अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप: मोहम्मद अशफाक ने 45.81 सेकंड में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा, 400 मीटर फाइनल में पहुँचे
सारांश
मुख्य बातें
भारत के मोहम्मद अशफाक ने यूजीन में जारी वर्ल्ड एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप 2026 में पुरुषों की 400 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। 19 वर्षीय इस धावक ने अपना ही अंडर-20 नेशनल रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए 45.81 सेकंड का नया कीर्तिमान स्थापित किया — जो भारतीय जूनियर एथलेटिक्स के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
हीट से फाइनल तक का सफर
अशफाक ने हीट 5 में 45.81 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया और सेमीफाइनल का टिकट कटाया। इस दौरान उन्होंने अप्रैल 2026 में बेंगलुरु में आयोजित अंडर-20 फेडरेशन कप में बनाए अपने 46.05 सेकंड के पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद सेमीफाइनल हीट 3 में उन्होंने 46.00 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान पाया और फाइनल में प्रवेश सुनिश्चित किया। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जूनियर एथलेटिक्स वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।
अन्य भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन
अशफाक के साथी पीयूष राज हीट 6 में 47.78 सेकंड के साथ पाँचवें स्थान पर रहे और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए। पुरुषों की हाई जंप में बसंत ने 2.14 मीटर की छलाँग के साथ फाइनल के लिए क्वालिफाई किया और क्वालिफिकेशन ग्रुप ए में पाँचवाँ स्थान पाया। वहीं, के. अम्ब्रीश 2.05 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलाँग के साथ ग्रुप बी में 12वें स्थान पर रहे और क्वालिफाई नहीं कर पाए। उल्लेखनीय है कि किसी भी ग्रुप का कोई एथलीट 2.21 मीटर का ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन मार्क नहीं छू सका।
महिला स्पर्धाओं में भारत का हाल
महिलाओं की शॉट पुट में अंशु 15.24 मीटर की सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ फाइनल से 21 सेंटीमीटर दूर रह गईं और कुल मिलाकर 14वें स्थान पर रहीं। तनु चौधरी महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स हीट में 1:00.03 के समय के साथ पाँचवें स्थान पर रहीं और सेमीफाइनल से चूक गईं। हालाँकि, अमानत कंबोज ने महिलाओं के डिस्कस थ्रो फाइनल में 53.24 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया — जो एक सकारात्मक नोट रहा।
पुरुष हर्डल्स और ट्रिपल जंप में निराशा
पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स में अमित कुमार 54.01 सेकंड के समय के साथ अपनी हीट में सबसे पीछे रहे। पुरुषों की ट्रिपल जंप क्वालिफिकेशन में धनुष राज (14.71 मीटर) और पी. रॉयशन (15.20 मीटर) फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।
आगे क्या
अशफाक का 400 मीटर फाइनल अब यूजीन में होना है, जहाँ वे भारत के लिए पदक की उम्मीद लेकर उतरेंगे। यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय जूनियर धावक इस स्पर्धा के फाइनल में पहुँचा है — और यह प्रदर्शन देश के युवा एथलेटिक्स के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है।