क्या राहुल गांधी के व्यवहार के कारण लोग कांग्रेस को स्वीकार नहीं कर रहे?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी पर पीएम मोदी का अपमान करने का आरोप।
- कांग्रेस की विश्वसनीयता संकट में है।
- ईवीएम पर दोहरे मापदंड का मुद्दा।
- आदिवासी राष्ट्रपति का उदाहरण।
- भाजपा का समान अवसर का दृष्टिकोण।
कोलकाता, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा की नेता अग्निमित्रा पॉल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि राहुल गांधी हमेशा प्रधानमंत्री के लिए 'चाय वाला' जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। ऐसे शब्दों का चयन करने का उनका मुख्य उद्देश्य केवल प्रधानमंत्री का अपमान करना होता है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी की इन बातों का हम पर कोई असर नहीं है।
उन्होंने कहा कि मैं एक बात स्पष्ट करना चाहती हूं कि चाय बेचने वाले जैसे काम से जुड़े होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यह बात भी सच है कि भारतीय जनता पार्टी में कोई भी चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बनने का सफर तय कर सकता है। यही हमारी ताकत है कि हम सभी को समान अवसर प्रदान करते हैं।
भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि आज की स्थिति में आप देख सकते हैं कि देश के राष्ट्रपति पद पर आदिवासी समुदाय से आने वाली द्रौपदी मुर्मू हैं। यह सब कुछ भाजपा में ही संभव है और किसी अन्य पार्टी में ऐसा नहीं हो सकता। अफसोस है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस सच को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इसके विपरीत, वे लगातार ऐसी बातों का प्रचार कर रहे हैं जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के ऐसे राजनीतिक व्यवहार के कारण आज के समय में देशभर में कांग्रेस को कोई नहीं स्वीकार कर रहा है। देश की जनता कांग्रेस पर विश्वास नहीं कर पा रही है। कांग्रेस की विश्वसनीयता संकट में है।
उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम पर उठाए गए सवालों पर भी आपत्ति जताई। भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन राज्यों में ये लोग हार का सामना करते हैं, वहां ईवीएम खराब हो जाता है, जबकि जिन राज्यों में जीत मिलती है, वहां ईवीएम ठीक होती है। अब देश की जनता ऐसे लोगों के दोहरे मापदंड को स्वीकार नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब पंजाब में विपक्ष को जीत मिली, तब ईवीएम ठीक थी, लेकिन जब महाराष्ट्र में हार का सामना करना पड़ा, तो उन्हें ईवीएम में खराबी नजर आई। यही इन लोगों का दोहरा पैमाना है। यह विपक्ष के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।