बिहार में 18 आईएएस अधिकारियों का बड़ा तबादला, सम्राट चौधरी सरकार ने किया व्यापक प्रशासनिक फेरबदल
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 मई 2026 को राज्य प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 18 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस कदम को राज्य में शासन को सुदृढ़ करने और प्रमुख विभागों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की नई नियुक्तियाँ
1996 बैच के आईएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार को गन्ना उद्योग विभाग से हटाकर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसी बैच के एचआर श्रीनिवासन को इस अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।
2001 बैच के अधिकारी और कोसी रेंज के मंडल आयुक्त राजेश कुमार का तबादला करके उन्हें लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। 1995 बैच के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. बी. राजेंद्र को शिक्षा और खेल विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है।
मंडल स्तर पर बदलाव
मुंगेर मंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीना (2000 बैच) को भागलपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दरभंगा मंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय (2010 बैच) को अगले आदेश तक कोसी मंडल (सहरसा) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अंशुल कुमार को कोसी और पूर्णिया मंडलों की अतिरिक्त मंडलीय जिम्मेदारियाँ दी गई हैं।
विभागीय सचिवों में फेरबदल
2002 बैच के पंकज कुमार पाल को सड़क निर्माण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। 2006 बैच के अभय कुमार सिंह को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है और वे बेल्ट्रॉन का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। इसी बैच के धर्मेंद्र सिंह को गन्ना उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
2007 बैच के दीपक आनंद को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया है, जबकि इसी बैच के विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा, खेल और चुनाव विभागों का प्रभार दिया गया है। अवनीश कुमार सिंह को खान और भूविज्ञान विभाग में सचिव-सह-खान आयुक्त नियुक्त किया गया है, साथ ही राज्य खनन निगमों की अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गई हैं।
2003 बैच के लोकेश कुमार सिंह, जो पर्यटन विभाग के सचिव हैं, को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। वे मुख्यमंत्री सचिवालय सहित अपने अन्य निर्धारित पदों पर बने रहेंगे।
जीविका और तकनीकी शिक्षा में बदलाव
2011 बैच के हिमांशु शर्मा, जो बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (जीविका) के सीईओ और राज्य मिशन निदेशक के रूप में कार्यरत थे, को पटना में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है। वे अगले आदेश तक जीविका के सीईओ और आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष ड्यूटी अधिकारी के रूप में अपनी अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ भी निभाते रहेंगे।
युवा अधिकारियों की तैनाती
इस फेरबदल में युवा अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। 2020 बैच के श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर और गुंजन सिंह को मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। 2021 बैच के शुभम कुमार को पटना में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्यमंत्री के पद पर तैनात किया गया है। यह व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन राज्य सरकार की उस मंशा को दर्शाता है, जिसमें वरिष्ठ और युवा अधिकारियों के बीच संतुलन बनाते हुए महत्वपूर्ण विभागों को सुदृढ़ किया जाए।