते हुए UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला दिया। सऊदी एयर डिफेंस ने तीन ड्रोन मार गिराए। यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र पर भी उसी दिन हमला हुआ — खाड़ी में ड्रोन खतरा थमने का नाम नहीं ले रहा।

मुख्य बातें

कतर और कुवैत ने 18 मई 2026 को सऊदी अरब पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की।
कुवैत ने इसे UNSC प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया, जो मार्च में खाड़ी बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए पारित हुआ था।
कतर के विदेश मंत्रालय ने हमले को 'अस्वीकार्य आक्रमण' और सऊदी संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
सऊदी एयर डिफेंस ने तीन संदिग्ध ड्रोन मार गिराए; प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
उसी दिन यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र के बाहर भी ड्रोन हमला हुआ; कोई हताहत नहीं, कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं।
अप्रैल में संघर्ष विराम के बावजूद इराक से खाड़ी की ओर ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है।

कतर और कुवैत ने 18 मई 2026 को सऊदी अरब पर किए गए ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे क्षेत्रीय संप्रभुता तथा अखंडता के लिए गंभीर खतरा बताया। दोनों खाड़ी देशों ने अलग-अलग आधिकारिक बयान जारी कर रियाद के साथ पूर्ण एकजुटता का ऐलान किया।

कुवैत का रुख — अंतरराष्ट्रीय कानून का संदर्भ

कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह घुसपैठ मार्च में खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए पारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन है। कुवैत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले हर कदम का समर्थन करता है।

कतर की प्रतिक्रिया — 'अस्वीकार्य आक्रमण'

कतर के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को 'अस्वीकार्य आक्रमण' और सऊदी अरब की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया। मंत्रालय ने कहा कि कतर सऊदी अरब के साथ पूरी तरह खड़ा है और उसकी सुरक्षा, संप्रभुता तथा नागरिकों एवं निवासियों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर उपाय का समर्थन करता है।

सऊदी रक्षा मंत्रालय का बयान

यह बयान सऊदी अरब द्वारा तीन संदिग्ध ड्रोन को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराने के दावे के बाद सामने आया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करने की किसी भी कोशिश के जवाब में आवश्यक सैन्य और परिचालन कदम उठाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सऊदी क्षेत्र में नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ

गौरतलब है कि अप्रैल में लागू हुए अस्थायी संघर्ष विराम के बाद ईरान से जुड़ी शत्रुताएँ काफी हद तक कम हुई हैं, लेकिन इराक से खाड़ी देशों की ओर ड्रोन भेजे जाने की घटनाएँ रुकी नहीं हैं। यह ऐसे समय में आया है जब रविवार को ही यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र के बाहर एक ड्रोन हमला हुआ, जिसमें संयंत्र के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया गया। अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ और कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने भी इस घटना पर चिंता जताई थी।

आगे क्या होगा

खाड़ी देशों में बढ़ते ड्रोन हमलों के मद्देनज़र क्षेत्रीय सुरक्षा ढाँचे पर नए सिरे से विचार-विमर्श की संभावना बन रही है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सदस्य देशों की एकजुट प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में सामूहिक सुरक्षा उपायों को और मज़बूत किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अप्रैल के संघर्ष विराम के बाद भी ड्रोन हमले क्यों नहीं रुक रहे। UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला देना यह दर्शाता है कि खाड़ी देश अब इस मसले को द्विपक्षीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के दायरे में देख रहे हैं। बरकाह परमाणु संयंत्र पर हमला इस संकट की गंभीरता को एक नए स्तर पर ले जाता है — परमाणु ढाँचे के निकट किसी भी हमले की अनदेखी IAEA और वैश्विक समुदाय के लिए संभव नहीं। GCC की सामूहिक प्रतिक्रिया जितनी मज़बूत दिखती है, उतनी ही यह सवाल भी उठाती है कि क्या बयानों से आगे कोई ठोस सामूहिक सुरक्षा तंत्र बन पाएगा।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सऊदी अरब पर ड्रोन हमले में क्या हुआ?
सऊदी अरब ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से तीन संदिग्ध ड्रोन मार गिराए। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि देश अपनी संप्रभुता के उल्लंघन के जवाब में हर जरूरी सैन्य कदम उठाएगा।
कतर और कुवैत ने इस हमले पर क्या कहा?
कतर ने इसे 'अस्वीकार्य आक्रमण' और सऊदी संप्रभुता का उल्लंघन बताया। कुवैत ने UNSC प्रस्ताव 2817 का हवाला देते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कहा और सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता जताई।
UNSC प्रस्ताव 2817 क्या है?
यह मार्च में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा पारित वह प्रस्ताव है जो खाड़ी क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा से संबंधित है। कुवैत ने इस हमले को इसी प्रस्ताव का सीधा उल्लंघन बताया।
यूएई के बरकाह परमाणु संयंत्र पर हमले में क्या हुआ?
रविवार को बरकाह परमाणु संयंत्र के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को ड्रोन से निशाना बनाया गया। अधिकारियों के अनुसार कोई घायल नहीं हुआ और कोई रेडियोधर्मी रिसाव नहीं हुआ, हालाँकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस पर चिंता जताई।
संघर्ष विराम के बाद भी ड्रोन हमले क्यों जारी हैं?
अप्रैल में लागू हुए अस्थायी संघर्ष विराम के बावजूद इराक से खाड़ी देशों की ओर ड्रोन भेजे जाने की घटनाएँ रुकी नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार संघर्ष विराम आंशिक है और ज़मीनी स्तर पर सशस्त्र समूहों पर नियंत्रण पूरी तरह स्थापित नहीं हो सका है।
राष्ट्र प्रेस
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