क्या कांग्रेस की पहचान ‘सनातन विरोधी’ बन चुकी है?: शहजाद पूनावाला
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की पहचान को 'सनातन विरोधी' करार दिया गया है।
- शहजाद पूनावाला ने राजनीतिक बयानबाजियों पर सवाल उठाए हैं।
- राहुल गांधी से कार्रवाई की मांग की गई है।
- हिंदुओं के अपमान पर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
- कांग्रेस की राजनीतिक रणनीतियों पर चर्चा की गई है।
नई दिल्ली, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस एमएलसी बोम्मा महेश कुमार गौड़ के सनातन धर्म पर दिए गए बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में कांग्रेस की पहचान ‘सनातन विरोधी’ बन गई है।
शहजाद पूनावाला ने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कांग्रेस वोट बैंक की दुकान चलाती है। कांग्रेस की ओर से हमेशा हिंदुओं का अपमान करना कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह एक सोचा समझा प्रयोग है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर और रेवंत रेड्डी जैसे नेताओं ने भी हिंदुओं का अपमान किया। इन लोगों ने भगवान राम को काल्पनिक बताया और हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इनका हिंदू समुदाय के हितों से कोई सरोकार नहीं है।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि इन घटनाओं से यह साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस की एक ही प्रणाली है। हिंदुओं को दो गाली, ताकि मिले वोट बैंक की थाली। ऐसे में मेरा सीधा सवाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से है, क्या वे अपनी पार्टी में मौजूद ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे? जवाब स्पष्ट है कि वे ऐसा नहीं करेंगे।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के अयोध्या स्थित राम मंदिर जाने पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है कि जो लोग पहले भगवान राम को काल्पनिक बता रहे थे, वे अब राम मंदिर जाने के लिए तैयार हो रहे हैं। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।
शहजाद पूनावाला ने कहा, मैं राहुल गांधी से कहना चाहूंगा कि जिस तरह से उनकी पार्टी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया था, उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। इतना ही नहीं, पंडित नेहरू ने भी सोमनाथ मंदिर से लेकर अयोध्या तक का विरोध किया था।
इसके अलावा, भाजपा प्रवक्ता ने वक्फ संशोधन कानून पर जताई जा रही आपत्ति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी।
आज आप स्थिति देख लीजिए कि किसी की भी नागरिकता नहीं गई। इसके विपरीत दंगे जरूर हो गए। इनकी एकमात्र मंशा सिर्फ दंगा करना है।
उन्होंने कांग्रेस के उन आरोपों को भी बेबुनियादी करार दिया, जिसमें कहा जा रहा है कि भाजपा ने राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित होकर मनरेगा का नाम बदला।
शहजाद पूनावाला ने कहा कि अगर सही मायने में देखा जाए तो गांधी विरोधी कोई और नहीं, बल्कि कांग्रेस ही है।