1 अक्टूबर 2026
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बिहार: विनय कुमार ने संभाला मुख्य सूचना आयुक्त का पद, RTI से पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर

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बिहार: विनय कुमार ने संभाला मुख्य सूचना आयुक्त का पद, RTI से पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर

सारांश

बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने 1 अक्टूबर को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त का पदभार संभाला। उन्होंने RTI के ज़रिये पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूत करने का संकल्प लिया, साथ ही सूचना के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

मुख्य बातें

विनय कुमार ने 1 अक्टूबर 2026 को बिहार के राज्य मुख्य सूचना आयुक्त का पद संभाला।
अंजनी कुमार सिंह को एक साथ राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई गई।
शपथ बिहार लोक भवन के दरबार हॉल में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने दिलाई।
विनय कुमार इससे पूर्व बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) रह चुके हैं और हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
नए आयुक्त ने RTI अधिनियम, 2005 के तहत पारदर्शिता बढ़ाने और सूचना के दुरुपयोग पर कार्रवाई करने का संकल्प व्यक्त किया।

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने 1 अक्टूबर 2026 को पटना स्थित बिहार लोक भवन के दरबार हॉल में विनय कुमार को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त तथा अंजनी कुमार सिंह को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

नए मुख्य सूचना आयुक्त का परिचय

विनय कुमार इससे पूर्व बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी, जिसके बाद उन्हें इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नियुक्त किया गया। अंजनी कुमार सिंह राज्य सूचना आयुक्त के रूप में उनके साथ कार्य करेंगे।

पारदर्शिता और जनहित पर पदभार ग्रहण के बाद दिया संदेश

पद की शपथ लेने के बाद विनय कुमार ने कहा कि सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत राज्य सूचना आयोग को दी गई जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग में मुख्य रूप से द्वितीय अपीलों की सुनवाई होती है और नागरिकों के सूचना-आवेदनों पर सुनवाई के बाद आदेश पारित किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास रहेगा कि जनता को उनकी वास्तविक और जनहित से जुड़ी सूचनाएँ समय पर उपलब्ध हों। उनके अनुसार, RTI अधिनियम का मूल उद्देश्य सरकार के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है।

RTI के दुरुपयोग पर सख्ती की चेतावनी

विनय कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सूचना प्राप्त कर उसका उपयोग किसी को डराने या ब्लैकमेल करने के लिए करता है, तो ऐसे मामलों के विभिन्न पहलुओं को आयोग गंभीरता से देखेगा। उन्होंने कहा कि यह देखा जाएगा कि सूचना किस उद्देश्य से माँगी गई है, संबंधित व्यक्ति ने पहले कितनी बार और किस प्रकार की सूचनाएँ प्राप्त की हैं, और उनका उपयोग किस तरह हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में RTI के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ी हैं। गौरतलब है कि RTI अधिनियम को लागू हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नागरिक समाज में चर्चा जारी है।

शासन में जवाबदेही को मिलेगा बल

नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त ने आश्वासन दिया कि आयोग RTI अधिनियम के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्य करेगा, ताकि नागरिकों को आवश्यक सूचनाएँ मिलें और शासन व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही मज़बूत हो। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार का उपयोग सकारात्मक और जनहितकारी उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।

राज्य सूचना आयोग की सक्रिय भूमिका बिहार जैसे बड़े राज्य में सुशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहाँ ज़िला स्तर पर सूचना-आवेदनों की संख्या हर वर्ष लाखों में होती है। नए नेतृत्व से उम्मीद की जा रही है कि लंबित मामलों के निस्तारण में तेज़ी आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि 'दुरुपयोग' की परिभाषा इतनी व्यापक न हो जाए कि वैध सूचना-अधिकारी ही हतोत्साहित हों। असली कसौटी यह होगी कि नया नेतृत्व लंबित अपीलों का निपटारा कितनी तेज़ी और निष्पक्षता से करता है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के नए राज्य मुख्य सूचना आयुक्त कौन हैं?
विनय कुमार को 1 अक्टूबर 2026 को बिहार का राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। वे इससे पूर्व बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे और हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।
बिहार राज्य सूचना आयोग का मुख्य काम क्या है?
राज्य सूचना आयोग RTI अधिनियम, 2005 के तहत नागरिकों की द्वितीय अपीलों की सुनवाई करता है और सूचना-आवेदनों पर आदेश पारित करता है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रखना है।
विनय कुमार ने RTI के दुरुपयोग पर क्या कहा?
विनय कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति सूचना का उपयोग किसी को डराने या ब्लैकमेल करने के लिए करता है, तो आयोग ऐसे मामलों को गंभीरता से लेगा। उन्होंने कहा कि सूचना किस उद्देश्य से माँगी गई और उसका किस प्रकार इस्तेमाल हुआ, इसकी भी जाँच की जाएगी।
शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन उपस्थित थे?
शपथ ग्रहण समारोह पटना के बिहार लोक भवन के दरबार हॉल में आयोजित हुआ। इसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सहित राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अंजनी कुमार सिंह कौन हैं?
अंजनी कुमार सिंह को 1 अक्टूबर 2026 को विनय कुमार के साथ ही बिहार का राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया। उन्हें भी राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने उसी समारोह में शपथ दिलाई।
राष्ट्र प्रेस
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