बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: गृह विभाग ने 63 अधिकारियों का तबादला, साइबर क्राइम व ATS को मिले नए अफसर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के गृह विभाग ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए डीएसपी रैंक के 61 अधिकारियों और 2 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का यह कदम हाल ही में हुए 16 आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद उठाया गया है, जो राज्य में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने की लगातार कोशिशों का हिस्सा है।
मुख्य तबादले और नई तैनाती
नुरुल हक को बिहार शरीफ के एसडीपीओ पद से हटाकर पटना में असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (निरीक्षण) के पद पर तैनात किया गया है। भागलपुर जिले के कहलगांव में सेवारत पंकज कुमार को पटना स्थित विशेष सतर्कता इकाई में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
इसी नाम के एक अन्य अधिकारी पंकज कुमार, जो बेगूसराय जिले के सदर अनुमंडल में सेवारत थे, को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर भेजा गया है। रघुनाथ सिंह का तबादला विशेष शाखा से साइबर अपराध इकाई में किया गया है।
जयनगर में एसडीपीओ के रूप में कार्यरत राघव दयाल को अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), पटना में डीएसपी के पद पर तैनात किया गया है। कटिहार जिले के सदर अनुमंडल में तैनात अभिजीत कुमार सिंह को पटना की अपराध एवं सुरक्षा इकाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
राजगीर में सेवारत सुनील कुमार सिंह को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई में भेजा गया है, जबकि कहलगांव में तैनात कल्याण आनंद को सहरसा में डीएसपी (साइबर अपराध) नियुक्त किया गया है।
आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती
आईपीएस अधिकारी गरिमा का मुजफ्फरपुर जिले के सरैया से तबादला कर उन्हें भागलपुर जिले के कहलगांव में एसडीपीओ नियुक्त किया गया है। वहीं, आईपीएस अधिकारी साकेत कुमार को मुंगेर जिले के तारापुर से हटाकर सदर बिहार शरीफ का एसडीपीओ बनाया गया है।
संवेदनशील इकाइयों को प्राथमिकता
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस फेरबदल में साइबर क्राइम विंग, स्पेशल ब्रांच, सीआईडी, एटीएस और स्पेशल विजिलेंस यूनिट जैसी रणनीतिक इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार साइबर अपराध और संगठित आपराधिक गतिविधियों से निपटने को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
गौरतलब है कि यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में साइबर ठगी और संगठित अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने का दबाव बढ़ा हुआ है। कई सब-डिविजनल पुलिस अधिकारियों (एसडीपीओ) को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं, जिससे विभागों के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य
बड़े पैमाने पर किए गए इस स्थानांतरण का मकसद पुलिसिंग की महत्वपूर्ण इकाइयों को मजबूत करना, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुधारना और उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अनुभवी अधिकारियों को तैनात करना बताया जा रहा है। लगातार हो रहे ये फेरबदल राज्य सरकार की उस नीति को दर्शाते हैं जिसमें कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी और सक्रिय, जवाबदेह पुलिसिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।
आने वाले हफ्तों में इन नव-नियुक्त अधिकारियों की कार्यक्षमता और उनके द्वारा संभाली गई इकाइयों का प्रदर्शन यह तय करेगा कि यह प्रशासनिक पुनर्गठन ज़मीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।