22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यून सुक येओल पर ड्रोन घुसपैठ के आरोप: सोल कोर्ट शुक्रवार को सुनाएगी फैसला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यून सुक येओल पर ड्रोन घुसपैठ के आरोप: सोल कोर्ट शुक्रवार को सुनाएगी फैसला

सारांश

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के लिए शुक्रवार का दिन निर्णायक है — ड्रोन घुसपैठ के आरोपों पर सोल कोर्ट फैसला सुनाएगी। उम्रकैद के बाद अब 30 साल की अतिरिक्त सज़ा की माँग, यह दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े राजनीतिक-सैन्य विवाद का अगला अध्याय है।

मुख्य बातें

सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इस सप्ताह शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के ड्रोन घुसपैठ मामले में फैसला सुनाएगी।
यून पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में प्योंगयांग के ऊपर ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया था — 3 दिसंबर 2024 के मार्शल लॉ के लिए बहाना बनाने हेतु।
विशेष जाँच दल की प्रमुख चो यून-सुक ने यून के लिए 30 साल की जेल की सज़ा की माँग की है।
पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून समेत दो अन्य पूर्व सैन्य अधिकारियों के मामलों पर भी इसी सप्ताह फैसला संभव।
फरवरी 2026 में यून को असफल मार्शल लॉ प्रयास के मामले में पहले ही उम्रकैद की सज़ा मिल चुकी है।

दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के खिलाफ ड्रोन घुसपैठ से जुड़े आरोपों पर सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इस सप्ताह शुक्रवार को फैसला सुनाने वाली है। अधिकारियों ने 7 जून 2026 को यह जानकारी दी। यून पर दुश्मन को फायदा पहुँचाने और अपने अधिकारों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप हैं।

मुख्य आरोप क्या हैं

यून पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में दक्षिण कोरियाई सेना को प्योंगयांग के ऊपर ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया था। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह कदम 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने के लिए एक बहाना तैयार करने की कथित रणनीति का हिस्सा था। विशेष जाँच दल का कहना है कि इस ड्रोन घुसपैठ से उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य तनाव बढ़ा और सैन्य गोपनीय जानकारी भी उजागर हुई।

सज़ा की माँग और पूछताछ

विशेष जाँच दल की प्रमुख चो यून-सुक ने यून के लिए 30 साल की जेल की सज़ा की माँग की है। इससे पहले यून सत्ता के दुरुपयोग और नागरिक अधिकारों में बाधा डालने के आरोपों को लेकर पूछताछ के लिए ग्वाचोन स्थित विशेष जाँच दल के कार्यालय पहुँचे थे — सुबह करीब 10 बजे पहुँचकर शाम करीब 4:30 बजे निकले। फरवरी में जाँच दल के गठन के बाद यह उनकी पहली आधिकारिक पेशी थी। पूछताछ के दौरान यून ने कथित तौर पर मुख्य आरोपों से इनकार किया।

अन्य आरोपियों पर भी फैसला संभव

अदालत इसी सप्ताह पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून, पूर्व डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांड प्रमुख योओ इन-ह्युंग और पूर्व ड्रोन ऑपरेशंस कमांड प्रमुख मेजर जनरल किम योंग-डे के मामलों पर भी फैसला सुना सकती है। पूर्व रक्षा मंत्री पर उस दौरान ड्रोन अभियान का नेतृत्व करने, सत्ता के दुरुपयोग और सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं।

पृष्ठभूमि: पहले भी मिल चुकी है सज़ा

गौरतलब है कि फरवरी 2026 में एक अदालत यून को उनके असफल मार्शल लॉ प्रयास के मामले में पहले ही उम्रकैद की सज़ा सुना चुकी है। यह उस मामले में आया पहला न्यायिक फैसला था। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था मार्शल लॉ विवाद के बाद से गहरे संकट में है। शुक्रवार का फैसला यून के खिलाफ कानूनी कार्यवाही में एक और निर्णायक मोड़ होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यून सुक येओल पर ड्रोन घुसपैठ का आरोप क्या है?
यून पर आरोप है कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में दक्षिण कोरियाई सेना को प्योंगयांग के ऊपर ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया, ताकि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने का बहाना तैयार किया जा सके। जाँचकर्ताओं के अनुसार इससे उत्तर-दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य तनाव बढ़ा और गोपनीय सैन्य जानकारी उजागर हुई।
सोल कोर्ट कब फैसला सुनाएगी?
सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट इस सप्ताह शुक्रवार को यून सुक येओल के मामले में फैसला सुनाएगी। इसी दिन पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून सहित अन्य आरोपियों के मामलों पर भी निर्णय आ सकता है।
यून के लिए कितनी सज़ा की माँग की गई है?
विशेष जाँच दल की प्रमुख चो यून-सुक ने यून के लिए 30 साल की जेल की सज़ा की माँग की है। गौरतलब है कि फरवरी 2026 में यून को मार्शल लॉ के असफल प्रयास के लिए पहले ही उम्रकैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है।
इस मामले में और कौन-कौन से आरोपी हैं?
पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग-ह्यून, पूर्व डिफेंस काउंटरइंटेलिजेंस कमांड प्रमुख योओ इन-ह्युंग और पूर्व ड्रोन ऑपरेशंस कमांड प्रमुख मेजर जनरल किम योंग-डे भी इस मामले में आरोपी हैं। पूर्व रक्षा मंत्री पर ड्रोन अभियान का नेतृत्व करने और सैन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुँचाने के आरोप हैं।
यून सुक येओल पर मार्शल लॉ से जुड़े पहले के फैसले क्या थे?
फरवरी 2026 में एक अदालत ने यून को उनके असफल मार्शल लॉ प्रयास के मामले में उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। यह उस मामले में आया पहला न्यायिक फैसला था और अब ड्रोन घुसपैठ के अलग आरोपों पर शुक्रवार को अगला फैसला आने वाला है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले