भारत के राजदूत और कतर की मंत्री के बीच महत्वपूर्ण वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
- कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
- मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात।
- कुवैत में मिसाइल हमले की घटना।
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के राजदूत ने कतर की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री से मुलाकात की। यह जानकारी भारतीय दूतावास ने साझा की है। इस बातचीत में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि राजदूत ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री मरियम बिन्त अली बिन नासिर अल मिसनाद से मुलाकात की। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और क्षेत्रीय स्थिति के बारे में बातचीत की गई, जिसमें कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया गया। राजदूत ने मंत्री को भारतीय समुदाय के समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया।
कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि मरियम बिन्त अली बिन नासिर अल मिसनाद ने भारत के राजदूत से मुलाकात की। इस बैठक का फोकस दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और साझा चिंताओं पर रहा।
बयान में बताया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री ने बैठक के दौरान बढ़ती कार्रवाई को तत्काल रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने के महत्व पर जोर दिया, जिससे तनाव को नियंत्रित किया जा सके और क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को सुनिश्चित किया जा सके।
इस मुलाकात को मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस क्षेत्र में स्थिति बहुत तनावपूर्ण है और बड़ी संख्या में लोग यहाँ से पलायन कर रहे हैं।
इस बीच, कुवैत ने बताया कि पिछले 24 घंटों में उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई हवाई खतरों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। हालांकि, एक सैन्य शिविर पर मिसाइल हमले में 10 सैनिक घायल हो गए। आधिकारिक बयान के अनुसार, रक्षा बलों ने 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। फिर भी कुछ प्रोजेक्टाइल एक सैन्य कैंप पर गिरे, जिससे 10 जवान घायल हो गए।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। इस हमले में कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, एक निजी लॉजिस्टिक कंपनी के गोदामों को भी निशाना बनाया गया, जिससे संपत्ति का नुकसान हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।