27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केएडीआईजेड में चीन-रूस के लगभग 10 सैन्य विमान, दक्षिण कोरिया ने तैनात किए लड़ाकू विमान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केएडीआईजेड में चीन-रूस के लगभग 10 सैन्य विमान, दक्षिण कोरिया ने तैनात किए लड़ाकू विमान

सारांश

दक्षिण कोरिया के केएडीआईजेड में चीन-रूस के लगभग 10 सैन्य विमानों का प्रवेश — 2019 से जारी एक पैटर्न की ताज़ा कड़ी। बमवर्षक और लड़ाकू विमानों की मौजूदगी और सोल की तत्काल सैन्य प्रतिक्रिया बताती है कि उत्तर-पूर्व एशिया में हवाई तनाव नई ऊँचाई पर है।

मुख्य बातें

चीन और रूस के लगभग 10 सैन्य विमान — बमवर्षक और लड़ाकू विमान सहित — 27 जून 2026 को केएडीआईजेड में संक्षिप्त रूप से दाखिल हुए।
विमानों ने दक्षिण कोरिया के वास्तविक संप्रभु हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया।
जेसीएस ने स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान तुरंत तैनात किए।
जेसीएस अधिकारी के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर चीन-रूस संयुक्त हवाई अभ्यास के दौरान हुई।
इससे पहले 9 दिसंबर 2025 को भी 9 चीनी-रूसी विमान केएडीआईजेड में दाखिल हुए थे, जिसके बाद सोल ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।
2019 से अब तक दोनों देश वर्ष में एक-दो बार बिना पूर्व सूचना के यह कदम उठाते रहे हैं।

दक्षिण कोरिया की सेना ने 27 जून 2026 को बताया कि चीन और रूस के लगभग 10 सैन्य विमान देश के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर स्थित कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (केएडीआईजेड) में संक्षिप्त रूप से दाखिल हुए और फिर वापस लौट गए। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अनुसार, दोनों देशों के विमान क्रमवार तरीके से एयर डिफेंस जोन में प्रवेश करने के बाद बाहर निकल गए।

मुख्य घटनाक्रम

जेसीएस के हवाले से बताया गया है कि इस बार के विमानों के दल में बमवर्षक और लड़ाकू विमान दोनों शामिल थे। हालाँकि, इन विमानों ने दक्षिण कोरिया के वास्तविक संप्रभु हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया। दक्षिण कोरियाई सेना ने विमानों के केएडीआईजेड में प्रवेश करने से पहले ही उनकी पहचान कर ली और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए अपने वायुसेना के लड़ाकू विमान तुरंत तैनात कर दिए।

केएडीआईजेड क्या होता है

गौरतलब है कि एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन वास्तविक संप्रभु हवाई क्षेत्र नहीं होता। यह एक ऐसा निर्धारित क्षेत्र होता है जहाँ विदेशी विमानों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी पहचान सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अनजाने टकराव से बचा जा सके। इसके बावजूद, बिना पूर्व सूचना के इस क्षेत्र में प्रवेश को सैन्य दृष्टि से गंभीरता से लिया जाता है।

संयुक्त अभ्यास की संभावना

जेसीएस के एक अधिकारी के अनुसार, यह घटना कथित तौर पर चीन और रूस के बीच चल रहे संयुक्त हवाई अभ्यास के दौरान हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी संयुक्त सैन्य गतिविधियाँ बढ़ाते रहे हैं।

पिछली घटनाओं का संदर्भ

यह पहली बार नहीं है। 9 दिसंबर 2025 को भी चीन और रूस के नौ सैन्य विमान केएडीआईजेड में प्रवेश कर गए थे — जिनमें दो चीनी और सात रूसी विमान शामिल थे। उस घटना के बाद सोल ने दोनों देशों के रक्षा प्रतिनिधियों से औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। आँकड़ों के अनुसार, 2019 से अब तक दोनों देश संयुक्त अभ्यासों के दौरान बिना पूर्व सूचना के वर्ष में एक या दो बार अपने सैन्य विमान केएडीआईजेड में भेज चुके हैं। यह बार-बार होने वाला पैटर्न दक्षिण कोरिया की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा करता है।

आगे क्या होगा

इस ताज़ा घटना के बाद दक्षिण कोरिया की ओर से कूटनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जैसा कि दिसंबर 2025 की घटना में हुआ था। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम उत्तर-पूर्व एशिया में सैन्य तनाव के बदलते समीकरणों का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार दक्षिण कोरिया औपचारिक विरोध के बाद चुप हो जाता है — जो इस रणनीति को और प्रोत्साहित करता है। असली सवाल यह है कि क्या सोल के पास इस दोहराव को रोकने के लिए कोई ठोस कूटनीतिक या सैन्य जवाब है, या यह 'तैनाती और वापसी' का चक्र यूँ ही चलता रहेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केएडीआईजेड क्या है और यह संप्रभु हवाई क्षेत्र से कैसे अलग है?
केएडीआईजेड यानी कोरिया एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन एक स्व-घोषित निगरानी क्षेत्र है, न कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत मान्यता प्राप्त संप्रभु हवाई क्षेत्र। इसमें प्रवेश करने वाले विदेशी विमानों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी पहचान सुनिश्चित करें, ताकि अनजाने टकराव से बचा जा सके।
27 जून 2026 को केएडीआईजेड में कितने और किस तरह के विमान दाखिल हुए?
जेसीएस के अनुसार, लगभग 10 चीनी और रूसी सैन्य विमान — जिनमें बमवर्षक और लड़ाकू विमान शामिल थे — दक्षिण कोरिया के पूर्वी और दक्षिणी समुद्री क्षेत्रों के ऊपर केएडीआईजेड में क्रमवार तरीके से दाखिल हुए और फिर वापस लौट गए। उन्होंने वास्तविक संप्रभु हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं किया।
दक्षिण कोरिया ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
दक्षिण कोरियाई सेना ने विमानों की पहचान पहले ही कर ली और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमान तुरंत तैनात कर दिए। अभी तक औपचारिक कूटनीतिक विरोध की जानकारी सामने नहीं आई है।
क्या इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं?
हाँ, 9 दिसंबर 2025 को भी चीन के दो और रूस के सात सैन्य विमान केएडीआईजेड में दाखिल हुए थे, जिसके बाद सोल ने दोनों देशों के रक्षा प्रतिनिधियों से औपचारिक विरोध दर्ज कराया था। 2019 से यह सिलसिला वर्ष में एक-दो बार दोहराया जाता रहा है।
इन घटनाओं के पीछे चीन और रूस का मकसद क्या माना जाता है?
जेसीएस अधिकारियों के अनुसार, ये घटनाएँ कथित तौर पर चीन-रूस के संयुक्त हवाई अभ्यासों के दौरान होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उत्तर-पूर्व एशिया में दोनों देशों की बढ़ती सैन्य साझेदारी और क्षेत्रीय दबाव की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले