30 जुलाई 2026
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संयुक्त अभ्यास में यूएस मरीन ड्रोन कोरियाई सीमा क्षेत्र में घुसा, चेओरवोन में नागरिक निकासी

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संयुक्त अभ्यास में यूएस मरीन ड्रोन कोरियाई सीमा क्षेत्र में घुसा, चेओरवोन में नागरिक निकासी

सारांश

संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान एक यूएस मरीन ड्रोन उत्तर कोरिया की सीमा से सटे प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गया — जिससे चेओरवोन में नागरिक निकासी हुई। यह घटना उस वक्त हुई जब 2018 का अंतर-कोरियाई सैन्य समझौता पहले से निलंबित है और सीमा पर तनाव बना हुआ है।

मुख्य बातें

30 जुलाई 2026 को संयुक्त अभ्यास के दौरान यूएस मरीन कॉर्प्स का एक ड्रोन उत्तरी ग्योंगगी प्रांत के सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर गया।
सोल से 70 किलोमीटर उत्तर में चेओरवोन में एहतियातन नागरिक निकासी की गई।
JCS और USFK दोनों ने पुष्टि की कि ड्रोन यूएस-दक्षिण कोरिया द्विपक्षीय प्रशिक्षण का हिस्सा था।
2018 का अंतर-कोरियाई सैन्य समझौता — जो DMZ के 15 किमी (पूर्व) और 10 किमी (पश्चिम) में उड़ान पर रोक लगाता था — पहले से निलंबित है।
ड्रोन या तो निर्धारित मार्ग से भटका या उसकी उड़ान की जानकारी स्थानीय दक्षिण कोरियाई इकाइयों से साझा नहीं की गई थी।
दक्षिण कोरियाई सेना घटना की पूरी जाँच कर रही है।

दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान 30 जुलाई 2026 को एक यूएस मरीन कॉर्प्स का मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उत्तर कोरिया की सीमा से सटे उत्तरी ग्योंगगी प्रांत के प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर गया, जिसके बाद सोल से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर में स्थित चेओरवोन में नागरिकों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) और यूएस फोर्सेज कोरिया (USFK) दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है।

घटनाक्रम: कैसे हुई चूक

दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के अनुसार, उत्तरी ग्योंगगी प्रांत में एक जनरल आउटपोस्ट के दक्षिण में एक UAV का पता चला। प्रारंभ में दक्षिण कोरियाई सेना अपने निगरानी उपकरणों से ड्रोन को तो देख सकी, लेकिन तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह उत्तर कोरिया से आया है या नहीं।

जाँच के बाद JCS के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, 'आगे की जांच-पड़ताल के बाद, इस UAV की पहचान प्रशिक्षण में शामिल यूएस मिलिट्री ड्रोन के रूप में की गई।' इसके बाद तय प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशनल कदम उठाए गए।

यूएसएफके का बयान

यूएस फोर्सेज कोरिया ने पुष्टि की कि यह ड्रोन यूएस मरीन और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के फर्स्ट मरीन डिवीजन के बीच द्विपक्षीय प्रशिक्षण के दौरान उड़ाया जा रहा था। USFK ने कहा, 'यूएस मरीन कॉर्प्स के कर्मी घटना से जुड़ी परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं और रिपब्लिक ऑफ कोरिया मरीन कॉर्प्स के सहयोगियों तथा संबंधित स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं।'

विश्लेषकों के अनुसार, दो संभावनाएँ हैं — या तो ड्रोन की नियोजित उड़ान की जानकारी क्षेत्र में तैनात दक्षिण कोरियाई सैन्य इकाइयों के साथ साझा नहीं की गई थी, या ड्रोन अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया।

नो-फ्लाई जोन और 2018 का समझौता

यह घटना ऐसे समय में हुई जब 2018 का अंतर-कोरियाई सैन्य समझौता पहले से ही निलंबित है। यह समझौता पूर्व राष्ट्रपति मून जे-इन के कार्यकाल में प्योंगयांग के साथ सीमा पर अनजाने टकराव रोकने के लिए स्थापित किया गया था। इसके तहत डीमिलिटराइज्ड जोन (DMZ) के पूर्वी हिस्से में 15 किलोमीटर और पश्चिमी हिस्से में 10 किलोमीटर के दायरे में विमानों और ड्रोन की उड़ान प्रतिबंधित थी।

JCS अधिकारी ने यह बताने से इनकार किया कि क्या ड्रोन ने इस नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया था। गौरतलब है कि दोनों कोरिया के बीच बिगड़ते संबंधों के कारण यह समझौता पहले ही रोका जा चुका था।

नागरिकों पर असर और स्थानीय प्रतिक्रिया

घटना का पता चलते ही चेओरवोन में अलर्ट जारी किया गया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। यह क्षेत्र उत्तर-दक्षिण कोरियाई सीमा के साथ बफर जोन के निकट है। सेना ने स्पष्ट किया कि निकासी एहतियातन की गई थी और स्थिति नियंत्रण में आ गई है।

आगे क्या होगा

दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि वह अमेरिकी ड्रोन की उड़ान के बारे में और जानकारी जुटा रही है। यह घटना कोरियाई प्रायद्वीप पर सैन्य समन्वय और सूचना-साझाकरण प्रोटोकॉल पर नए सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब संयुक्त अभ्यास की आवृत्ति बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन DMZ के पास किसी भी अज्ञात उड़ान का पता चलना उत्तर कोरिया को गलत संकेत दे सकता है। असली सवाल यह है कि क्या अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाओं के बीच उड़ान-सूचना साझाकरण के प्रोटोकॉल इस स्तर के संयुक्त अभ्यासों के लिए पर्याप्त हैं — और यदि नहीं, तो यह चूक किसी और गंभीर घटना की पूर्व-सूचना हो सकती है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएस मरीन ड्रोन कोरियाई सीमा क्षेत्र में कैसे घुसा?
दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास के दौरान 30 जुलाई 2026 को यूएस मरीन कॉर्प्स का एक UAV उत्तरी ग्योंगगी प्रांत के प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर गया। अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन या तो अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया या उसकी उड़ान की जानकारी स्थानीय दक्षिण कोरियाई इकाइयों से साझा नहीं की गई थी।
चेओरवोन में नागरिक निकासी क्यों की गई?
जब सीमा क्षेत्र में अज्ञात ड्रोन का पता चला तो एहतियातन सोल से 70 किलोमीटर उत्तर में स्थित चेओरवोन में अलर्ट जारी किया गया और निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। यह क्षेत्र उत्तर-दक्षिण कोरियाई सीमा के बफर जोन के निकट है।
2018 का अंतर-कोरियाई सैन्य समझौता क्या था और यह क्यों निलंबित है?
यह समझौता राष्ट्रपति मून जे-इन के कार्यकाल में प्योंगयांग के साथ सीमा पर अनजाने टकराव रोकने के लिए बनाया गया था। इसके तहत DMZ के पूर्व में 15 किमी और पश्चिम में 10 किमी के दायरे में विमान और ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित था। दोनों कोरिया के बीच बिगड़ते संबंधों के कारण इसे निलंबित कर दिया गया।
क्या इस घटना से उत्तर कोरिया के साथ तनाव बढ़ सकता है?
JCS अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ड्रोन ने नो-फ्लाई जोन का उल्लंघन किया या नहीं। हालाँकि, 2018 का समझौता पहले से निलंबित है, इसलिए औपचारिक उल्लंघन का सवाल नहीं उठता। फिर भी संवेदनशील सीमा क्षेत्र में किसी भी अज्ञात उड़ान की घटना कूटनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है।
USFK और JCS ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?
USFK ने पुष्टि की कि ड्रोन उनका था और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। JCS ने कहा कि तय प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशनल कदम उठाए गए और जाँच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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