आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप: प्राची गायकवाड़ का ऐतिहासिक गोल्ड, भारत मेडल टैली में नंबर-1
सारांश
Key Takeaways
- प्राची गायकवाड़ ने 23 अप्रैल 2025 को काहिरा में 50 मीटर राइफल 3पी में 354.6 के स्कोर से गोल्ड मेडल जीता।
- प्राची ने एआईएन की डारिया चुप्रीस को मात्र 0.2 अंक के अंतर से हराया; डारिया का स्कोर 354.4 रहा।
- नारायण प्रणव ने जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में 229.5 के स्कोर से ब्रॉन्ज मेडल जीता।
- शिवा नरवाल के बाद प्राची का गोल्ड इस टूर्नामेंट में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है।
- 2 गोल्ड, 4 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज के साथ भारत समग्र मेडल टैली में पहले स्थान पर है।
- वंशिका चौधरी, सेजल कांबले और कनक ने 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में लीडरबोर्ड की शीर्ष तीन पोजीशन पर कब्जा किया।
काहिरा (मिस्र), 23 अप्रैल। भारत की युवा निशानेबाज प्राची गायकवाड़ ने आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन (3पी) स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मिस्र की राजधानी काहिरा में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्राची ने फाइनल में 354.6 का स्कोर कर व्यक्तिगत तटस्थ एथलीट (एआईएन) डारिया चुप्रीस को महज 0.2 अंक के अंतर से पराजित किया।
रोमांचक फाइनल में पलटी बाजी
ओलंपिक इंटरनेशनल सिटी शूटिंग रेंज में खेले गए इस फाइनल में प्राची की यात्रा उतार-चढ़ाव भरी रही। क्वालिफिकेशन राउंड में 578 के स्कोर के साथ छठा स्थान हासिल करने वाली प्राची फाइनल के नीलिंग राउंड के बाद पांचवें स्थान पर थीं।
प्रोन राउंड के बाद वह दूसरे स्थान पर पहुंचीं और उस समय डारिया से केवल 0.6 अंक पीछे थीं। स्टैंडिंग पोजीशन के पहले पांच शॉट में 50+ का स्कोर कर वह पहली बार शीर्ष पर पहुंचीं, लेकिन डारिया ने अगले पांच शॉट में 51.0 का स्कोर कर वापसी की और प्राची अंतिम पांच शॉट से पहले तीसरे स्थान पर खिसक गईं।
हालांकि, इस झटके ने प्राची का हौसला नहीं तोड़ा। निर्णायक क्षणों में उन्होंने 10-रिंग में चार बार सटीक निशाना लगाया — जिसमें दो हाई-10 भी शामिल थे — और अंततः डारिया को 0.2 अंक से पीछे छोड़ गोल्ड मेडल जीत लिया। डारिया का अंतिम स्कोर 354.4 रहा, जबकि एआईएन की एलेना क्रेटिनिना ने 343.3 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
नारायण प्रणव ने भी दिलाया ब्रॉन्ज
जूनियर पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भारत के तीन निशानेबाजों ने फाइनल में जगह बनाई। नारायण प्रणव ने 630.9 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर क्वालिफाई किया, अभिनव शॉ 630.0 के साथ चौथे और दिव्यांशु देवांगन 626.8 के साथ सातवें स्थान पर रहे।
फाइनल में दिव्यांशु 12 शॉट के बाद 122.4 के स्कोर के साथ आठवें स्थान पर रहकर पहले बाहर हुए। इसके बाद नारायण और अभिनव के बीच ब्रॉन्ज के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। नारायण ने क्रमशः 10.7 और 10.9 के शॉट लगाकर बढ़त बनाई। अभिनव 20वें शॉट में 9.9 का स्कोर कर पिछड़ गए और नारायण ने 229.5 के फाइनल स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। उज्बेकिस्तान के जावोहिर सोखिबोव ने 251.2 के स्कोर के साथ गोल्ड अपने नाम किया।
भारत मेडल टैली में शीर्ष पर
इस प्रतियोगिता के पहले दिन 21 अप्रैल को शिवा नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था। प्राची के गोल्ड के साथ यह भारत का दूसरा स्वर्ण पदक बना। कुल 2 गोल्ड, 4 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत समग्र मेडल टैली में प्रथम स्थान पर काबिज है।
इसके अलावा, वंशिका चौधरी (579), सेजल कांबले (577) और कनक (576) ने जूनियर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में जगह बनाते हुए लीडरबोर्ड की शीर्ष तीन पोजीशन पर कब्जा किया है, जो आने वाले मेडल की उम्मीद जगाता है।
भारतीय जूनियर शूटिंग का बढ़ता कद
यह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय जूनियर निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय मंच पर किस तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की युवा विकास नीति और केंद्र सरकार के खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत मिले प्रशिक्षण ने इन युवा प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।
गौरतलब है कि 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारियों के मद्देनजर जूनियर स्तर पर यह प्रदर्शन भारतीय शूटिंग के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है। आने वाले दिनों में वंशिका, सेजल और कनक की पिस्टल स्पर्धाओं पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।