पीएम मोदी के इटली दौरे से पहले रोम में उत्साह, राजदूत वाणी राव बोलीं — भारत का दीर्घकालिक विज़न असरदार

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पीएम मोदी के इटली दौरे से पहले रोम में उत्साह, राजदूत वाणी राव बोलीं — भारत का दीर्घकालिक विज़न असरदार

सारांश

पीएम मोदी के इटली दौरे से पहले रोम में उत्साह का माहौल है। राजदूत वाणी राव के अनुसार, यूरोप में व्यापार विविधीकरण की तलाश में भारत सबसे भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है। 2023 की रणनीतिक साझेदारी और पाँच वर्षीय एक्शन प्लान को इस दौरे से नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीघ्र इटली दौरे पर जाने वाले हैं; रोम में तैयारियाँ पूरी हैं।
राजदूत वाणी राव ने कहा कि यूरोप में व्यापार विविधीकरण की माँग के बीच भारत सबसे स्थिर और भरोसेमंद साझेदार बनकर उभरा है।
भारत-इटली के बीच माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट के तहत सीज़नल वर्क परमिट पर भारतीय कामगार पहले से इटली में कार्यरत हैं।
वेनिस आर्ट बिएनाले 2026 में भारत के समकालीन कला पवेलियन को अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
2023 में घोषित रणनीतिक साझेदारी और पाँच वर्षीय एक्शन प्लान के क्रियान्वयन को मोदी के दौरे से नई गति मिलने की उम्मीद।
दोनों देशों के बीच काउंटर-टेररिज्म पर संयुक्त कार्यकारी समूह सक्रिय; आतंकवाद की फंडिंग रोकने की नई पहल भी जारी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी इटली दौरे से पहले रोम में उत्साह का माहौल है और तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इटली में भारत की राजदूत वाणी राव ने 18 मई 2026 को कहा कि भारत का दीर्घकालिक दृष्टिकोण और रणनीतिक अप्रोच इटली सहित पूरे यूरोप में प्रभावशाली साबित हो रहा है। उनके अनुसार, वैश्विक व्यापार विविधीकरण की तलाश में यूरोपीय देश भारत को एक विश्वसनीय और स्थिर साझेदार के रूप में देख रहे हैं।

व्यापार और आर्थिक साझेदारी

राजदूत वाणी राव ने कहा, 'खासकर इस साल हमने देखा है कि पूरे यूरोप में लोग अपने व्यापार को विविध बनाने में बहुत दिलचस्पी दिखा रहे हैं। देश अधिक स्थिर और भरोसेमंद व्यापार साझेदार खोज रहे हैं और भारत इसके लिए एकदम सही स्थिति में है।' उन्होंने आगे कहा कि भारत ने लगातार तेज़ आर्थिक वृद्धि दर्ज की है और एक विशाल बाज़ार के रूप में उभरा है। विकसित भारत का दीर्घकालिक विज़न और अप्रोच यूरोप में वास्तविक प्रभाव छोड़ रहा है।

प्रवासन और कार्यबल सहयोग

राजदूत ने बताया कि भारत और इटली के बीच एक माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट पहले से मौजूद है, जिसके तहत सीज़नल वर्क परमिट पर भारतीय कामगार इटली आ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इटली की कार्यबल संरचना में और अधिक विविधता आएगी तथा अधिक भारतीय पेशेवर वहाँ काम करने का अवसर पाएँगे।

सांस्कृतिक कूटनीति और लोगों के बीच संबंध

राजदूत वाणी राव ने सांस्कृतिक कूटनीति को भारत-इटली संबंधों का अहम स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि इटली में योग, आयुर्वेद, भारतीय फिल्में और भारतीय व्यंजन बेहद लोकप्रिय हैं। इस वर्ष वेनिस आर्ट बिएनाले में भारत के समकालीन कला के राष्ट्रीय पवेलियन को अत्यंत सकारात्मक समीक्षाएँ मिली हैं और बड़ी संख्या में दर्शक वहाँ पहुँचे हैं।

सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद-विरोधी प्रयास

राजदूत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा सहयोग भारत की विदेश नीति की प्रमुख प्राथमिकता है और आतंकवाद के प्रति भारत का जीरो टॉलरेंस रवैया अटल है। भारत और इटली के बीच काउंटर-टेररिज्म पर एक संयुक्त कार्यकारी समूह के रूप में एक संवाद ढाँचा पहले से स्थापित है। पिछले वर्ष दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद की फंडिंग का मुकाबला करने के लिए एक नई पहल की घोषणा की थी।

पीएम मोदी के दौरे का महत्व

राजदूत वाणी राव ने प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे को ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 2023 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी, जिसके बाद एक पाँच वर्षीय एक्शन प्लान तैयार किया गया। दोनों सरकारें अब विभिन्न क्षेत्रों में इस योजना को लागू करने पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। यह दौरा उस रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापार विविधीकरण की यह रुचि अभी इरादों के स्तर पर है; ठोस निवेश प्रतिबद्धताओं में तब्दील होने में समय लगेगा। मोदी के दौरे की असली कसौटी यह होगी कि 2023 की रणनीतिक साझेदारी के पाँच वर्षीय एक्शन प्लान में कितने मापनीय लक्ष्य अब तक हासिल हुए हैं — और क्या इस दौरे में उनकी समीक्षा पारदर्शी तरीके से सामने आती है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का इटली दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
2023 में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की थी और एक पाँच वर्षीय एक्शन प्लान तैयार किया गया था। मोदी का यह दौरा उस साझेदारी को व्यावहारिक धरातल पर आगे बढ़ाने का अवसर है।
राजदूत वाणी राव ने भारत-इटली व्यापार संबंधों पर क्या कहा?
राजदूत वाणी राव ने कहा कि यूरोप में देश अधिक स्थिर और भरोसेमंद व्यापार साझेदार खोज रहे हैं और भारत इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थिति में है। भारत की लगातार तेज़ आर्थिक वृद्धि और विशाल बाज़ार इसे यूरोपीय निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
भारत और इटली के बीच माइग्रेशन एग्रीमेंट क्या है?
दोनों देशों के बीच एक माइग्रेशन और मोबिलिटी एग्रीमेंट मौजूद है, जिसके तहत सीज़नल वर्क परमिट पर भारतीय कामगार इटली में काम कर रहे हैं। राजदूत ने उम्मीद जताई कि भविष्य में अधिक भारतीय पेशेवर इटली में अवसर पाएँगे।
इटली में भारतीय सांस्कृतिक उपस्थिति कैसी है?
इटली में योग, आयुर्वेद, भारतीय फिल्में और भारतीय व्यंजन बेहद लोकप्रिय हैं। इस वर्ष वेनिस आर्ट बिएनाले में भारत के समकालीन कला के राष्ट्रीय पवेलियन को अत्यंत सकारात्मक समीक्षाएँ और बड़ी संख्या में दर्शक मिले हैं।
भारत-इटली सुरक्षा सहयोग किन क्षेत्रों में है?
दोनों देशों के बीच काउंटर-टेररिज्म पर एक संयुक्त कार्यकारी समूह के रूप में संवाद ढाँचा स्थापित है। पिछले वर्ष दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवाद की फंडिंग रोकने की एक नई पहल की घोषणा की थी, जिस पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
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