23 जुलाई 2026
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क्या किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ पर स्पष्टीकरण मांगा?

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क्या किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ पर स्पष्टीकरण मांगा?

सारांश

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा रही है। जानें क्या है पूरा मामला और किम यो-जोंग का क्या कहना है।

मुख्य बातें

किम यो-जोंग का बयान दक्षिण कोरिया के साथ तनाव को बढ़ा सकता है।
उत्तर कोरिया ने ड्रोन घुसपैठ का आरोप लगाया है।
दक्षिण कोरिया का मंत्रालय आरोपों का खंडन कर रहा है।
राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने जांच के आदेश दिए हैं।
दोनों देशों के बीच संवाद की आवश्यकता है।

सोल, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। उत्तर कोरिया का आरोप है कि ड्रोन दक्षिण कोरिया से उसकी सीमाओं में घुसपैठ कर गया था।

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया के सेंट्रल कमेटी की वाइस डिपार्टमेंट डायरेक्टर किम यो-जोंग ने यह बयान दिया। किम यो-जोंग ने कहा, "आरओके की सेना ने समझदारी से यह कहा है कि यह उनकी तरफ से नहीं किया गया और उनका कोई उकसाने का इरादा नहीं है, लेकिन फिर भी ड्रोन के मामले पर विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए, चाहे वह सैन्य हो या नागरिक।"

उनका यह बयान उत्तर कोरिया की न्यूज एजेंसी केसीएनए द्वारा जारी किया गया। आरओके, रिपब्लिक ऑफ कोरिया का संक्षिप्त नाम है और यह दक्षिण कोरिया का आधिकारिक नाम है।

किम ने चेतावनी दी कि अगर कोई और उकसावा हुआ, तो 'भयानक परिणाम' भुगतने होंगे।

किम ने कहा, "यह स्पष्ट है कि आरओके के ड्रोन ने हमारे देश के एयरस्पेस का उल्लंघन किया है। यदि आरओके भविष्य में फिर से हमारे खिलाफ उकसावे की कार्रवाई करेगा, तो उसे भयानक परिणाम भुगतने होंगे।"

उत्तर कोरिया का कहना है कि ड्रोन से बरामद वीडियो में एक यूरेनियम खदान, कैसोंग में बंद अंतर-कोरियाई औद्योगिक परिसर और उत्तर कोरियाई सीमा चौकियों की छवियां थीं।

किम ने यह भी चेतावनी दी, "अगर वे इसे किसी सिविलियन संगठन का काम बताते हैं और फिर यह थ्योरी देने की कोशिश करते हैं कि यह संप्रभुता का उल्लंघन नहीं है, तो वे डीपीआरके के सिविलियन संगठन की ओर से भेजे गए भारी तादाद में यूएवी देखेंगे।"

डीपीआरके का अर्थ है 'डेमोक्रेटिक पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया', जो उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है।

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि ड्रोन उनके सैन्य मॉडल का नहीं है और यह जांच चल रही है कि क्या कोई निजी संस्था इसमें शामिल थी। यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा रही है, और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने जांच के आदेश दिए हैं।

दक्षिण कोरिया में कंगनम्ह विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर फार ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर लिम ईउल-चुल ने किम के बयान को पुराने ढर्रे से अलग न होने का संकेत माना है। उनके मुताबिक, वे यह जताना चाहती हैं कि उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच कुछ भी नहीं बदलेगा, दुश्मनी जैसी थी वैसी ही रहेगी। इसके साथ ही, यह बयान सोल की शांति कोशिशों को नकारने के सरकार के नजरिए को स्पष्ट करने का तरीका भी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया से क्यों स्पष्टीकरण मांगा?
किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ के संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है।
उत्तर कोरिया का आरोप क्या है?
उत्तर कोरिया का आरोप है कि ड्रोन दक्षिण कोरिया से उसकी सीमा में घुसा था।
दक्षिण कोरिया का मंत्रालय इस पर क्या कहता है?
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि ड्रोन उनके सैन्य मॉडल का नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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