भारत-कुवैत सहयोग: राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वाणिज्य मंत्री बोदाई से की मुलाकात, खाद्य सुरक्षा व व्यापार पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
कुवैत में भारत की राजदूत परमिता त्रिपाठी ने 24 अगस्त 2026 को कुवैत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री ओसामा खालिद अब्दुल्ला बोदाई से कुवैत सिटी में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, उद्योग और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन को विशेष प्राथमिकता दी गई।
बैठक के मुख्य बिंदु
कुवैत में भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत त्रिपाठी और मंत्री बोदाई के बीच हुई चर्चा भारत-कुवैत के दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में आयोजित हुई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयों तक ले जाने और आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर सहमति जताई।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत और कुवैत के बीच कूटनीतिक संवाद की गति तेज हुई है। पिछले महीने विदेश मंत्री स्तर पर भी महत्वपूर्ण बैठकें हो चुकी हैं, जो इस द्विपक्षीय संबंध को नई रणनीतिक दिशा देने का संकेत देती हैं।
जयशंकर की पिछले महीने की कुवैत यात्रा का संदर्भ
इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा से मुलाकात की थी। जयशंकर ने भारतीय समुदाय के कल्याण में दिए गए समर्थन के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के बीच परस्पर लाभकारी सहयोग के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्वागत किया।
विदेश मंत्री ने कुवैत के अपने समकक्ष शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा के साथ भी बैठक की। इस बैठक में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की संयुक्त समीक्षा की गई। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा से मिलकर खुशी हुई। खाड़ी क्षेत्र के संघर्ष और उसके असर पर चर्चा की। भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए आभार जताया। हमने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में अपने सहयोग का संयुक्त रूप से जायजा लिया। भरोसा है कि आने वाले समय में हमारी रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।"
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष चर्चा
विदेश मंत्री जयशंकर की कुवैत के रक्षा मंत्री अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबा के साथ हुई बैठक में रक्षा उद्योग सहयोग और समुद्री सुरक्षा के मुद्दे केंद्र में रहे। यह चर्चा ऐसे समय में विशेष महत्व रखती है जब खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है और हिंद महासागर में सुरक्षा सहयोग की आवश्यकता बढ़ी है।
क्राउन प्रिंस से मुलाकात और द्विपक्षीय समीक्षा
विदेश मंत्री जयशंकर ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-सबा से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा की और खाड़ी क्षेत्र में जारी घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने एक्स पर लिखा, "आज सुबह कुवैत के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख सबाह अल-खालिद अल-सबा से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं दीं। हमारे द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता की गहराई से सराहना करता हूं।"
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर की निरंतर कूटनीतिक सक्रियता भारत-कुवैत संबंधों को एक नई रणनीतिक साझेदारी की दिशा में ले जाने का स्पष्ट संकेत है, जो ऊर्जा आयात से आगे बढ़कर व्यापार, रक्षा और खाद्य सुरक्षा जैसे बहुआयामी क्षेत्रों को समेट रही है।