क्या देश की जनता ने कांग्रेस को यह साबित कर दिया कि भगवान श्रीराम केवल काल्पनिक नहीं हैं? राज भूषण चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- भगवान राम
- राहुल गांधी को विकास के मुद्दों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
- राज ठाकरे की टिप्पणियों से समाज में विभाजन हो सकता है।
- कांग्रेस में अंतर्कलह की चर्चाएँ जारी हैं।
- राजनीतिक बयानबाजी में धार्मिक भावनाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अयोध्या दौरे और रामलला के दर्शन करने के संबंध में दिए गए बयान पर राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी के सांसद राज भूषण चौधरी ने बुधवार को कांग्रेस पर जोरदार हमला किया।
भाजपा सांसद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "जो लोग कभी भगवान राम को काल्पनिक समझते थे, उन्हें देशवासियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राम सिर्फ एक कहानी का हिस्सा नहीं हैं। भगवान राम को मानने वाले और उनकी पूजा करने वाले लोगों ने उन्हें उनकी औकात दिखा दी है, और अब वे मंदिर जाने का दिखावा कर रहे हैं।"
राज भूषण चौधरी ने राहुल गांधी के भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दिए गए हालिया बयान को लेकर कहा, "भारत ने पिछले 11 वर्षों में हर क्षेत्र में, चाहे वह स्वास्थ्य, सड़क अवसंरचना या रक्षा हो, अपार विकास किया है। यदि राहुल गांधी को यह परिवर्तन नजर नहीं आ रहा है, तो उन्हें अपनी आंखों की दृष्टि जांच कराने की आवश्यकता है।"
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के हिंदी थोपने वाले बयान पर भी भाजपा सांसद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "राज ठाकरे जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वह देश को बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं। हर भारतीय नागरिक का भारत के हर हिस्से में अधिकार है।"
राज भूषण चौधरी ने कांग्रेस कार्यालय में आयोजित दही-चूड़ा भोज में कांग्रेस विधायकों की अनुपस्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "उनकी राजनीति के कारण निश्चित रूप से पार्टी में अंतर्कलह देखने को मिल रही है।"