दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल भाजपा में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी, जिला-बूथ स्तर तक बदलाव संभव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पश्चिम बंगाल इकाई अक्टूबर 2026 में दुर्गा पूजा से पहले व्यापक संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी में है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव जिला, मंडल (ब्लॉक) और बूथ — तीनों स्तरों पर होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जमीनी संगठनात्मक ढाँचे को मज़बूत करना है।
फेरबदल की मुख्य वजह
सूत्रों के मुताबिक, पिछले दो महीनों में जिन नेताओं के खिलाफ राज्य स्तर पर शिकायतें दर्ज की गई हैं, उन्हें उनके मौजूदा पदों से हटाया जा सकता है। यह कदम पश्चिम बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद संगठन को अनुशासित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा, 'संगठन में फेरबदल का मकसद जमीनी स्तर पर लंबे समय से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं को शामिल करना भी है, जो अवांछित तत्वों को अंदर आने से प्रभावी ढंग से रोक सकें।'
'एक व्यक्ति, एक पद' नीति का असर
राज्य समिति में भी बदलाव की संभावना है। पार्टी की 'एक व्यक्ति, एक पद' नीति के तहत हाल ही में राज्य कैबिनेट में शामिल हुए कुछ भाजपा विधायकों को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है। हालाँकि राज्य समिति के एक सदस्य ने स्पष्ट किया, 'यह नियम उन सभी राज्य मंत्रियों पर एक समान रूप से लागू नहीं होगा जो राज्य के नेताओं के तौर पर भी पद संभाले हुए हैं।'
राष्ट्रीय पदों के लिए बंगाल नेताओं की सिफारिश
माना जा रहा है कि राज्य नेतृत्व भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव के पदों के लिए पश्चिम बंगाल के दो नेताओं की सिफारिशों पर विचार कर रहा है। राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान पंचायत मामलों एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष पहले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा पहले राष्ट्रीय सचिव का पद संभाल चुके हैं। दोनों नेता राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं की 'घर वापसी' पर रोक
सूत्रों के अनुसार, राज्य में सरकार बदलने के बाद से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई जमीनी स्तर के नेता — जो कथित तौर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं — भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि खबर है कि राज्य नेतृत्व ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे ऐसे 'अवांछित तत्वों' को पार्टी में प्रवेश न करने दें। यह निर्देश संगठन की विश्वसनीयता बनाए रखने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
यह फेरबदल अक्टूबर 2026 में दुर्गा पूजा से पहले पूरा किए जाने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पुनर्गठन भाजपा के लिए अगले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी जड़ें और मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है। संगठन में दीर्घकालिक कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का यह कदम पार्टी की आंतरिक अनुशासन नीति को भी रेखांकित करता है।