आईएसएसएफ वर्ल्ड कप शॉटगन: गनेमत सेखों का फाइनल में प्रवेश का दरवाज़ा खुला, टॉप-8 से एक अंक दूर
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ की निशानेबाज़ गनेमत सेखों ने इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप शॉटगन के उद्घाटन दिन 75 निशानों में से 70 का सटीक स्कोर दर्ज करते हुए भारतीय शूटरों में सबसे मजबूत स्थिति में रहीं। असानोव शूटिंग क्लब में सोमवार को शुरू हुई यह प्रतियोगिता में वह फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन राउंड में टॉप-8 में जगह बनाने से मात्र एक अंक दूर हैं।
गनेमत ने इसी स्थान पर तीन वर्ष पहले रजत पदक जीता था, जो उनके इस प्रतियोगिता में निरंतर प्रदर्शन को दर्शाता है। महिला और पुरुष दोनों श्रेणियों में क्वालिफिकेशन का शेष 50 निशाने और फाइनल मुकाबले मंगलवार को आयोजित किए जाएँगे।
पुरुष वर्ग में भारतीय प्रदर्शन
ओलंपियन मैराज अहमद खान ने पहली सीरीज़ में पूर्ण 25 प्वाइंट्स हासिल किए, लेकिन अगली दोनों सीरीज़ में 23-23 प्वाइंट्स से समायोजित रहे। पहले दिन का उनका कुल स्कोर 71 प्वाइंट्स रहा, जिससे वह वर्तमान में 27वें स्थान पर हैं।
अनंतजीत सिंह नरुका (ओलंपियन) ने पहली सीरीज़ में 25 प्वाइंट्स हासिल किए, परंतु अगली दो सीरीज़ में क्रमशः 23 और 21 प्वाइंट्स तक सीमित रहे, जिससे उनका कुल स्कोर 69 प्वाइंट्स रहा।
गुरजोत सिंह खंगुरा (राष्ट्रीय चैंपियन) ने 22, 24 और 24 की सीरीज़ दर्ज करते हुए कुल 70 प्वाइंट्स अर्जित किए। रैंकिंग प्वाइंट्स के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए भवतेग सिंह गिल ने 71 प्वाइंट्स (24, 24, 23) और अभय सिंह सेखों ने 70 प्वाइंट्स (23, 24, 23) दर्ज किए।
महिला वर्ग में प्रतिभा का प्रदर्शन
रायजा ढिल्लों (ओलंपियन और राष्ट्रीय चैंपियन) ने अपनी तीन सीरीज़ में 22, 23 और 24 प्वाइंट्स दर्ज करते हुए पहले दिन 69 प्वाइंट्स का स्कोर बनाया। परिनाज धालीवाल ने 22, 21 और 23 प्वाइंट्स की सीरीज़ के साथ कुल 66 प्वाइंट्स अर्जित किए।
रैंकिंग प्वाइंट्स के लिए भाग लेने वाली वंशिका तिवारी ने 66 प्वाइंट्स (24, 21, 21) और रश्मि राठौर ने 62 प्वाइंट्स (20, 21, 21) दर्ज किए।
सीज़न के संदर्भ में महत्व
यह प्रतियोगिता चालू सीज़न का दूसरा शॉटगन वर्ल्ड कप है। अप्रैल में मोरक्को के टैंजियर में आयोजित पहले वर्ल्ड कप में भारतीय दल को कोई पदक नहीं मिला था, जिससे इस मुकाबले में भारतीय शूटरों के लिए मेडल जीतने का दबाव और भी अधिक बढ़ गया है।
आगे की रणनीति
क्वालिफिकेशन के शेष राउंड में गनेमत को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा ताकि वह फाइनल में प्रवेश सुनिश्चित कर सकें। पुरुष वर्ग में खान और नरुका जैसे अनुभवी ओलंपियनों को भी अपने प्रदर्शन को सुधारना होगा यदि वे टॉप-8 में रहना चाहते हैं।