13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दक्षिण कोरिया: पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल झूठी गवाही मामले में बरी, 8 अन्य मुकदमे जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दक्षिण कोरिया: पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल झूठी गवाही मामले में बरी, 8 अन्य मुकदमे जारी

सारांश

सोल की अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही मामले में बरी कर दिया, लेकिन विद्रोह के मुख्य मामले में आजीवन कारावास की सजा अभी भी बरकरार है। जुलाई से हिरासत में बंद यून पर कुल आठ मामले चल रहे हैं — दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक इतिहास में यह एक अभूतपूर्व संकट है।

मुख्य बातें

सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 28 मई 2026 को पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही मामले में बरी किया।
आरोप था कि यून ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू के विद्रोह ट्रायल में जानबूझकर गलत बयान दिया था।
अदालत ने माना कि यून का बयान उनकी स्मृति के विरुद्ध था — यह साबित नहीं हो सका।
मुख्य विद्रोह मामले में फरवरी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, जो अपील में है।
यून जुलाई से हिरासत में हैं और कुल 8 मामलों में उनके मुकदमे जारी हैं।

सोल की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 28 मई 2026 को दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को झूठी गवाही देने के मामले में बरी कर दिया। अदालत ने माना कि यह साबित करना मुश्किल है कि यून ने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू के विद्रोह मामले की सुनवाई के दौरान जानबूझकर गलत बयान दिया था। यह फैसला ऐसे समय आया है जब यून पर कुल आठ अलग-अलग मामलों में मुकदमे चल रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

आरोप था कि यून ने हान के ट्रायल में गवाही देते हुए यह धारणा बनाई कि 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने से ठीक पहले बुलाई गई कैबिनेट बैठक पहले से नियोजित थी। जबकि विशेष जांच टीम का दावा था कि यह बैठक मूल रूप से हान के सुझाव पर बुलाई गई थी और यून ने शुरुआत में इसकी कोई योजना नहीं बनाई थी।

नवंबर में हान के ट्रायल के दौरान यून से गवाह के रूप में पूछा गया था कि क्या तत्कालीन प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक बुलाने का सुझाव दिया था — ताकि मार्शल लॉ की घोषणा को प्रक्रियागत रूप से वैध दिखाया जा सके। यून ने इस सवाल पर आपत्ति जताते हुए कहा, 'कैबिनेट के सदस्य कोई गुड़िया नहीं हैं, जो सिर्फ दिखावे के लिए आकर बैठ जाएं।'

अदालत का तर्क

सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह मानना कठिन है कि यून ने ट्रायल में जो बयान दिया, वह उनकी अपनी स्मृति के विरुद्ध था। अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि इस बात की 'काफी संभावना' है कि हान के सुझाव से पहले ही यून कैबिनेट बैठक बुलाने की योजना बना चुके थे — जो विरोधाभासी रूप से अभियोजन पक्ष के मूल दावे को कमज़ोर करता है।

गौरतलब है कि दिसंबर में विशेष जांच टीम ने यून पर झूठी गवाही का आरोप लगाया था, लेकिन अदालत ने पाया कि आरोप के लिए आवश्यक 'जानबूझकर असत्य बोलने' का तत्व साबित नहीं हो सका।

यून की मौजूदा कानूनी स्थिति

पूर्व राष्ट्रपति यून जुलाई से हिरासत में हैं। उन पर कुल आठ मामलों में मुकदमे चल रहे हैं — जिनमें उनके असफल मार्शल लॉ प्रयास, उनकी पत्नी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप, और 2023 में एक मरीन की मौत से संबंधित मामले शामिल हैं।

मुख्य मामले में फरवरी में यून को मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश के ज़रिए विद्रोह का नेतृत्व करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह फैसला अभी अपील के दायरे में है।

राजनीतिक संदर्भ

यह मामला दक्षिण कोरिया के राजनीतिक इतिहास में एक असाधारण अध्याय है। 3 दिसंबर 2024 को यून द्वारा मार्शल लॉ की घोषणा — जिसे संसद ने महज कुछ घंटों में पलट दिया — ने देश में संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया की राजनीतिक व्यवस्था पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मज़बूती को लेकर गहरे सवाल उठ रहे हैं।

आगे क्या होगा

झूठी गवाही के मामले में बरी होने के बावजूद यून की कानूनी मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। विद्रोह के मुख्य मामले में आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ अपील प्रक्रिया जारी है। विश्लेषकों के अनुसार, शेष सात मामलों की सुनवाई आने वाले महीनों में निर्णायक मोड़ ले सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दरअसल अभियोजन पक्ष की मूल थीसिस को ही कमज़ोर करता है — और यह संकेत देता है कि जटिल राजनीतिक मामलों में साक्ष्य की सीमाएँ न्यायिक फैसलों को किस हद तक प्रभावित करती हैं। दक्षिण कोरिया के लिए असली सवाल यह है कि क्या यह पूरी प्रक्रिया संस्थागत जवाबदेही को मज़बूत कर रही है, या राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा कर रही है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यून सुक येओल को किस मामले में बरी किया गया?
सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यून को झूठी गवाही के मामले में बरी किया। आरोप था कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू के विद्रोह ट्रायल में जानबूझकर गलत बयान दिया था, जो अदालत में साबित नहीं हो सका।
यून सुक येओल पर मुख्य विद्रोह मामले में क्या सजा हुई है?
फरवरी 2026 में पहले स्तर के ट्रायल में यून को मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश के ज़रिए विद्रोह का नेतृत्व करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह सजा अभी अपील के दायरे में है।
3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ का क्या हुआ था?
यून ने 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ की घोषणा की थी, जिसे दक्षिण कोरिया की संसद ने कुछ ही घंटों के भीतर पलट दिया। इस घटना ने देश में गंभीर संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया और यून के खिलाफ कई मुकदमों की नींव रखी।
यून सुक येओल पर कुल कितने मामले चल रहे हैं?
यून पर कुल आठ मामलों में मुकदमे चल रहे हैं। इनमें असफल मार्शल लॉ प्रयास, उनकी पत्नी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप, और 2023 में एक मरीन की मौत से संबंधित मामले शामिल हैं।
झूठी गवाही मामले में अदालत ने बरी करने का आधार क्या बताया?
अदालत ने कहा कि यह साबित करना मुश्किल है कि यून ने अपनी स्मृति के विरुद्ध जानबूझकर गलत बयान दिया। साथ ही अदालत ने यह भी माना कि हान के सुझाव से पहले ही यून कैबिनेट बैठक बुलाने की योजना बना चुके थे — जो अभियोजन पक्ष के मूल तर्क को कमज़ोर करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले